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फानों की राख में पाकिस्तान से नशे की तस्करी का 'काला खेल', ऐसे चलता है देखिए

Tue, 08 May 2018 04:28 PM IST
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 08 May 2018 04:28 PM IST
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drugs smuggling on indo-pak border punjab
International Border
भारत-पाकिस्तान सीमा पर फसलों के अवशेष जलाकर उसकी राख की आड़ में भी नशे की तस्करी का 'काला खेल' खेला जा रहा है। इसी को लेकर इस सीजन में बीएसएफ पूरी तरह अलर्ट और सख्त भी है। पंजाब में भारत-पाक सीमा से सटे सभी गांवों में बीएसएफ ने चेतावनी दे दी है कि कोई भी किसान फेंसिंग के दोनों ओर अपनी जमीन पर फसल के अवशेष में आग नहीं लगाएगा।
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यदि किसी किसान ने ऐसा किया, तो प्रशासन के माध्यम से उस किसान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा बीएसएफ ने इस समय दिन और रात की पेट्रोलिंग और ज्यादा बढ़ा दी है। साथ ही गांवों में किसानों को प्रेरित भी किया जा रहा है कि वे फसल के अवशेष को जलाने की बजाए उसे खत्म करने के वैकल्पिक तरीका ढूंढे।
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रात को आग लगाकर भाग जाते हैं तस्कर
राख की आड़ में नशा तस्करी का खेल फेंसिंग के दोनों ओर किसानों के खेतों में चलता है। दिन में तो बीएसएफ खासी अलर्ट रहती है, लेकिन रात के समय कई नशा तस्करी घुप अंधेरे की आड़ में आग लगाकर भाग जाते हैं। देखते ही देखते ये आग बॉर्डर फेसिंग के साथ-साथ दूर तक पहुंच जाती है। ऐसा उन इलाकों में किया जाता है, जहां बीएसएफ की बीओपी (बॉर्डर आउट पोस्ट) बहुत दूर-दूर तक होती है। आग की सूचना लगने के बाद  उस आग को काबू पाने में बहुत वक्त लगता है, लेकिन तस्कर अपने मंसूबों में कामयाब हो जाते हैं।
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राख की आड़ में ऐसी होती है नशा तस्करी
सीमा पर फेंसिंग के दोनों ओर भारतीय किसानों की हजारों एकड़ जमीन है। देश के  तकसीम होने के बाद जब फेंसिंग लगाई गई तो बॉर्डर विलेज के बहुत से किसानों की जमीनें फेसिंग के उस पार भी चली गई। फेंसिंग के उस पार (पाक की ओर) 150 मीटर तक भी किसानों की जमीनें मौजूद हैं। उस जमीन पर खेती करने के लिए बीएसएफ ही शेड्यूल जारी करती है और अपनी स्पेशल विंग किसान गार्ड का वहां खेती करने बाकायदा किसानों के साथ भेजती है।

बीएसएफ के एक आला अफसर ने बताया कि फसल कटाई के बाद तस्कर किसानों से मिलीभगत कर जानबूझकर फसल अवशेष जलाने का काम करते हैं। पाकिस्तान से नशा तस्कर अवशेष जलने के बाद उसकी काली राख में काले पैकेट में लपेटकर नशा फेंकदेते हैं, जो आसानी से नहीं दिखता और फिर यह नशा स्थानीय किसानों के माध्यम से हिंदुस्तान में पहुंच जाता है।


एक माह पहले मारा गया था नशा तस्कर
एक महीना पहले ही अजनाला सेक्टर के रामकोट इलाके में बीएसएफ ने पाकिस्तान से नशा लेकर घुसपैठ कर रहे एक तस्कर को मार गिराया था, जबकि दूसरे को काबू कर लिया था। ये तस्कर गेहूं की बड़ी हुई फसल की आड़ में घुसने की कोशिश कर रहे थे।

 
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