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Haryana News: नहीं बनी सहमति, आज से डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, ओपीडी व ऑपरेशन रहेंगे ठप

Fri, 29 Dec 2023 12:55 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 29 Dec 2023 12:55 AM IST
सार

एसोसिएशन ने कहा कि अगर राज्य में हालात बिगड़ते हैं तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी। वहीं, सरकार ने भी हड़ताल को लेकर अपनी तैयारी कर रखी हैं। अस्पतालों में एनएचएम व कंसलटेंट डॉक्टरों को तैनात करने की योजना बनाई है। 

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Doctors will be on strike in Haryana today
सांकेतिक तस्वीर।

विस्तार

हरियाणा के डॉक्टरों ने शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी है। देर रात तक डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग निदेशक के बीच चली बैठक में मांगों पर सहमति नहीं बन पाई है। हालांकि, डॉक्टरों ने कहा कि वह इमरजेंसी में हाजिरी नहीं लगाएंगे लेकिन गंभीर मरीजों का इलाज करने से मना भी नहीं करेंगे। 

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डॉक्टरों की हड़ताल से ओपीडी और ऑपरेशन ठप रहेंगे। किसी भी मरीज को इलाज नहीं मिलेगा। डॉक्टरों के आश्वासन के बावजूद इमरजेंसी सेवाएं भी बाधित रह सकती हैं। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रधान डॉ. राजेश ख्यालिया ने कहा कि मांगों पर हमारा रुख स्पष्ट है। जब तक हमारी मांगों पर सरकार सहमति नहीं देती, तब तक हम हड़ताल से पीछे नहीं हटेंगे। 
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एसोसिएशन ने यह भी दावा किया कि डॉक्टरों की हड़ताल से राज्य की बिगड़ने वाली किसी भी स्थिति के लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदार होगी। वहीं, सरकार ने सेवाओं को बाधित होने से बचाने के लिए एनएचएम और कंसलटेंट डॉक्टरों की सेवाएं लेगा। वहीं, सरकार हड़ताली डॉक्टरों पर शिकंजा भी कस सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी सिविल सर्जन से हड़ताली डॉक्टरों की सूची मंगवा ली है। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक ने हड़ताली डॉक्टरों को आश्वासन भी दिया कि उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के साथ उसे मनवाएंगे भी। मगर एसोसिएशन हड़ताल पर जाने के लिए तैयार रही।
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उल्लेखनीय है कि अपनी मांगों को लेकर बुधवार को डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे। इससे अंबाला छोड़ पूरे राज्य के मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी थी। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने भी हड़ताल को नाजायज बताया है। संगठन की मुख्य मांग है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों का अलग से कैडर बनना चाहिए। हालांकि गृहमंत्री के साथ सीएम भी इसे मंजूर कर चुके हैं। इसके अलावा डॉक्टरों की सर्विस में रहते एक करोड़ के बॉन्ड को 50 लाख रुपये करने और सीधी भर्ती न करके पदोन्नति के माध्यम से एसएमओ बनाने की भी मांग है।

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