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दिव्यांगों की ड्यूटी न लगाई जाए, पीयू प्रशासन को भेजे पत्र
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय खुल गया है। हर दिन 33 फीसदी स्टाफ के साथ कार्य किया जा रहा है। कुछ लोगों का आरोप है कि पीयू प्रशासन की ओर से दिव्यांगों की ड्यूटी भी लगाई जा रही है, जबकि दिव्यांगों से फिलहाल काम न लेने के आदेश हैं। उनमें भी कोरोना संक्रमण आदि की अधिक संभावनाएं होती हैं। साथ ही उन्हें आने-जाने में दिक्कतें होती हैं।
पीयू प्रशासन को कुछ लोगों ने पत्र भेजे हैं। इसमें लिखा है कि पीयू में लगभग 30 दिव्यांग काम कर रहे हैं। उनको आने-जाने में तमाम दिक्कतों को सामना करना पड़ता है। कोरोना के कारण पीयू में कई दिन काम नहीं हुआ। अब पीयू में काम शुरू हो गया। आरोप है कि सामान्य कर्मियों के साथ दिव्यांगों से भी काम लिए जाने की चिट्ठियां निकाली जा रही हैं जो कि गलत है। उन्होंने कहा है कि केंद्र व राज्य सरकारों ने कहा है कि दिव्यांगों से फिलहाल कोई काम न लिया जाए। उन्हें घर में रहने दें ताकि उन्हें कोई असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने पीयू प्रशासन से यह भी कहा है कि उनकी ड्यूटी अभी न लगाई जाए और उनके वेतन से कटौती न हो। ऐसा न हो कि काम नहीं कर रहे हैं तो उनका वेतन ही काट लिया जाए। इस पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कई अन्य मुद्दे भी उठाए हैं।
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पीयू प्रशासन को कुछ लोगों ने पत्र भेजे हैं। इसमें लिखा है कि पीयू में लगभग 30 दिव्यांग काम कर रहे हैं। उनको आने-जाने में तमाम दिक्कतों को सामना करना पड़ता है। कोरोना के कारण पीयू में कई दिन काम नहीं हुआ। अब पीयू में काम शुरू हो गया। आरोप है कि सामान्य कर्मियों के साथ दिव्यांगों से भी काम लिए जाने की चिट्ठियां निकाली जा रही हैं जो कि गलत है। उन्होंने कहा है कि केंद्र व राज्य सरकारों ने कहा है कि दिव्यांगों से फिलहाल कोई काम न लिया जाए। उन्हें घर में रहने दें ताकि उन्हें कोई असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने पीयू प्रशासन से यह भी कहा है कि उनकी ड्यूटी अभी न लगाई जाए और उनके वेतन से कटौती न हो। ऐसा न हो कि काम नहीं कर रहे हैं तो उनका वेतन ही काट लिया जाए। इस पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कई अन्य मुद्दे भी उठाए हैं।
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