चंडीगढ़। शहर में ड्रग्स की समस्या से निपटने के लिए राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण ‘नई दिशा’ अभियान शुरू करने जा रहा है। सेवा प्राधिकरण के सह कार्यकारी अध्यक्ष और पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जसवंत सिंह ने इस अभियान को शुरू करने पर सहमति दी है। यह भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए नशा मुक्ति भारत अभियान ‘नालसा योजना’ (नशाखोरी के शिकार और नशीली दवाओं के खतरे का उन्मूलन के लिए कानूनी सेवाएं) के तहत एक कार्यक्रम है।
न्यायाधीश जसवंत सिंह ने कहा कि राज्य की कई एजेंसियां और गैर-सरकारी संगठन मादक पदार्थों की तस्करी और नशीली दवाओं के सेवन के उन्मूलन के लिए काम कर रही हैं। विभिन्न अधिकारियों और एजेंसियों के व्यक्तिगत प्रयासों से परिणाम प्राप्त नहीं होंगे, इसलिए उनके साथ समन्वय की आवश्यकता है। कानूनी सेवाएं खतरे को रोकने में बड़ा योगदान दे सकती हैं, इसलिए एसएलएसए एक महीने के अंदर विशेष इकाइयों की स्थापना करेगा। उसकेेेे बाद डीएलएसए नालसा योजना के अनुसार इकाइयों के सदस्यों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेंगे। विशेष इकाइयां डीएलएसए चेयरमैन के माध्यम से एसएलएसए को रिपोर्ट पेश करेंगी। एसएलएसए मौजूदा सभी नीतियों योजनाओं को वेबसाइट पर भी प्रस्तुत करेगा। विशेष इकाइयां स्कूलों, कॉलेजों और क्लबों में जाकर युवाओं से समन्वय करेंगी, ताकि युवाओं को ड्रग्स केेेे दुष्प्रभाव के बारे में जागरूक किया जा सके। यह इकाइयां शिक्षकों के साथ बैठक और सार्वजनिक स्थानों पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से युवाओं को जागरूक करने का प्रयास करेंगी।