फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Drugs network running from Punjab jails

Chandigarh News: पंजाब की जेलों से चल रहा ड्रग्स का नेटवर्क, 200 कैदी बठिंडा शिफ्ट

Sat, 20 Jul 2024 08:39 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो विशाल पाठक चंडीगढ़।
विशाल पाठक चंडीगढ़। Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Sat, 20 Jul 2024 08:39 PM IST
सार

पंजाब की जेलों में बंद कैदी भी ड्रग्स के धंधा चला रहे हैं। जेलों से चल रहे इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए पंजाब पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने राज्य की अलग-अलग जेलों से करीब 200 कैदियों को बठिंडा की सेंट्रल जेल शिफ्ट किया है।

विज्ञापन
Drugs network running from Punjab jails
जेल - फोटो : प्रतीकात्मक

विस्तार

नशे के नासूर से परेशान पंजाब में जेलें नशा तस्करी का सबसे बड़ा अड्डा हैं। जेलों में बड़े पैमाने पर ड्रग्स नेटवर्क चल रहा है। इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए पंजाब पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने राज्य की अलग-अलग जेलों से करीब 200 कैदियों को बठिंडा की सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया है। यहां इनको स्पेशल सेल में अलग-अलग रखा जाएगा।

विज्ञापन


एसटीएफ के अनुसार यह जेल से बैठकर पूरा नेटवर्क ऑपरेट कर रहे थे। एसटीएफ ने दावा किया कि बठिंडा जेल में शिफ्ट करने से वह इस नेटवर्क को तोड़ने में कामयाब हुई है।एसटीएफ प्रमुख कुलदीप सिंह ने बताया कि उनकी टीम प्रदेश भर की जेलों में इंटेलिजेंस के आधार पर मिले इनुपट के जरिये इन कैदियों पर आठ माह से नजर रख रही थी। कई कैदी विदेश से आ रही ड्रग्स की खेप को पंजाब में उतरवाने और इसे ठिकाने लगाने का काम कर रहे थे।
विज्ञापन


टेक्निकल इंटेजिलेंस से पकड़े 200 कैदी
एसटीएफ प्रमुख ने बताया कि 200 कैदियों को पकड़ने के लिए उनकी टीम ने प्रदेश की हर जेल का तकनीकी रूप से मुआयना किया। पंजाब की जिन जेलों में हार्ड कोर क्रिमिनल या नशा तस्करी के मामले में जो कैदी सजा काट रहे थे, उन पर टेक्निकल इंटेजिलेंस से निगरानी रखी जा रही थी। उल्लेखनीय है कि पंजाब की कई जेलों में आसानी से मोबाइल फोन उपलब्ध होने व जैमर के प्रभावी न होेने के कारण यह कैदी जेल के अंदर से ड्रग्स का नेटवर्क ऑपरेट कर रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


कई कैदी पाकिस्तान से मंगवा रहे थे नशा
एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि कई कैदी पाकिस्तान के ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े थे। वे अपने नेटवर्क का इस्तेमाल कर बॉर्डर पार से नशा मंगवाते थे। अब इन कैदियों को बठिंडा की स्पेशल सेल में इसलिए रखा गया है, क्योंकि यहां से मोबाइल पर किसी से भी संपर्क कर पाना नामुमकिन है, क्योंकि बठिंडा सेंट्रल जेल के दो किलोमीटर के दायरे में सिग्नल ऑपरेट नहीं किया जा सकता। यहां केवल सीमित नेटवर्क के जरिये ही कैदियों या स्टाफ को लैंडलाइन से संपर्क करने की अनुमति है। जेल से की गई हर बातचीत रिकॉर्ड की जाती है।


सीएम से स्टाफ बढ़ाने की मांग
एसटीएफ में इस समय 400 के करीब अफसर व जवान हैं। जल्द ही स्पेशल टास्क फोर्स में अफसरों व जवानों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसको लेकर एसटीएफ चीफ ने पंजाब के मुख्यमंत्री और डीजीपी गौरव यादव से स्टाफ बढ़ाने की मांग की है। बताया जा रहा है एसटीएफ के स्टाफ को दोगुना किया जाएगा। यहां मौजूदा स्टाफ को 800 तक किए जाने का प्रस्ताव भेजा गया है, क्योंकि प्रदेश में बढ़ते ड्रग्स और आर्म्स की तस्करी के कई केस पेंडिंग रह जाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed