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चंडीगढ़वासी ध्यान दें! कूड़े-कर्कट को लेकर खड़ी होने वाली है मुसीबत, इंतजाम कर लें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 17 Sep 2018 05:52 PM IST
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कचरा
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चंडीगढ़वासियों के लिए जरूरी खबर, आने वाले दिनों में कूड़े-कर्कट को लेकर बड़ी मुसीबत खड़ी होने वाली है। इसलिए अपनी व्यवस्था करके रखें। डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन सोसाइटी की बैठक रविवार को सेक्टर-17 एमओएच ऑफिस के पास हुई। इसमें नगर निगम की ओर से डोर टू डोर कूड़ा उठाने का काम ठेके पर देने के फैसले का विरोध किया गया और फैसला लिया गया कि इसके विरोध में कर्मचारी मंगलवार 18 सितंबर को रोष प्रदर्शन करेंगे और शहर से कूड़ा नहीं उठाएंगे।
इस दौरान डंपिंग ग्राउंड में भी कूड़ा नहीं गिरने दिया जाएगा और गाड़ियों को रोका जाएगा। मीटिंग में पार्षद एवं भगवान वाल्मीकि शोभायात्रा कमेटी चंडीगढ़ के चेयरमैन और पार्षद राजेश कालिया ने भी हिस्सा लिया। कालिया ने कहा कि उन्होंने हाउस मीटिंग में भी इस फैसले का विरोध किया था, लेकिन निगम की तरफ से जबरदस्ती इस प्रस्ताव को पास कर दिया गया। उन्होंने कहा कि डोर टू डोर गारबेज कलेक्टरों ने इस काम को 3 रुपये से शुरू किया था और अब तक वह निगम को इसमें सहयोग करते आए हैं।
चंडीगढ़ को स्वच्छता में तीसरे स्थान पर लाने में भी उन्होंने योगदान दिया लेकिन इसके निगम इन्हें अपना हिस्सा नहीं समझता है। यही कारण है कि वह रोष प्रदर्शन करने पर मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह सफाई कर्मियों के इस प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे और इसे तब तक जारी रखेंगे, जब तक कि निगम द्वारा इसे वापिस नहीं लिया जाता है। पार्षद भरत कुमार और मनोनीत पार्षद सचिन लोहटिया ने भी मीटिंग में भाग लिया और सफाई कर्मियों को इसमें अपना सहयोग दिया। सफाई कर्मचारी यूनियन चंडीगढ़ के प्रधान कृष्ण कुमार चड्ढा ने कहा कि वह डोर टू डोर गारबेज कलेक्टरों के साथ खड़े हैं और मंगलवार को शहर से कचरा नहीं उठने देंगे।
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उन्होंने कहा कि चाहे इसके लिए उन्हें अपनी गिरफ्तारी भी देनी पड़े, लेकिन वह निगम के इस फैसले का डटकर विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि इस काम को प्राइवेट करके वर्षों से काम कर रहे सफाई कर्मियों की रोजी रोटी छीनी जा रही है। डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन सोसाइटी के प्रधान जय किशन दुल्ला ने कहा कि निगम का ये निर्णय उनके साथ अन्याय है, जिसे वह बर्दास्त नहीं करेंगे और जब तक इसे वापिस नहीं लिया जाता, वह अपना संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन से आम जनता को होने वाली परेशानी के लिए चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम जिम्मेदार होगा। इसके अलावा निगम कार्यालय के बाहर सफाई कर्मियों की हड़ताल भी जारी है।
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इस दौरान डंपिंग ग्राउंड में भी कूड़ा नहीं गिरने दिया जाएगा और गाड़ियों को रोका जाएगा। मीटिंग में पार्षद एवं भगवान वाल्मीकि शोभायात्रा कमेटी चंडीगढ़ के चेयरमैन और पार्षद राजेश कालिया ने भी हिस्सा लिया। कालिया ने कहा कि उन्होंने हाउस मीटिंग में भी इस फैसले का विरोध किया था, लेकिन निगम की तरफ से जबरदस्ती इस प्रस्ताव को पास कर दिया गया। उन्होंने कहा कि डोर टू डोर गारबेज कलेक्टरों ने इस काम को 3 रुपये से शुरू किया था और अब तक वह निगम को इसमें सहयोग करते आए हैं।
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चंडीगढ़ को स्वच्छता में तीसरे स्थान पर लाने में भी उन्होंने योगदान दिया लेकिन इसके निगम इन्हें अपना हिस्सा नहीं समझता है। यही कारण है कि वह रोष प्रदर्शन करने पर मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह सफाई कर्मियों के इस प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे और इसे तब तक जारी रखेंगे, जब तक कि निगम द्वारा इसे वापिस नहीं लिया जाता है। पार्षद भरत कुमार और मनोनीत पार्षद सचिन लोहटिया ने भी मीटिंग में भाग लिया और सफाई कर्मियों को इसमें अपना सहयोग दिया। सफाई कर्मचारी यूनियन चंडीगढ़ के प्रधान कृष्ण कुमार चड्ढा ने कहा कि वह डोर टू डोर गारबेज कलेक्टरों के साथ खड़े हैं और मंगलवार को शहर से कचरा नहीं उठने देंगे।
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उन्होंने कहा कि चाहे इसके लिए उन्हें अपनी गिरफ्तारी भी देनी पड़े, लेकिन वह निगम के इस फैसले का डटकर विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि इस काम को प्राइवेट करके वर्षों से काम कर रहे सफाई कर्मियों की रोजी रोटी छीनी जा रही है। डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन सोसाइटी के प्रधान जय किशन दुल्ला ने कहा कि निगम का ये निर्णय उनके साथ अन्याय है, जिसे वह बर्दास्त नहीं करेंगे और जब तक इसे वापिस नहीं लिया जाता, वह अपना संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन से आम जनता को होने वाली परेशानी के लिए चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम जिम्मेदार होगा। इसके अलावा निगम कार्यालय के बाहर सफाई कर्मियों की हड़ताल भी जारी है।