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पंजाब में रुकेगी टैक्स चोरी: 9.48 लाख संपत्तियों का ड्रोन से होगा सर्वे, 126 निगम निकायों के लिए एसओपी तैयार
Sun, 04 Aug 2024 08:48 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 04 Aug 2024 08:48 PM IST
सार
विभाग ने 9.48 लाख आवासीय, व्यावसायिक व औद्योगिक संपत्तियों का ये सर्वे करवाना है, जिसके लिए एसओपी तैयार करके उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। विभाग ने होशियारपुर नगर निगम का जीआईएस मैपिंग सर्वे खुद पूरा किया था। यही कारण है कि अब बाकी का सर्वे नगर निकाय अपने स्तर पर ही पूरे करेंगे, जिसके लिए ही मानक संचालन प्रक्रिया बनाने का फैसला लिया गया है।
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भगवंत मान
- फोटो : X @BhagwantMann
विस्तार
पंजाब सरकार की तरफ से राज्य की 9.48 लाख संपत्तियों का जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) आधारित मैपिंग सर्वे करवाया जाएगा। ड्रोन से सर्वे का काम पूरा किया जाएगा।
इस संबंध में पंजाब म्युनिसिपल इन्फ्रास्ट्रकचर डेवलपमेंट कंपनी की तरफ से 126 नगर निकायों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की गई है। इसकी मंजूरी के साथ ही सर्वे का काम शुरू कर दिया जाएगा। सर्वे का काम पूरा होने के बाद कोई भी संपत्ति कर की चोरी नहीं कर पाएगा।
अभी फिलहाल संपत्ति कर बचने के लिए लोग अपने मकान को छोटा व व्यावसायिक को आवासीय संपत्ति बता देते हैं। इस कारण सरकार को कर राजस्व से हाथ धोना पड़ता है। जीआईएस मैपिंग सर्वे पूरा होने के बाद ये प्रक्रिया पूरी तरह से बंद हो जाएगी।
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विभाग की तरफ से तैयार की गई एसओपी के अनुसार ड्रोन से सभी संपत्तियों का सर्वे किया जाएगा। ड्रोन के बाद विभाग की टीमों की तरफ से डोर टू डोर सर्वे किया जाएगा। दोनों सर्वे को जोड़कर पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इससे सभी संपत्तियों का सही जानकारी पोर्टल पर दिखाई देगी। इससे ठीक संपत्ति कर निकालने में मदद मिलेगी। इसके अलावा किसी भी तरह कई नई पॉलिसी बनाने व नई परियोजना लाने में भी विभाग को फायदा होगा।
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इस संबंध में पंजाब म्युनिसिपल इन्फ्रास्ट्रकचर डेवलपमेंट कंपनी की तरफ से 126 नगर निकायों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की गई है। इसकी मंजूरी के साथ ही सर्वे का काम शुरू कर दिया जाएगा। सर्वे का काम पूरा होने के बाद कोई भी संपत्ति कर की चोरी नहीं कर पाएगा।
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अभी फिलहाल संपत्ति कर बचने के लिए लोग अपने मकान को छोटा व व्यावसायिक को आवासीय संपत्ति बता देते हैं। इस कारण सरकार को कर राजस्व से हाथ धोना पड़ता है। जीआईएस मैपिंग सर्वे पूरा होने के बाद ये प्रक्रिया पूरी तरह से बंद हो जाएगी।
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विभाग की तरफ से तैयार की गई एसओपी के अनुसार ड्रोन से सभी संपत्तियों का सर्वे किया जाएगा। ड्रोन के बाद विभाग की टीमों की तरफ से डोर टू डोर सर्वे किया जाएगा। दोनों सर्वे को जोड़कर पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इससे सभी संपत्तियों का सही जानकारी पोर्टल पर दिखाई देगी। इससे ठीक संपत्ति कर निकालने में मदद मिलेगी। इसके अलावा किसी भी तरह कई नई पॉलिसी बनाने व नई परियोजना लाने में भी विभाग को फायदा होगा।