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बुड़ैल जेल में कैदियों के जरिए ड्रग्स का धंधा, दायर की गई जनहित याचिका
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 18 May 2017 02:02 PM IST
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burail jail
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बुड़ैल जेल में सजा काट चुके सरबजीत सिंह उर्फ रॉकी ने एक जनहित यचिका दाखिल कर कैदियों के जरिए नशे की सप्लाई का आरोप लगाया है। पूरे जेल प्रशासन को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। याचिका में कहा गया कि जेल में बड़े पैमाने पर कैदियों को ड्रग्स, चिट्टा, स्मैक, बीड़ी, कैप्सूल आदि नशीले पदार्थों की सप्लाई हो रही है। याची ने स्पेशल सीक्रेट टीम बनाकर इस मामले की जांच करने और अपनी जान-माल की सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई है।
याचिका पर हाईकोर्ट जल्द सुनवाई करेगा। रॉकी ने जनहित याचिका दाखिल करते हुए कहा कि बुडै़ल जेल में कैदियों को सुधार के लिए लाया जाता है। लेकिन जिस प्रकार यहां नशे की सप्लाई और जेल मैनुअल का उल्लंघन हो रहा है उससे यह नशेडियों का अड्डा बनती जा रही है। याची ने बताया है कि जेल में नशीले पदार्थों की सप्लाई के लिए योजनाबद्घ तरीके से काम किया जाता है। इसमें अधिकारियों की मिलीभगत रहती है।
रॉकी ने कहा कि जब जेल में मौजूद कोई कैदी पेशी के लिए जाता है तो वहीं से योजना आरंभ हो जाती है। पेशी से वापस आते हुए उसके माध्यम से नशे की खेप जेल तक पहुंचती है। सही चेकिंग के अभाव में यह नशा जेल के कैदियों के लिए उपलब्ध होता है। हालांकि इसकी कीमत बाहर के मुकाबले जेल के अंदर 3 से 50 गुना तक हो जाती है।
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याचिका पर हाईकोर्ट जल्द सुनवाई करेगा। रॉकी ने जनहित याचिका दाखिल करते हुए कहा कि बुडै़ल जेल में कैदियों को सुधार के लिए लाया जाता है। लेकिन जिस प्रकार यहां नशे की सप्लाई और जेल मैनुअल का उल्लंघन हो रहा है उससे यह नशेडियों का अड्डा बनती जा रही है। याची ने बताया है कि जेल में नशीले पदार्थों की सप्लाई के लिए योजनाबद्घ तरीके से काम किया जाता है। इसमें अधिकारियों की मिलीभगत रहती है।
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रॉकी ने कहा कि जब जेल में मौजूद कोई कैदी पेशी के लिए जाता है तो वहीं से योजना आरंभ हो जाती है। पेशी से वापस आते हुए उसके माध्यम से नशे की खेप जेल तक पहुंचती है। सही चेकिंग के अभाव में यह नशा जेल के कैदियों के लिए उपलब्ध होता है। हालांकि इसकी कीमत बाहर के मुकाबले जेल के अंदर 3 से 50 गुना तक हो जाती है।
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पैसे के दम पर सुविधाएं
जेल
इसके साथ ही याची ने जेल मैनुअल के पालन में भी भेदभाव का आरोप लगाया है। उसने कहा कि जेल में पैसे के दम पर ए और बी क्लास कैटेगरी की सुविधाएं पेश की जाती हैं। हर सुविधा का मूल्य पहले से निर्धारित रहता है। इतना ही नहीं डाक्टर भी कैदियों को सस्ती दवाएं देते हैं और रजिस्टर में एंट्री मंहगी दवाओं की होती है।
ये है जेल का रेट चार्ट
रॉकी ने याचिका में कहा कि चिट्टा जेल में 15 हजार रुपए प्रतिग्राम उपलब्ध करवाया जाता है। बाहर इसकी कीमत लगभग 5 हजार रुपए प्रति ग्राम है और बाकी का हिस्सा सब में बंटता है इसलिए इसकी कीमत चढ़ जाती है। 3 हजार रूपए प्रतिग्राम मिलने वाली स्मैक जेल में 10 हजार रूपए प्रतिग्राम बिकती है। बीड़ी का बंडल 150 व खैनी गुटका 500 रुपए में बिकता है।
सुरक्षा की मांग
याचिकाकर्ता ने बताया है कि, इस मामले के उजागर करने के बाद से ही उसे धमिकयां मिल रही हैं और उस पर दो बार हमला भी हो चूका है लिहाजा उसे पर्याप्त सुरक्षा भी उपलब्ध करवाई जाये और जेल की जाँच के लिए स्पैशल सीक्त्रस्ेट टीम गठित कर जाँच करवाई जाए।
ये है जेल का रेट चार्ट
रॉकी ने याचिका में कहा कि चिट्टा जेल में 15 हजार रुपए प्रतिग्राम उपलब्ध करवाया जाता है। बाहर इसकी कीमत लगभग 5 हजार रुपए प्रति ग्राम है और बाकी का हिस्सा सब में बंटता है इसलिए इसकी कीमत चढ़ जाती है। 3 हजार रूपए प्रतिग्राम मिलने वाली स्मैक जेल में 10 हजार रूपए प्रतिग्राम बिकती है। बीड़ी का बंडल 150 व खैनी गुटका 500 रुपए में बिकता है।
सुरक्षा की मांग
याचिकाकर्ता ने बताया है कि, इस मामले के उजागर करने के बाद से ही उसे धमिकयां मिल रही हैं और उस पर दो बार हमला भी हो चूका है लिहाजा उसे पर्याप्त सुरक्षा भी उपलब्ध करवाई जाये और जेल की जाँच के लिए स्पैशल सीक्त्रस्ेट टीम गठित कर जाँच करवाई जाए।