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डरिये नहीं.. कोरोना से बचाव का टीका लगवाकर अभियान को सफल बनाइये
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चंडीगढ़। कोरोना टीकाकरण की संख्या बढ़ाने के लिए सेक्टर- 23 स्थित सामुदायिक केंद्र में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिविर लगाया गया। इस मौके पर डब्लूएचओ के प्रतिनिधि श्रीनिवासन ने नगर निगम के कर्मचारियों के मन में उठ रहे सवालों के जवाब दिए। उन्होंने प्रत्येक सवाल के जवाब में कर्मचारियों को टीकाकरण हर हाल में कराने का संदेश दिया।
श्रीनिवासन का कहना था कि अगर हम सरकार द्वारा तय मानकों पर टीकाकरण करवाने से चूक जाते हैं तो फिर हमें अपने स्तर पर टीका लगवाना होगा। उसके लिए शुल्क अदा करना होगा। ऐसी स्थिति से यह ज्यादा बेहतर है कि अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान देते हुए समय पर टीका लगवाएं।
गौरतलब है कि निगम के फ्रंट लाइन कर्मचारियों को 3 फरवरी से कोरोना का टीका लगाना शुरू किया गया है। शुरुआती दो-तीन दिनों तक स्थिति ठीक रही, लेकिन उसके बाद कर्मचारियों की संख्या बेहद कम हो गई है। वीरवार तक नगर निगम के महज 115 फ्रंटलाइन कर्मचारियों को टीका लगाया जा सका है जबकि अब तक छह हजार कर्मचारियों को टीका लग जाना था। कार्यक्रम के दौरान निगम के कई अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान जिन अधिकारियों ने पहली डोज लगवा ली है उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और अपने सहयोगियों व कर्मचारियों से टीका लगवाने की अपील की। दोपहर 3 बजे शुरू हुए कार्यक्रम में सवालों का क्रम थमने का नाम नहीं ले रहा था। इस मौके पर एसई संजय अरोड़ा, एक्सईएन रविंदर शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा मौजूद रहे।
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कुछ इस तरह थे सवाल और उनके जबाव
सवाल- हम कोरोना से बचाव के सभी मानकों का पालन कर रहे हैं, फिर भी क्या टीका लगवाना जरूरी है?
जवाब- बिल्कुल। हमें संक्रमण से बचाव संबंधी मानकों को पूरा करने के साथ ही वैक्सीन की दोनों डोज लगवानी भी बेहद जरूरी है, ताकि संक्रमण से बचाव के लिए हम पूरी तरह से सुरक्षित हो सकें।
सवाल- वैक्सीन लगवाने के बाद हमें किस तरह की परेशानी हो सकती है?
जवाब- वैक्सीन लगवाने के बाद बुखार, वैक्सीन लगने वाले जगह पर दर्द महसूस हो सकता है। इस तरह की समस्या होने पर घबराएं नहीं, क्योंकि यह लक्षण इस बात की पुष्टि करते हैं कि वैक्सीन शरीर में जाकर अपना काम शुरू कर दी है। अगर परेशानी ज्यादा हो तो चिकित्सक की राय जरूर लें।
सवाल- क्या कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवानी जरूरी है?
जवाब- हां, क्योंकि ट्रायल के दौरान वैक्सीन की दोनों डोज के साथ ट्रायल के परिणामों का परीक्षण किया गया है। ऐसी स्थिति में पहली डोज लगने के बाद 28 दिन के बाद दूसरी डोज लेनी जरूरी है।
सवाल- क्या वैक्सीन लगवाने के बाद भी हमें कोरोना से बचाव के मानकों का पालन करना होगा?
जवाब- वैक्सीन लगवाने के साथ ही हमें कोरोना से बचाव के मानकों का पूर्व की तरह ही कड़ाई से पालन करना होगा। मास्क और सेनिटाइजर के प्रयोग के साथ ही सामाजिक दूरी का भी ख्याल रखना होगा, तभी वैक्सीन हमें सुरक्षा प्रदान कर पाएगी।
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श्रीनिवासन का कहना था कि अगर हम सरकार द्वारा तय मानकों पर टीकाकरण करवाने से चूक जाते हैं तो फिर हमें अपने स्तर पर टीका लगवाना होगा। उसके लिए शुल्क अदा करना होगा। ऐसी स्थिति से यह ज्यादा बेहतर है कि अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान देते हुए समय पर टीका लगवाएं।
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गौरतलब है कि निगम के फ्रंट लाइन कर्मचारियों को 3 फरवरी से कोरोना का टीका लगाना शुरू किया गया है। शुरुआती दो-तीन दिनों तक स्थिति ठीक रही, लेकिन उसके बाद कर्मचारियों की संख्या बेहद कम हो गई है। वीरवार तक नगर निगम के महज 115 फ्रंटलाइन कर्मचारियों को टीका लगाया जा सका है जबकि अब तक छह हजार कर्मचारियों को टीका लग जाना था। कार्यक्रम के दौरान निगम के कई अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान जिन अधिकारियों ने पहली डोज लगवा ली है उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और अपने सहयोगियों व कर्मचारियों से टीका लगवाने की अपील की। दोपहर 3 बजे शुरू हुए कार्यक्रम में सवालों का क्रम थमने का नाम नहीं ले रहा था। इस मौके पर एसई संजय अरोड़ा, एक्सईएन रविंदर शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा मौजूद रहे।
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कुछ इस तरह थे सवाल और उनके जबाव
सवाल- हम कोरोना से बचाव के सभी मानकों का पालन कर रहे हैं, फिर भी क्या टीका लगवाना जरूरी है?
जवाब- बिल्कुल। हमें संक्रमण से बचाव संबंधी मानकों को पूरा करने के साथ ही वैक्सीन की दोनों डोज लगवानी भी बेहद जरूरी है, ताकि संक्रमण से बचाव के लिए हम पूरी तरह से सुरक्षित हो सकें।
सवाल- वैक्सीन लगवाने के बाद हमें किस तरह की परेशानी हो सकती है?
जवाब- वैक्सीन लगवाने के बाद बुखार, वैक्सीन लगने वाले जगह पर दर्द महसूस हो सकता है। इस तरह की समस्या होने पर घबराएं नहीं, क्योंकि यह लक्षण इस बात की पुष्टि करते हैं कि वैक्सीन शरीर में जाकर अपना काम शुरू कर दी है। अगर परेशानी ज्यादा हो तो चिकित्सक की राय जरूर लें।
सवाल- क्या कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवानी जरूरी है?
जवाब- हां, क्योंकि ट्रायल के दौरान वैक्सीन की दोनों डोज के साथ ट्रायल के परिणामों का परीक्षण किया गया है। ऐसी स्थिति में पहली डोज लगने के बाद 28 दिन के बाद दूसरी डोज लेनी जरूरी है।
सवाल- क्या वैक्सीन लगवाने के बाद भी हमें कोरोना से बचाव के मानकों का पालन करना होगा?
जवाब- वैक्सीन लगवाने के साथ ही हमें कोरोना से बचाव के मानकों का पूर्व की तरह ही कड़ाई से पालन करना होगा। मास्क और सेनिटाइजर के प्रयोग के साथ ही सामाजिक दूरी का भी ख्याल रखना होगा, तभी वैक्सीन हमें सुरक्षा प्रदान कर पाएगी।