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डीएसई दफ्तर की गड़बड़ी : वरिष्ठता सूची में योग्य शिक्षकों के नाम गायब, आरोपी शामिल
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चंडीगढ़। डायरेक्टर स्कूल एजूकेशन (डीएसई) दफ्तर की ओर से 20 दिसंबर को जारी मास्टर कैडर की वरिष्ठता सूची में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। विभाग ने स्कूलों के साथ बिना मिलान किए संभावित वरिष्ठता सूची जारी कर दी। इसमें दो आरोपी शिक्षकों के नाम सूची में डाल दिए जबकि योग्य शिक्षकों के नाम सूची से गायब हैं। सबसे अहम बात यह है कि एक महीने बीत जाने के बावजूद इस सूची को संशोधित नहीं किया गया है।
डीएसई के इस्टेबलिशमेंट विभाग की ओर स्कूलों के साथ सूची में शामिल किए जाने वाले शिक्षकों के नाम और पद का मिलान किया जाता है। इसके बाद सूची बनाकर सूची जारी की जाती है। लेकिन विभाग ने स्कूलों के साथ बिना जांच किए ही दो आरोपी शिक्षकों के नाम सूची में डाल दिए। इसमें एक शिक्षक पर सितंबर 2020 में अपनी पत्नी के कत्ल के आरोप लगे हैं। वहीं कई योग्य शिक्षकों के नाम सूची से गायब हैं।
सूची जारी करने के बाद शिक्षकों से आपत्ति दर्ज करने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया था। शिक्षकों ने अपनी आपत्ति भी दायर करवाई, लेकिन एक माह बीतने के बावजूद विभाग की ओर से अभी तक संशोधित सूची जारी नहीं की गई है। शिक्षकों ने बताया कि सेवानिवृत्त शिक्षकों के नाम सूची में डाले गए हैं, लेकिन योग्य शिक्षकों के नाम सूची में नहीं है। उन्होंने कहा कि आपत्ति दायर कराने के बावजूद इस पर गौर नहीं किया गया। सूची में 243 मास्टर कैडर के शिक्षक शामिल थे।
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ये रही बड़ी गलतियां
- सूची में 238 नंबर पर जीएमएसएसएस-47 के हिंदी के शिक्षक मनदीप सिंह का नाम डाला गया है जबकि मनदीप सिंह पर पत्नी के कत्ल का आरोप लगा है। मनदीप सितंबर 2020 से ही अपने छोटे बेटे के साथ फरार है। स्कूल में उसे सेवाओं से हटाया भी जा चुका है।
- सूची में 196 नंबर पर ललित कला के शिक्षक रविंदर शर्मा ने भी एलटीसी अवेल करने के नाम पर लाखों के जाली हवाई टिकट लगाए थे। इसके बाद उसे स्कूल की सेवाओं से हटा दिया गया था।
कोट
सूची में आरोपी शिक्षकों के नामों की जानकारी नहीं
मेरे पास अभी तक ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि मास्टर कैडर की सूची में आरोपी शिक्षकों का नाम है। अगर ऐसा है तो इसकी जांच करवाई जाएगी कि ऐसी लापरवाही कैसे हुई। - एसएस गिल, शिक्षा सचिव, यूटी
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डीएसई के इस्टेबलिशमेंट विभाग की ओर स्कूलों के साथ सूची में शामिल किए जाने वाले शिक्षकों के नाम और पद का मिलान किया जाता है। इसके बाद सूची बनाकर सूची जारी की जाती है। लेकिन विभाग ने स्कूलों के साथ बिना जांच किए ही दो आरोपी शिक्षकों के नाम सूची में डाल दिए। इसमें एक शिक्षक पर सितंबर 2020 में अपनी पत्नी के कत्ल के आरोप लगे हैं। वहीं कई योग्य शिक्षकों के नाम सूची से गायब हैं।
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सूची जारी करने के बाद शिक्षकों से आपत्ति दर्ज करने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया था। शिक्षकों ने अपनी आपत्ति भी दायर करवाई, लेकिन एक माह बीतने के बावजूद विभाग की ओर से अभी तक संशोधित सूची जारी नहीं की गई है। शिक्षकों ने बताया कि सेवानिवृत्त शिक्षकों के नाम सूची में डाले गए हैं, लेकिन योग्य शिक्षकों के नाम सूची में नहीं है। उन्होंने कहा कि आपत्ति दायर कराने के बावजूद इस पर गौर नहीं किया गया। सूची में 243 मास्टर कैडर के शिक्षक शामिल थे।
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ये रही बड़ी गलतियां
- सूची में 238 नंबर पर जीएमएसएसएस-47 के हिंदी के शिक्षक मनदीप सिंह का नाम डाला गया है जबकि मनदीप सिंह पर पत्नी के कत्ल का आरोप लगा है। मनदीप सितंबर 2020 से ही अपने छोटे बेटे के साथ फरार है। स्कूल में उसे सेवाओं से हटाया भी जा चुका है।
- सूची में 196 नंबर पर ललित कला के शिक्षक रविंदर शर्मा ने भी एलटीसी अवेल करने के नाम पर लाखों के जाली हवाई टिकट लगाए थे। इसके बाद उसे स्कूल की सेवाओं से हटा दिया गया था।
कोट
सूची में आरोपी शिक्षकों के नामों की जानकारी नहीं
मेरे पास अभी तक ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि मास्टर कैडर की सूची में आरोपी शिक्षकों का नाम है। अगर ऐसा है तो इसकी जांच करवाई जाएगी कि ऐसी लापरवाही कैसे हुई। - एसएस गिल, शिक्षा सचिव, यूटी