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मुफ्त बिजली का भार: पंजाब में एक साल में 11 फीसदी बढ़ी खपत, विशेषज्ञों की राय-शर्तों के साथ लागू करें योजना
Sat, 02 Sep 2023 03:56 PM IST
निवेदिता वर्मा
रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 02 Sep 2023 03:56 PM IST
सार
पंजाब की मान सरकार ने चुनावी वादे के मुताबिक बीते साल 300 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा शुरू की थी। इसका ज्यादा लाभ लेने के लालच में एक ही घर में लोगों ने दो-दो बिजली के कनेक्शन ले लिए। माहिरों का कहना है कि कोई भी चीज बिना किसी सीमा के जब मुफ्त दी जाती है, तो समस्या करती है। यही हाल मुफ्त बिजली सुविधा के साथ है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पंजाब सरकार की मुफ्त बिजली योजना के कारण एक साल में बिजली की खपत 11 फीसदी बढ़ गई है। पावरकॉम को साल 2021-22 के मुकाबले 2022-23 में 4994 करोड़ की अधिक बिजली बाहर से खरीदनी पड़ी है। महंगी बिजली व कोयले की खरीद पर करोड़ों रुपये खर्च करने पड़े। हालांकि, सरकार ने वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर बिजली सब्सिडी का भुगतान कर दिया है, लेकिन पंजाब की मौजूदा आर्थिक स्थिति को देखते हुए बढ़ती बिजली सब्सिडी की भविष्य में समय से अदायगी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
तीन लाख से अधिक बढ़े घरेलू उपभोक्ता
पंजाब की मान सरकार ने चुनावी वादे के मुताबिक बीते साल 300 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा शुरू की थी। इसका ज्यादा लाभ लेने के लालच में एक ही घर में लोगों ने दो-दो बिजली के कनेक्शन ले लिए। यही प्रमुख वजह है कि साल 2022-23 में खास तौर से घरेलू उपभोक्ताओं की गिनती में बीते साल के मुकाबले 3,04,642 का इजाफा दर्ज किया गया।
2021-22 में पंजाब में 74,42,330 घरेलू खपतकार थे, वहीं 2022-23 में इनकी गिनती 77,46,972 पहुंच गई। मुफ्त होने के कारण लोगों ने ज्यादा बिजली का इस्तेमाल किया। सर्दियों में भी खपत पिछले कईं सालों के मुकाबले ज्यादा रही। 2022-23 में कुल खपत 11 फीसदी की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।
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यह भी पढ़ें: पंजाब का नया दर्द: कॉन्ट्रैक्ट मैरिज में लुट रही जवानी, विदेश जाने की चाह में... न खुदा ही मिला न विसाल-ए-सनम
2021-22 में कुल 62382 लाख यूनिट बिजली की खपत की तुलना में 2022-23 में 69204 लाख यूनिट की खपत की गई, जिसके चलते पावरकाम को बाहर से 28582 करोड़ की बिजली की खरीद करनी पड़ी। इस वर्ष बिजली की खरीद साल 2020-21 की 23588 करोड़ के मुकाबले 4994 करोड़ अधिक रही। यह बिजली पावरकॉम ने औसतन 5.25 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से खरीदी। इनमें से करीब 11785 करोड़ की बिजली पावरकॉम ने अकेले प्राइवेट थर्मल प्लांटों राजपुरा, तलवंडी साबो व गोइंदवाल से खरीदी।
पावरकॉम पर 18700 करोड़ का कर्ज
पावरकॉम पर 18700 करोड़ का कर्ज है। इनमें से 8800 करोड़ के लोन पावरकॉम को 2022-23 में जरूरी खर्चे पूरे करने के लिए उठाने पड़े। इनमें बाहर से बिजली व कोयले की खरीद के अलावा मुलाजिमों का वेतन देने के खर्च शामिल रहे। गनीमत यह है कि चालू वित्तीय वर्ष में सरकार की ओर से बिजली सब्सिडी की नियमित अदायगी की जा रही है।
यह भी पढ़ें: Punjab: पंचायतें भंग करने के मामले में अधिकारियों के निलंबन पर नाराजगी, आईएएस लॉबी और सरकार में टकराव के आसार
आर्थिक स्थिति के लिए ठीक नहीं
ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के प्रवक्ता वीके गुप्ता ने कहा कि कोई भी चीज बिना किसी सीमा के जब मुफ्त दी जाती है, तो समस्या करती है। यही हाल मुफ्त बिजली सुविधा के साथ है। पंजाब सरकार को इस स्कीम को दोबारा से रिव्यू करके कुछ शर्तों के साथ लागू करना चाहिए। हर किसी को इस सुविधा का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए। जो बिल अदा कर सकते हैं, उन्हें बिजली मुफ्त क्यों दी जाए। इससे बिजली खरीद से लेकर कोयले की खरीद का खर्चा बढ़ेगा, जो पंजाब की मौजूदा आर्थिक स्थिति के लिए ठीक नहीं है।
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तीन लाख से अधिक बढ़े घरेलू उपभोक्ता
पंजाब की मान सरकार ने चुनावी वादे के मुताबिक बीते साल 300 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा शुरू की थी। इसका ज्यादा लाभ लेने के लालच में एक ही घर में लोगों ने दो-दो बिजली के कनेक्शन ले लिए। यही प्रमुख वजह है कि साल 2022-23 में खास तौर से घरेलू उपभोक्ताओं की गिनती में बीते साल के मुकाबले 3,04,642 का इजाफा दर्ज किया गया।
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2021-22 में पंजाब में 74,42,330 घरेलू खपतकार थे, वहीं 2022-23 में इनकी गिनती 77,46,972 पहुंच गई। मुफ्त होने के कारण लोगों ने ज्यादा बिजली का इस्तेमाल किया। सर्दियों में भी खपत पिछले कईं सालों के मुकाबले ज्यादा रही। 2022-23 में कुल खपत 11 फीसदी की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।
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2021-22 में कुल 62382 लाख यूनिट बिजली की खपत की तुलना में 2022-23 में 69204 लाख यूनिट की खपत की गई, जिसके चलते पावरकाम को बाहर से 28582 करोड़ की बिजली की खरीद करनी पड़ी। इस वर्ष बिजली की खरीद साल 2020-21 की 23588 करोड़ के मुकाबले 4994 करोड़ अधिक रही। यह बिजली पावरकॉम ने औसतन 5.25 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से खरीदी। इनमें से करीब 11785 करोड़ की बिजली पावरकॉम ने अकेले प्राइवेट थर्मल प्लांटों राजपुरा, तलवंडी साबो व गोइंदवाल से खरीदी।
पावरकॉम पर 18700 करोड़ का कर्ज
पावरकॉम पर 18700 करोड़ का कर्ज है। इनमें से 8800 करोड़ के लोन पावरकॉम को 2022-23 में जरूरी खर्चे पूरे करने के लिए उठाने पड़े। इनमें बाहर से बिजली व कोयले की खरीद के अलावा मुलाजिमों का वेतन देने के खर्च शामिल रहे। गनीमत यह है कि चालू वित्तीय वर्ष में सरकार की ओर से बिजली सब्सिडी की नियमित अदायगी की जा रही है।
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आर्थिक स्थिति के लिए ठीक नहीं
ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के प्रवक्ता वीके गुप्ता ने कहा कि कोई भी चीज बिना किसी सीमा के जब मुफ्त दी जाती है, तो समस्या करती है। यही हाल मुफ्त बिजली सुविधा के साथ है। पंजाब सरकार को इस स्कीम को दोबारा से रिव्यू करके कुछ शर्तों के साथ लागू करना चाहिए। हर किसी को इस सुविधा का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए। जो बिल अदा कर सकते हैं, उन्हें बिजली मुफ्त क्यों दी जाए। इससे बिजली खरीद से लेकर कोयले की खरीद का खर्चा बढ़ेगा, जो पंजाब की मौजूदा आर्थिक स्थिति के लिए ठीक नहीं है।