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ग्रोसरी बाजार में आई 60 प्रतिशत की गिरावट, 95 रुपये किलो बिक रही है दाल
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चंडीगढ़। लॉकडाउन के बाद दाल, चावल, तेल और आटा सस्ते हो गए हैं। ग्रोसरी के सामान में 13 से 15 फीसदी तक की गिरावट आ गई है। लॉकडाउन के दौरान अरहर 130 रुपये किलो बिक रहा था अब 95 रुपये मिल रहा है। व्यापारियों का कहना है कि दामों में गिरावट के बाद नुकसान हो रहा है। ग्रोसरी के कारोबार में 60 फीसदी की गिरावट आ गई है।
ढाई महीने के लॉकडाउन के दौरान ग्रोसरी के सामान में जबरदस्त उछाल था। इस दौरान दालों के साथ साथ आटे के दाम 20-25 प्रतिशत तक बढ़ गए थे। अनलॉक 1.0 और 2.0 के बाद फिर से ग्रोसरी के दाम सामान्य हुए हैं। मांग कम होने और आपूर्ति ज्यादा होने से दाल, चावल, आटा, तेल सभी के दामों में 13 से 14 प्रतिशत की कमी आई है।
छोटे ट्रेडर्स को दी जाए राहत
ग्रेन मार्केट एसोसिएशन के प्रधान रामकरन गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार ने लॉकडाउन में हुए नुकसान के लिए राहत पैकेज दिया है, लेकिन इसमें छोटे ट्रेडर्स के लिए कुछ भी खास नहीं है। छोटे ट्रेडर्स जिनकी सेल पांच करोड़ तक की है उन्हें घाटे से उबारने के लिए सरकार को 3-4 प्रतिशत ब्याज पर लोन उपलब्ध कराना चाहिए, ताकि व्यापारियों को राहत मिल सके।
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ढाई महीने के लॉकडाउन के दौरान ग्रोसरी के सामान में जबरदस्त उछाल था। इस दौरान दालों के साथ साथ आटे के दाम 20-25 प्रतिशत तक बढ़ गए थे। अनलॉक 1.0 और 2.0 के बाद फिर से ग्रोसरी के दाम सामान्य हुए हैं। मांग कम होने और आपूर्ति ज्यादा होने से दाल, चावल, आटा, तेल सभी के दामों में 13 से 14 प्रतिशत की कमी आई है।
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छोटे ट्रेडर्स को दी जाए राहत
ग्रेन मार्केट एसोसिएशन के प्रधान रामकरन गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार ने लॉकडाउन में हुए नुकसान के लिए राहत पैकेज दिया है, लेकिन इसमें छोटे ट्रेडर्स के लिए कुछ भी खास नहीं है। छोटे ट्रेडर्स जिनकी सेल पांच करोड़ तक की है उन्हें घाटे से उबारने के लिए सरकार को 3-4 प्रतिशत ब्याज पर लोन उपलब्ध कराना चाहिए, ताकि व्यापारियों को राहत मिल सके।
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