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Chandigarh News: एनआरआई के साथ शादी करने से पहले दस्तावेज सत्यापन जरूरी
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चंडीगढ़। एनआरआई शादी करवाने से पहले कुंडलियां देखने की जगह दस्तावेज सत्यापित करना वर्तमान समय में अहम हो गया है। पंजाब यूनिवर्सिटी के लॉ विभाग ने मंगलवार को एनआरआई शादी के डूज एंड डॉन्ट पर समापन समारोह का आयोजन किया।
एनआरआई शादियों के नाम पर बढ़ रहे धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग वुमन ने पंजाब के 14 जिलाें में जागरूकता अभियान शुरू किया, जिसे पूरा करने का दायित्व लॉ विभाग को सौंपा गया है। समारोह में अभियान के दौरान एनआरआई शादी के धोखाधड़ी मामले में किए सर्वे की रिपोर्ट का विमोचन किया। कार्यक्रम में पंजाब स्टेट लीगल सर्विस अथाॅरिटी, पंचायत और पुलिस अधिकारी भी शामिल रहे।
समारोह में राष्ट्रीय महिला आयोग के संयुक्त सचिव ए अशोली चलाई और पीयू कुलपति प्रो. रेणु विग विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस दौरान एनआरआई शादियों से जुड़े जोखिम, कानूनी सुरक्षा और निवारक उपायों पर चर्चा की गई। अभियान के दौरान एसएएस नगर मोहाली, गुरदासपुर, कपुरथला, फिरोजपुर, मोगा, श्री मुक्तसर साहिब, पटियाला, बठिंडा, लुधियाना, रोपड़, होशियारपुर, जालंधर, बरनाला, और अमृतसर में लोगों को एनआरआई शादियों के जरिए हो रही ठगी और कानूनी नियमों के प्रति जागरूक किया गया। इसमें बताया गया कि शादी करने से पहले जरूरी दस्तावेज जरूर सत्यापित करवा लें।
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प्रो. रेणु विग ने एनआरआई शादियों के विभिन्न पहलुओं और पीड़िताें के समक्ष आने वाली परेशानियों पर प्रकाश डाला। ए अशोली ने एनआरआई शादियां करने से पहले दस्तावेज सत्यापित करने पर जोर दिया और साथ ही इसमें कानूनी सुरक्षा के बारे में बताया। एडीजीपी प्रवनी के सिन्हा ने इन मामलों में समय पर पुलिस के कार्रवाई करने के रोल और फर्जी शादियों को रोकने के उनके याेगदान के बारे में बताया।
एनआरआई शादियों पर किए सर्वे को कॉर्डिनेटर डॉ बलविंदर कौर के नेतृत्व में 35 रिसोर्स पर्सन ने पूरा किया। अभियान में शामिल विभिन्न स्कूल, कॉलेज के शिक्षकों, पुलिस अधिकारी और अन्य को सम्मानित किया गया।
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एनआरआई शादियों के नाम पर बढ़ रहे धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग वुमन ने पंजाब के 14 जिलाें में जागरूकता अभियान शुरू किया, जिसे पूरा करने का दायित्व लॉ विभाग को सौंपा गया है। समारोह में अभियान के दौरान एनआरआई शादी के धोखाधड़ी मामले में किए सर्वे की रिपोर्ट का विमोचन किया। कार्यक्रम में पंजाब स्टेट लीगल सर्विस अथाॅरिटी, पंचायत और पुलिस अधिकारी भी शामिल रहे।
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समारोह में राष्ट्रीय महिला आयोग के संयुक्त सचिव ए अशोली चलाई और पीयू कुलपति प्रो. रेणु विग विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस दौरान एनआरआई शादियों से जुड़े जोखिम, कानूनी सुरक्षा और निवारक उपायों पर चर्चा की गई। अभियान के दौरान एसएएस नगर मोहाली, गुरदासपुर, कपुरथला, फिरोजपुर, मोगा, श्री मुक्तसर साहिब, पटियाला, बठिंडा, लुधियाना, रोपड़, होशियारपुर, जालंधर, बरनाला, और अमृतसर में लोगों को एनआरआई शादियों के जरिए हो रही ठगी और कानूनी नियमों के प्रति जागरूक किया गया। इसमें बताया गया कि शादी करने से पहले जरूरी दस्तावेज जरूर सत्यापित करवा लें।
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प्रो. रेणु विग ने एनआरआई शादियों के विभिन्न पहलुओं और पीड़िताें के समक्ष आने वाली परेशानियों पर प्रकाश डाला। ए अशोली ने एनआरआई शादियां करने से पहले दस्तावेज सत्यापित करने पर जोर दिया और साथ ही इसमें कानूनी सुरक्षा के बारे में बताया। एडीजीपी प्रवनी के सिन्हा ने इन मामलों में समय पर पुलिस के कार्रवाई करने के रोल और फर्जी शादियों को रोकने के उनके याेगदान के बारे में बताया।
एनआरआई शादियों पर किए सर्वे को कॉर्डिनेटर डॉ बलविंदर कौर के नेतृत्व में 35 रिसोर्स पर्सन ने पूरा किया। अभियान में शामिल विभिन्न स्कूल, कॉलेज के शिक्षकों, पुलिस अधिकारी और अन्य को सम्मानित किया गया।