{"_id":"64f593dc0fe3b280070451b7","slug":"dnb-academic-block-maternal-and-child-health-center-will-be-constructed-in-sarangpur-2023-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh: सारंगपुर में बनेगा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र, मेडिकल कॉलेज के लिए तय जमीन पर होगा निर्माण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh: सारंगपुर में बनेगा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र, मेडिकल कॉलेज के लिए तय जमीन पर होगा निर्माण
Mon, 04 Sep 2023 04:25 PM IST
निवेदिता वर्मा
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 04 Sep 2023 04:25 PM IST
सार
ट्राइसिटी में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के मामले दिन-ब-दिन बढ़ रहे हैं क्योंकि पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा से भी मरीज शहर के अस्पतालों में आते हैं। जीएमएसएच-16 के एमसीएच विंग को अपग्रेड करने की आवश्यकता है क्योंकि वर्तमान बुनियादी ढांचा मरीजों की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम नहीं है।
विज्ञापन
GMSH 16 Chandigarh
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चंडीगढ़ जीएमएसएच-16 के मेडिकल कॉलेज के लिए सारंगपुर में चयनित भूमि पर अब डीएनबी अकादमिक ब्लॉक, आवासीय परिसर और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) केंद्र बनाने का फैसला लिया गया है। निर्माण कार्य के पूरा होने के बाद यहीं पर जीएमएसएच-16 के वर्तमान स्त्री रोग विंग को स्थानांतरित किया जाएगा। इस संबंध में यूटी प्रशासन के आर्किटेक्ट विभाग ने नक्शा बनाने का कार्य शुरू कर दिया है।
यूटी प्रशासन ने वर्ष 2020 में सारंगपुर में जीएमएसएच-16 के विस्तार के तौर पर शहर का दूसरा मेडिकल कॉलेज बनाने का फैसला लिया था। नवंबर 2020 में प्रशासन ने डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को अनुमति दी थी और केंद्र से एमबीबीएस की 50 सीटों की मंजूरी मांगी थी। वर्ष 2022 में केंद्र ने यह कहकर प्रस्ताव खारिज कर दिया कि एक जिले में केवल एक ही मेडिकल कॉलेज बनाया जा सकता है हालांकि इस बीच जीएमएसएच-16 को मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए प्रशासन ने सारंगपुर में 15 एकड़ जमीन आवंटित कर दी थी।
यह भी पढ़ें: Chandigarh: युवक को दौड़ा-दौड़ाकर चाकू से गोदा, पेट समेत कई जगह मिले घाव, सामने आया वीडियो
विज्ञापन
अब फैसला लिया गया है कि उस स्थान का उपयोग आवासीय स्थान के साथ-साथ डीएनबी (डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड) छात्रों के लिए एक अकादमिक ब्लॉक प्रदान करने के लिए किया जाएगा। सारंगपुर में एक एमसीएच केंद्र बनाने का भी प्रस्ताव है, जहां जीएमएसएच-16 के वर्तमान स्त्री रोग विंग को स्थानांतरित किया जाएगा। इस संबंध में सचिव स्वास्थ्य, मुख्य वास्तुकार और इंजीनियरिंग विभाग के साथ चर्चा हो चुकी है और अब विभाग ने एमसीएच केंद्र, अकादमी ब्लॉक आदि के निर्माण के लिए यूटी प्रशासन के टाउन प्लानिंग और आर्किटेक्ट विभाग को लिखा है ताकि ड्राइंग मुहैया कराया जा सके।
जीएमएसएच-16 के एमसीएच विंग को अपग्रेड करने की जरूरत
ट्राइसिटी में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के मामले दिन-ब-दिन बढ़ रहे हैं क्योंकि पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा से भी मरीज शहर के अस्पतालों में आते हैं। जीएमएसएच-16 के एमसीएच विंग को अपग्रेड करने की आवश्यकता है क्योंकि वर्तमान बुनियादी ढांचा मरीजों की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम नहीं है इसलिए, नवीनीकरण की अवधि के दौरान एमसीएच विंग को किसी वैकल्पिक स्थान जैसे सिविल अस्पताल-48 या सिविल अस्पताल-22 में स्थानांतरित करने का फैसला लिया गया लेकिन पर्याप्त जगह न होने के कारण इस पर काम नहीं हो सका। आखिर में विभाग ने अब प्रस्ताव दिया है कि सारंगपुर में डीएनबी आवासीय परिसर, अकादमिक ब्लॉक के साथ एक एमसीएच केंद्र बनाया जाए।
विज्ञापन
यूटी प्रशासन ने वर्ष 2020 में सारंगपुर में जीएमएसएच-16 के विस्तार के तौर पर शहर का दूसरा मेडिकल कॉलेज बनाने का फैसला लिया था। नवंबर 2020 में प्रशासन ने डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को अनुमति दी थी और केंद्र से एमबीबीएस की 50 सीटों की मंजूरी मांगी थी। वर्ष 2022 में केंद्र ने यह कहकर प्रस्ताव खारिज कर दिया कि एक जिले में केवल एक ही मेडिकल कॉलेज बनाया जा सकता है हालांकि इस बीच जीएमएसएच-16 को मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए प्रशासन ने सारंगपुर में 15 एकड़ जमीन आवंटित कर दी थी।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: Chandigarh: युवक को दौड़ा-दौड़ाकर चाकू से गोदा, पेट समेत कई जगह मिले घाव, सामने आया वीडियो
विज्ञापन
अब फैसला लिया गया है कि उस स्थान का उपयोग आवासीय स्थान के साथ-साथ डीएनबी (डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड) छात्रों के लिए एक अकादमिक ब्लॉक प्रदान करने के लिए किया जाएगा। सारंगपुर में एक एमसीएच केंद्र बनाने का भी प्रस्ताव है, जहां जीएमएसएच-16 के वर्तमान स्त्री रोग विंग को स्थानांतरित किया जाएगा। इस संबंध में सचिव स्वास्थ्य, मुख्य वास्तुकार और इंजीनियरिंग विभाग के साथ चर्चा हो चुकी है और अब विभाग ने एमसीएच केंद्र, अकादमी ब्लॉक आदि के निर्माण के लिए यूटी प्रशासन के टाउन प्लानिंग और आर्किटेक्ट विभाग को लिखा है ताकि ड्राइंग मुहैया कराया जा सके।
जीएमएसएच-16 के एमसीएच विंग को अपग्रेड करने की जरूरत
ट्राइसिटी में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के मामले दिन-ब-दिन बढ़ रहे हैं क्योंकि पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा से भी मरीज शहर के अस्पतालों में आते हैं। जीएमएसएच-16 के एमसीएच विंग को अपग्रेड करने की आवश्यकता है क्योंकि वर्तमान बुनियादी ढांचा मरीजों की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम नहीं है इसलिए, नवीनीकरण की अवधि के दौरान एमसीएच विंग को किसी वैकल्पिक स्थान जैसे सिविल अस्पताल-48 या सिविल अस्पताल-22 में स्थानांतरित करने का फैसला लिया गया लेकिन पर्याप्त जगह न होने के कारण इस पर काम नहीं हो सका। आखिर में विभाग ने अब प्रस्ताव दिया है कि सारंगपुर में डीएनबी आवासीय परिसर, अकादमिक ब्लॉक के साथ एक एमसीएच केंद्र बनाया जाए।