हरियाणाः और बढ़ेगी चौटाला परिवार की रार, दुष्यंत ने अनुशासन समिति को बताया अवैध
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चौटाला कुनबे में चल रही रार और बढ़ने के आसार बन गए है। इनेलो से निलंबन का दंड झेल रहे दुष्यंत चौटाला ने अब इनेलो सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला की ओर से गठित अनुशासन कमेटी को ही अवैध बता दिया है। ऐसा कर उन्होंने अपने दादा ओपी चौटाला को एक तरह से नई चुनौती दे दी है।
ओपी चौटाला की ओर से गठित अनुशासन कमेटी के चेयरमैन शेर सिंह बड़शामी को बनाया गया है। गुरुग्राम में हुई बैठक में दुष्यंत चौटाला के निलंबन का मामला इनेलो सुप्रीमो ने इसी कमेटी को सौंपा है और इस कमेटी ने दुष्यंत से 25 अक्टूबर तक रिपोर्ट मांगी थी। उल्लेखनीय है कि दुष्यंत पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप है। इनेलो की गोहाना रैली में अभय के खिलाफ कार्यकर्ताओं से हूटिंग करवाई गई।
उधर, अनुशासन समिति ने अभी अपनी रिपोर्ट नहीं दी है, लेकिन दुष्यंत चौटाला ने कार्यालय सचिव नछत्तर सिंह मलहान के माध्यम से अनुशासन समिति के अध्यक्ष को पत्र लिखकर एक बार फिर अपने खिलाफ सबूत मांग लिए हैं। दुष्यंत ने समिति के अस्तित्व को असंवैधानिक बताते हुए कहा है कि वह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं कर रही है। लोकतांत्रिक प्रणाली में कानून का शासन चलता है, शासन का कानून नहीं। उनका इशारा सीधे-सीधे अपने दादा के फैसले के विरुद्ध है।
उन्होंने अनुशासन समिति के अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा कि मैं जननायक देवी लाल के आदर्शों के अनुरूप काम करने में भरोसा रखता हूं। ओम प्रकाश चौटाला के नेतृत्व में मुझे काम करने का मौका मिला, यह भी मेरे लिए गौरव है। पार्टी को नुकसान पहुंचाने के आरोपों से मैं आहत हुआ हूं। 14 और 17 अक्तूबर को मैंने अपने ऊपर लगे आरोपों के साक्ष्य मांगे थे, ताकि मैं अपनी सफाई दे सकूं, लेकिन मुझे अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। दुष्यंत चौटाला के अनुसार अनुशासन समिति के आचरण को देखते हुए उन्हें आशंका है कि उनके अधिकारों का हनन किया जाएगा। पार्टी कार्यालय व अनुशासन समिति पूरी कार्रवाई में मुझे जान बूझकर अनदेखा कर रही है।