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खेमका से जुड़े मामले के दस्तावेज हुए गायब!
डॉ. सुरेंद्र धीमान/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 27 Apr 2014 08:47 AM IST
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हरियाणा सरकार के सीनियर आईएएस अशोक खेमका से संबंधित गैल वैल्यूम शीट के गोदाम बनाने का आर्डर देने की फाइल से महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब होने का मामला सामने आया है।
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आरटीआई कार्यकर्ता रविंद्र कुमार ने प्रदेश सरकार को शिकायत भेजकर आरोप लगाया है कि हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के एक अधिकारी ने यह दस्तावेज गुम किए हैं। सरकार ने वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के एमडी को शिकायत भेजकर रिकार्ड सुरक्षित रखने और रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए हैं।
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रविंद्र कुमार ने कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रोशन लाल सैनी को 15 अप्रैल को शिकायत भेजी, जिसे सैनी ने उसी दिन कारपोरेशन के एमडी को भेज दिया।
रविंद्र कुमार ने आरोप लगाया है कि गैल वैल्यूम शीट के गोदाम बनाने के लिए टेंडर जिस कंपनी को दिया था। उस कंपनी के बिल में से कारपोरेशन ने लेबर वेलफेयर सेस, ब्याज और जुर्माने के तौर पर 90,59,455 रुपये काट लिए और यह राशि 27 जनवरी, 2014 को हरियाणा बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड के सचिव के खाते में जमा करा दी।
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इसके बाद कंपनी ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी, जिस पर हाईकोर्ट ने निगम को व्यक्तिगत सुनवाई का निर्देश दिया। गौरतलब है कि गैल वैल्यूम शीट के गोदाम बनाने का वर्क आर्डर निगम के तत्कालीन एमडी अशोक खेमका ने जारी किए थे। कैग ने भी इस वर्क आर्डर से संबंधित मामले का ऑडिट शुरू किया है।
कानूनी राय से संबधित दस्तावेज हुआ है गायब
रविंद्र कुमार का आरोप है कि हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान एक अफसर ने निगम की कानूनी स्थिति सही नहीं बताई। निगम के कानूनी सलाहकार ने 3 नवंबर, 2009 को राय दी थी कि अगर वेयर हाउसिंग कारपोरेशन बोली स्वीकार करता है तो यह वेलफेयर बोर्ड को सेस अदा करने की जिम्मेवारी निगम की होगी।
रविंद्र का आरोप है कि कानूनी सलाहकार की यह राय दस्तावेजों से गायब कर दी गई है और नया कागज जोड़कर एक सेल्स टैक्स एडवाइजर से राय ले ली गई ताकि कंपनी को फायदा पहुंचाया जा सके। सेस नहीं काटा गया तो यह बात ऑडिट में पकड़ी गई और वेलफेयर बोर्ड ने सेस न काटने को निगम के लिए बड़ा नुकसान बताया।
शिकायतकर्ता का दावा है कि कानूनी सलाहकार की राय वाले दस्तावेज की एक फोटोस्टेट प्रति निगम के एक अफसर ने उन्हें (रविंद्र) दी है। इस हटाए गए दस्तावेज की फोटोस्टेट प्रति भी शिकायत के साथ नत्थी की गई है। उन्होंने मांग की है कि एफआईआर दर्ज की जाए और पूरा रिकार्ड सुरक्षित रखा जाए।
हां, एक शिकायत कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की तरफ से मिली है। इसमें गैल वैल्यूम शीट के गोदाम बनाने के टेंडर प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेज गायब करने का आरोप है। मैंने जांच शुरू करवा दी है। अगर दस्तावेज गायब मिला तो एफआईआर दर्ज होगी।
रमेश कृष्ण, प्रबंध निदेशक, हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन