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चंडीगढ़ में रामलीला के मंचन पर छाए कोरोना संकट के बादल, दशहरा मेला किया जा सकता है रद्द
Thu, 16 Jul 2020 12:21 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2020 12:21 PM IST
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रामलीला का मंचन करते कलाकार
- फोटो : अमर उजाला
इस वर्ष कोरोना वायरस के कारण कई बड़े त्योहारों पर समारोह नहीं हो पाएंगे। कोरोना वायरस के कारण जन्माष्टमी के आयोजन से लेकर नवरात्र में रामलीला और दशहरा का आयोजन पर संकट के बादल छा गए हैं। चंडीगढ़ केंद्रीय रामलीला महासभा के चेयरमैन भूपेंद्र शर्मा ने कहा कि इस बार रामलीला का मंचन होना मुश्किल है।
रामलीला की तैयारियां ढाई महीना पहले ही शुरू हो जाता है। इस वर्ष 17 अक्तूबर को शारदीय नवरात्र का शुभारंभ होगा। नवरात्र के दौरान पूरे शहर भर में चालीस से भी अधिक जगहों पर रामलीला कमेटियां रामलीलाओं का मंचन करते हैं। रामलीला के मंचन के लिए कलाकार दो से ढाई महीना पहले से ही रिहर्सल करते हैं। इस बार कोरोना के कारण ऐसा संभव नहीं है।
शहर के लाखों लोग रामलीला के मंचन से वंचित हो जाएंगे। साथ ही शहर में करीब दो दर्जन से भी अधिक जगहों पर दशहरा का आयोजन होता है। इस बार लोग इसका नजारा लेने से भी वंचित रह जाएंगे। साथ ही कालीबाड़ी, बंग भवन व अन्य जगहों पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जाती है। लेकिन इस बार यह सब होना संभव नहीं लग रहा।
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रामलीला की तैयारियां ढाई महीना पहले ही शुरू हो जाता है। इस वर्ष 17 अक्तूबर को शारदीय नवरात्र का शुभारंभ होगा। नवरात्र के दौरान पूरे शहर भर में चालीस से भी अधिक जगहों पर रामलीला कमेटियां रामलीलाओं का मंचन करते हैं। रामलीला के मंचन के लिए कलाकार दो से ढाई महीना पहले से ही रिहर्सल करते हैं। इस बार कोरोना के कारण ऐसा संभव नहीं है।
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शहर के लाखों लोग रामलीला के मंचन से वंचित हो जाएंगे। साथ ही शहर में करीब दो दर्जन से भी अधिक जगहों पर दशहरा का आयोजन होता है। इस बार लोग इसका नजारा लेने से भी वंचित रह जाएंगे। साथ ही कालीबाड़ी, बंग भवन व अन्य जगहों पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जाती है। लेकिन इस बार यह सब होना संभव नहीं लग रहा।
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