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आखिर प्रशासन को झुकना ही पड़ा इनके आगे
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 09 Jan 2014 10:09 AM IST
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शहर के सरकारी स्कूलों में 6 साल से कांट्रैक्ट पर नियुक्ति 200 से अधिक कांट्रैक्ट कंप्यूटर टीचर्स और डाटा एंट्री आपरेटर के विरोध के सामने आखिर चंडीगढ़ प्रशासन को झुकना ही पड़ा।
विभाग के अधिकारियों ने तुरंत प्रभाव से शिक्षकों की वेतन बढ़ोतरी और छुट्टियों का वेतन देने पर सहमति दे दी है। साथ ही रेगुलर करने की पॉलिसी भी जल्द तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
इस आश्वासन के बाद 16 दिनों से रेगुलर किए जाने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षकों ने धरना कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया है।
बुधवार को कंप्यूटर टीचर्स के समर्थन में 35 के करीब चंडीगढ़ और पंजाब की यूनियन भी एकजुट हो गई। सुबह 10 बजे से ही सेक्टर-20 मस्जिद ग्राउंड में शिक्षक और अन्य यूनियन ने इकट्ठा होना शुरू कर दिया।
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दोपहर बाद शिक्षकों के विरोध को देखते हुए शिक्षा विभाग ने कंप्यूटर टीचर्स से बातचीत का रास्ता ही अपनाने का फैसला लिया। डिप्टी डायरेक्टर (स्कूल) चंचल सिंह ने कंप्यूटर टीचर्स और अन्य यूनियन नेताओं को डीपीआई (स्कूल) से बातचीत के आमंत्रित किया।
दोपहर बाद करीब तीन बजे डीपीआई के साथ बैठक हुई। इसमें शिक्षकों की मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के बाद यूटी कैडर एजूकेशनल इंपलाइज यूनियन प्रधान स्वर्ण सिंह कंबोज ने कहा कि डीपीआई(स्कूल) ने 1 जनवरी 2014 से 25 फीसदी वेतन में बढ़ोतरी और विंटर ब्रेक (25 दिसंबर से 12 जनवरी 2014) का वेतन देने और दिसंबर के बाद कांट्रैक्ट को रिन्यू करने का आश्वासन दिया है।
साथ ही अप्रैल में नए सत्र से वेतन में ओर बढ़ोतरी की बात भी कही है। डीपीआई ने पंजाब सर्विस रूल्स के तहत एक हफ्ते के भीतर कंप्यूटर टीचर्स को रेगुलर किए जाने की पॉलिसी भी तैयार करने का आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि अमर उजाला ने ही कंप्यूटर टीचर्स के मामले को लगातार प्रमुख्ता से प्रकाशित किया था।
शिक्षकों को कभी नहीं मिला समय पर वेतन
शहर के 110 सरकारी स्कूलों में 200 कंप्यूटर टीचर्स और डाटा एंट्री आपरेटर 6 साल से कार्यरत्त हैं। स्पिक के माध्यम से इन टीचर्स का चयन किया जाता है। पिछले 6 सालों में कभी भी इन शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं दिया गया।
एसएसए और कांट्रैक्ट शिक्षकों को 35 से 40 हजार वेतन मिलता है, लेकिन कंप्यूटर टीचर्स को 9400 से 15,448 वेतन दिया जा रहा था। इन शिक्षकों का कांट्रैक्ट भी तीन-तीन महीने के लिए रिन्यू किया जाता है।
25 फीसदी इजाफे के बाद ये होगा संभावित वेतन
पद---------------------पुराना वेतन-----------------नया वेतन
सीनियर टीचर------------15,448--------------------19,000
जूनियर टीचर-------------12,800--------------------16,000
डाटा एंट्री आप्रेटर---------9400----------------------11,000
डीपीआई(स्कूल) कमलेश कुमार ने लिखित में 25 फीसदी वेतन बढ़ाने और रेगुलर पॉलिसी तैयार करने का आश्वासन दिया है। शिक्षा विभाग को रेगुलर करने की पॉलिसी पर एक हफ्ते में फैसले का समय दिया गया है। शिक्षकों ने फिलहाल विरोध प्रदर्शन टाल दिया है।
पूनम टपरियाल (प्रधान-चंडीगढ़ कंप्यूटर टीचर्स )
शिक्षक अपने हकों के लिए आवाज उठा रहे थे। डीपीआई(स्कूल) ने शिक्षकों को बुलाकर काफी सकारात्मक बातचीत की। कमलेश कुमार ने एक जनवरी से वेतन बढ़ाने और छुट्टियों का वेतन देने संबंधी लिखित में चिट्ठी दी है। रेगुलर करने की पॉलिसी हफ्ते भर में तैयार करने का आश्वासन मिला है।
स्वर्ण सिंह कंबोज (यूटी कैडर एजुकेशनल इंपलाइज यूनियन यूटी)
मैं पहले भी कंप्यूटर टीचर्स को बातचीत के लिए आमंत्रित कर रहा था। शिक्षकों की मांगों का प्रपोजल तैयार कर संबंधित अधिकारियों तक भेज दिया जाएगा।
कमलेश कुमार भादू (डीपीआई स्कूल चंडीगढ़)
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विभाग के अधिकारियों ने तुरंत प्रभाव से शिक्षकों की वेतन बढ़ोतरी और छुट्टियों का वेतन देने पर सहमति दे दी है। साथ ही रेगुलर करने की पॉलिसी भी जल्द तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
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इस आश्वासन के बाद 16 दिनों से रेगुलर किए जाने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षकों ने धरना कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया है।
बुधवार को कंप्यूटर टीचर्स के समर्थन में 35 के करीब चंडीगढ़ और पंजाब की यूनियन भी एकजुट हो गई। सुबह 10 बजे से ही सेक्टर-20 मस्जिद ग्राउंड में शिक्षक और अन्य यूनियन ने इकट्ठा होना शुरू कर दिया।
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दोपहर बाद शिक्षकों के विरोध को देखते हुए शिक्षा विभाग ने कंप्यूटर टीचर्स से बातचीत का रास्ता ही अपनाने का फैसला लिया। डिप्टी डायरेक्टर (स्कूल) चंचल सिंह ने कंप्यूटर टीचर्स और अन्य यूनियन नेताओं को डीपीआई (स्कूल) से बातचीत के आमंत्रित किया।
दोपहर बाद करीब तीन बजे डीपीआई के साथ बैठक हुई। इसमें शिक्षकों की मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के बाद यूटी कैडर एजूकेशनल इंपलाइज यूनियन प्रधान स्वर्ण सिंह कंबोज ने कहा कि डीपीआई(स्कूल) ने 1 जनवरी 2014 से 25 फीसदी वेतन में बढ़ोतरी और विंटर ब्रेक (25 दिसंबर से 12 जनवरी 2014) का वेतन देने और दिसंबर के बाद कांट्रैक्ट को रिन्यू करने का आश्वासन दिया है।
साथ ही अप्रैल में नए सत्र से वेतन में ओर बढ़ोतरी की बात भी कही है। डीपीआई ने पंजाब सर्विस रूल्स के तहत एक हफ्ते के भीतर कंप्यूटर टीचर्स को रेगुलर किए जाने की पॉलिसी भी तैयार करने का आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि अमर उजाला ने ही कंप्यूटर टीचर्स के मामले को लगातार प्रमुख्ता से प्रकाशित किया था।
शिक्षकों को कभी नहीं मिला समय पर वेतन
शहर के 110 सरकारी स्कूलों में 200 कंप्यूटर टीचर्स और डाटा एंट्री आपरेटर 6 साल से कार्यरत्त हैं। स्पिक के माध्यम से इन टीचर्स का चयन किया जाता है। पिछले 6 सालों में कभी भी इन शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं दिया गया।
एसएसए और कांट्रैक्ट शिक्षकों को 35 से 40 हजार वेतन मिलता है, लेकिन कंप्यूटर टीचर्स को 9400 से 15,448 वेतन दिया जा रहा था। इन शिक्षकों का कांट्रैक्ट भी तीन-तीन महीने के लिए रिन्यू किया जाता है।
25 फीसदी इजाफे के बाद ये होगा संभावित वेतन
पद---------------------पुराना वेतन-----------------नया वेतन
सीनियर टीचर------------15,448--------------------19,000
जूनियर टीचर-------------12,800--------------------16,000
डाटा एंट्री आप्रेटर---------9400----------------------11,000
डीपीआई(स्कूल) कमलेश कुमार ने लिखित में 25 फीसदी वेतन बढ़ाने और रेगुलर पॉलिसी तैयार करने का आश्वासन दिया है। शिक्षा विभाग को रेगुलर करने की पॉलिसी पर एक हफ्ते में फैसले का समय दिया गया है। शिक्षकों ने फिलहाल विरोध प्रदर्शन टाल दिया है।
पूनम टपरियाल (प्रधान-चंडीगढ़ कंप्यूटर टीचर्स )
शिक्षक अपने हकों के लिए आवाज उठा रहे थे। डीपीआई(स्कूल) ने शिक्षकों को बुलाकर काफी सकारात्मक बातचीत की। कमलेश कुमार ने एक जनवरी से वेतन बढ़ाने और छुट्टियों का वेतन देने संबंधी लिखित में चिट्ठी दी है। रेगुलर करने की पॉलिसी हफ्ते भर में तैयार करने का आश्वासन मिला है।
स्वर्ण सिंह कंबोज (यूटी कैडर एजुकेशनल इंपलाइज यूनियन यूटी)
मैं पहले भी कंप्यूटर टीचर्स को बातचीत के लिए आमंत्रित कर रहा था। शिक्षकों की मांगों का प्रपोजल तैयार कर संबंधित अधिकारियों तक भेज दिया जाएगा।
कमलेश कुमार भादू (डीपीआई स्कूल चंडीगढ़)