ईवीएम पर वोट डालते हुए फोटो और वीडियो पोस्ट करना पड़ा महंगा, चुनाव आयोग ने उठाया बड़ा कदम
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लोकसभा चुनाव में रविवार को कुराली में दो युवकों ने फेसबुक पर लाइव मतदान किया। यह मामला सामने आते ही हड़कंप मच गया। कुराली पुलिस ने राहुल कालिया और भानु प्रताप के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, केंद्र में तैनात पोलिंग स्टाफ पर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ प्रिजाइडिंग अफसर को भी बदल दिया गया है।
डीसी-कम-जिला निर्वाचन अधिकारी गुरप्रीत कौर सपरा ने बताया कि पोलिंग बूथ नंबर 150 सरकारी कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल कुराली में राहुल कालिया और भानु प्रताप ने फेसबुक लाइव होकर मतदान किया है। उन्होंने बताया कि वोट डालने की प्रक्रिया पूरी तरह से गुप्त होती है।
इससे निर्वाचन आयोग के आदेशों का उल्लंघन हुआ है। उन्होंने इस पोलिंग बूथ पर तैनात सुरक्षा अमले के खिलाफ ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। इन वोटरों को आखिर चेकिंग किए बिना ही पोलिंग बूथ में कैसे जाने दिया, इसकी भी जांच की जा रही है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पोलिंग बूथ पर प्रिजाइनिंग अफसर जोगिंदर सिंह, सुपरिंटेंडेंट दफ्तर पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड परीक्षा शाखा मोहाली को तुरंत प्रभाव से पोलिंग ड्यूटी से हटा दिया गया। इस बूथ के एपीआरओ मलका सीनियर सहायक दफ्तर डीपीआई प्राइमरी पंजाब मोहाली को प्रिजाइडिंग अफसर का काम सौंपने और रिजर्व स्टाफ में रखे गए एक मुलाजिम को पोलिंग अफसर लगाने के आदेश दिए।
पुलिस जांच कर रही है कि आखिरकार वोट डालते समय फोटो किसने लिया। आरोपी ने खुद फोटो लिया है या फिर कोई व्यक्ति उसके साथ था। लुधियाना में यह कोई एक मामला नहीं है। फेसबुक पर कई लोगों ने इस तरह ईवीएम के साथ वोट डालने की फोटो अपलोड की है।
गौर हो कि लुधियाना निवासी एक व्यक्ति ने अपनी फेसबुक पर तीन फोटो डालीं। इसमें एक फोटो में ईवीएम पर कांग्रेस प्रत्याशी को वोट डाली जा रही है। दो अन्य फोटो में पोलिंग बूथ के बाहर की फोटो है। शिकायत मिलते ही तुरंत फेसबुक पेज को खंगालते हुए उसका नाम जाना गया।
इसके तुरंत बाद संबंधित पोलिंग बूथ की वोटर लिस्ट में उसका नाम और पता मिल गया। सारी जानकारी पुख्ता होने के बाद डीसी प्रदीप अग्रवाल ने पुलिस कमिश्नर को इसकी शिकायत भेज दी। पुलिस ने तुरंत आरोपी को हिरासत में ले लिया।
कांग्रेस प्रत्याशी का एजेंट वीडियो बनाता काबू
सलेमटाबरी के पोलिंग बूथ नंबर 3 पर कांग्रेस प्रत्याशी के एजेंट को वीडियो बनाते काबू किया गया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उसे काबू कर पुलिस के हवाले कर दिया। एजेंट का नाम मनप्रीत सिंह है। थाना सेलमटाबरी पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
मतदान केंद्रों के भीतर मोबाइल ले जाने पर लागू की गई पाबंदी का उल्लंघन करने का एक मामला सामने आया है। शहर के टाउन हाल में बने बूथ नंबर 100 पर किसी वोटर ने ईवीएम पर बटन दबाते हुए अपना 15 सेकंड का वीडियो व्हाट्सएप के ग्रुप में शेयर किया गया।
यह वीडियो कुछ ही पलों में वायरल हो गया। सुबह 8:32 पर अपलोड किए गए इस वीडियो के बारे में पता जिला निर्वाचन अधिकारी ईशा कालिया ने मौके पर पहुंचकर जांच की और बूथ के पीठासीन अधिकारी व पुलिस पार्टी को बदल दिया।
मतदान प्रक्रिया के दौरान वोट डालते समय मोबाइल से बनाया गया वीडियो व्हाट्सएप पर वायरल हो रहा था। 15 सेकेंड के इस वीडियो में मतदाता ईवीएम पर भाजपा प्रत्याशी के नाम के आगे बटन दबाते हुए दिख रहा था। इस बारे में पता चलने पर जिला निर्वाचन अधिकारी सह डीसी ईशा कालिया ने संबंधित बूथ पर जा कर पड़ताल की।
पड़ताल के दौरान सामने आया कि यह वीडियो होशियारपुर विधान सभा हलके अधीन पड़ते टाऊन हाल (पुराना कमेटी दफ़्तर) के बूथ नंबर 100 का है। डीसी ने बताया कि बूथ का दौरा करके जांच की गई और लापरवाही सामने आने पर तुरंत उक्त बूथ के पीठासीन अधिकारी को तत्काल प्रभाव से बदल दिया गया।
इस के अलावा एसएसपी ने बूथ पर तैनात पुलिस पार्टी को भी तुरंत बदल दिया। डीसी ने बताया कि वीडियो बनाने वाले की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस जांच जारी है।
खुद का चेहरा दिखाए बिना बनाया 10 सेकेंड का वीडियो
मतदान के दिन चंडीगढ़ में ईवीएम पर वोटिंग करते हुए एक वीडियो वायरल हुआ है। दस सेकेंड के इस वायरल वीडियो में व्यक्ति झाड़ू के निशान पर लाइव वोटिंग करते दिख रहा है। इस वीडियो में व्यक्ति ने खुद का चेहरा दिखाए बिना ही दस सेकेंड की वीडियो बनाई है। इसके बाद इसे वायरल कर दिया गया। वीडियो के वायरल होते ही यह जगह-जगह चर्चा का विषय बन गया है।
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर शहर के अलग अलग हिस्सों में 597 वोटिंग बूथ बनाए गए थे। रविवार सुबह 7 बजे से ही मतदाताओं की बूथ पर लंबी लाइन लगी थी। इस दौरान पुलिस समेत कई कंपनियां सुरक्षा में तैनात थी। सुरक्षा कारणों की वजह से बूथ के अंदर मोबाइल ले जाना पूरी तरह से बैन कर दिया गया था।
बूथ के अंदर जाने वाले सभी मतदाताओं की चेकिंग और उनसे पूछताछ की जा रही थी, कि उनके पास कोई मोबाइल तो नहीं हैं। ऐसे में पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा हो गया कि इतने कड़े इंतजाम के बावजूद कैसे कोई व्यक्ति ईवीएम मशीन पर वोट डालते लाइव वीडियो बना ली।