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चौंकिए मत... ये ईएसआई अस्पताल है, यहां कुछ भी हो सकता है
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चंडीगढ़। अस्पतालों की ओपीडी में पंजीकरण के लिए आपने मरीजों की कतार तो देखी होगी, लेकिन रामदरबार स्थित ईएसआई अस्पताल की लाइन में रूमाल, पैकेट और झोले लगाए जाते हैं। मरीजों को वहां ठहरने की अनुमति नहीं है। पंजीकरण के लिए आए मरीजों का कोई एक सामान वहां काउंटर के आगे रखवा दिया जाता है फिर मरीज बाहर निकल जाते हैं। इसके बाद जब सुरक्षा गार्ड आवाज लगाता है तब मरीज अंदर जाकर अपना कार्ड बनवाता है। ऐसा पिछले कई महीनों से हो रहा है। इससे इलाज के लिए आने वाले मरीजों को खासा परेशानी झेलनी पड़ रही है। मरीजों का कहना है कि टोकन सिस्टम खत्म कर दिया गया है। ओपीडी की व्यवस्था बहुत खराब है। ओपीडी के दौरान मरीजों को बाहर कर दिया जाता है। समय से आए मरीज को भी इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है जबकि टोकन सिस्टम से इस तरह की परेशानी नहीं होती थी।
मरीजों ने बताया कि दिखावे के लिए अस्पताल में दो वाटर कूलर लगाए गए हैं लेकिन अधिकारियों ने एक बार भी यह पता नहीं किया कि वे ठीक भी हैं कि नहीं। दोनों ही वाटर कूलर से गर्म पानी आता है। साफ सफाई भी ठीक नहीं है। इमरजेंसी में भी मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल रहा है।
इनसेट-
यहां परेशानी कम नहीं होती और बढ़ जाती है
ईएसआई अस्पताल की व्यवस्था तो ध्वस्त है। वहां ओपीडी में डॉक्टर नहीं मिलते। जांच नहीं होती। साफ सफाई भी भगवान भरोसे ही है। वहां इलाज कराने जाने वाले मरीज की समस्या कम होने की बजाय और बढ़ जाती है। प्रशासन को उस ओर भी गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
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-दिनेश कुमार, हल्लोमाजरा
यहां की हकीकत कुछ और ही है
कहने को तो ईएसआई अस्पताल में इलाज की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। इमरजेंसी में गए मरीज को एक गोली देकर ओपीडी में भेज दिया जाता है। मरीज को ऑब्जर्वेशन में भी नहीं रखा जाता। वह गंभीर स्थिति में ही ओपीडी में यहां-वहां भटकता है। इस भीषण गर्मी में यहां लगाए वाटर कूलर ठंडे की बजाय गर्म पानी आता है।
-फारुख मलिक, सेक्टर-26
कोट- मुझे ओपीडी से जुड़ी इन समस्याओं के बारे में जानकारी नहीं है। सोमवार को इसे चेक करके सुधार का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
-डॉ. सुमिति, प्रभारी आधीक्षक ईएसआई रामदरबार
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मरीजों ने बताया कि दिखावे के लिए अस्पताल में दो वाटर कूलर लगाए गए हैं लेकिन अधिकारियों ने एक बार भी यह पता नहीं किया कि वे ठीक भी हैं कि नहीं। दोनों ही वाटर कूलर से गर्म पानी आता है। साफ सफाई भी ठीक नहीं है। इमरजेंसी में भी मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल रहा है।
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इनसेट-
यहां परेशानी कम नहीं होती और बढ़ जाती है
ईएसआई अस्पताल की व्यवस्था तो ध्वस्त है। वहां ओपीडी में डॉक्टर नहीं मिलते। जांच नहीं होती। साफ सफाई भी भगवान भरोसे ही है। वहां इलाज कराने जाने वाले मरीज की समस्या कम होने की बजाय और बढ़ जाती है। प्रशासन को उस ओर भी गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
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-दिनेश कुमार, हल्लोमाजरा
यहां की हकीकत कुछ और ही है
कहने को तो ईएसआई अस्पताल में इलाज की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। इमरजेंसी में गए मरीज को एक गोली देकर ओपीडी में भेज दिया जाता है। मरीज को ऑब्जर्वेशन में भी नहीं रखा जाता। वह गंभीर स्थिति में ही ओपीडी में यहां-वहां भटकता है। इस भीषण गर्मी में यहां लगाए वाटर कूलर ठंडे की बजाय गर्म पानी आता है।
-फारुख मलिक, सेक्टर-26
कोट- मुझे ओपीडी से जुड़ी इन समस्याओं के बारे में जानकारी नहीं है। सोमवार को इसे चेक करके सुधार का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
-डॉ. सुमिति, प्रभारी आधीक्षक ईएसआई रामदरबार