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चंडीगढ़ में बुजुर्गों को अपनों से मिल रहे ‘घाव’, विदेश में नौकर की तरह रखा 80 वर्षीय मां को

Mon, 06 Jan 2020 10:58 AM IST
खुशबू गोयल अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़
अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 06 Jan 2020 10:58 AM IST
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Domestic Violence, Property Fraud with Senior Citizen Parents by Childrens
सांकेतिक चित्र
जिन मां-बाप ने अपनी छांव तले बच्चों को जीना सिखाया, अपने पैरों पर खड़ा किया, वहीं बच्चे अब सहारा बनने की बजाय उन्हें 'घाव' दे रहे हैं। यही वजह है कि शहर में 443 मामलों की सुनवाई सीनियर सिटीजंस ट्रिब्यूनल में चल रही है। इनमें बच्चों के द्वारा अपने माता-पिता के साथ धोखाधड़ी से प्रापर्टी अपने नाम कराने के अलावा विदेश ले जाकर उनके साथ नौकरों जैसा व्यवहार करने के मामले शामिल हैं। सीनियर सिटीजंस ट्रिब्यूनल में एडीसी सचिन राणा की देखरेख में इन मामलों की सुनवाई की जा रही है।
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ट्रिब्यूनल से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2018 तक ट्रिब्यूनल में ऐसे 335 मामले थे, जिन पर सुनवाई पूरी नहीं हो पाई थी। वहीं 2019 में 108 और नए मामले आ गए, जिससे ऐसे विवादों की  संख्या बढ़कर 443 हो गई। ट्रिब्यूनल ने गंभीर मामलों पर सुनवाई शुरू की और साल के अंत तक 246 मामलों में फैसला सुना दिया, जिससे अपनों से चोट खाए बुजुर्गों को उनका हक मिल पाया। अब बचे हुए 192 मामलों पर 2020 में सुनवाई होगी और अपनों से मिल रहे घाव से बुजुर्गों को निजात मिल पाएगी।
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एससीए के सेक्शन 23 के तहत होगी कार्रवाई
यदि मां बाप ने अपने जिंदा रहते हुए बच्चों के नाम प्रापर्टी कर दी है और उसके बाद बच्चों के द्वारा उनका ख्याल नहीं रखा जाता है तो शिकायत पर ऐसे मामलों में सीनियर सिटीजंस एक्ट के सेक्शन 23 के तहत कार्रवाई की जाएगी। ट्रिब्यूनल इस सेक्शन के सहारे मां-बाप द्वारा बच्चों के नाम की गई प्रापर्टी का मालिकाना हक वापस ले सकता है और बुजुर्गों का हक दिला सकता है।
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80 वर्षीय मां को विदेश में दो महीने तक नौकर की तरह रखा

विदेश में रहने वाले एक युवक ने अपनी 80 वर्षीय मां को विदेश बुलाकर दो महीने तक नौकरों की तरह रखा। और तो और धोखाधड़ी कर मां से चंडीगढ़ की करोड़ों की प्रापर्टी भी अपने नाम करवा ली। इस मामले की ट्रिब्यूनल ने फास्ट ट्रैक की तर्ज पर वर्ष 2019 में सुनवाई की और बेटे के नाम हुई प्रापर्टी का मालिकाना हक निरस्त कर वापस मां के नाम करने का आदेश एस्टेट ऑफिस को दिया। ऐसे और भी मामले चंडीगढ़ सीनियर सिटीजंस ट्रिब्यूनल में चल रहे हैं, जिन पर सुनवाई जारी है।

अब फास्ट ट्रैक तर्ज पर होगी सुनवाई
अपनों से चोट खाए ऐसे बुजुर्गों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2020 में फास्ट ट्रैक कोर्ट की तर्ज पर मामलों की सुनवाई की जाएगी। सीनियर सिटीजंस ट्रिब्यूनल की कोशिश रहेगी कि इस साल के अंत तक बचे हुए 192 मामलों पर सुनवाई पूरी कर ली जाए और बुजुर्गों को उनका हक दिलाया जा सके।
- सचिन राणा, असिस्टेंट डिप्टी कलेक्टर, चंडीगढ़
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