फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Diwali 2020: Chinese jhalar available at markets of Chandigarh for Diwali

बाजार में देसी लड़ियों की खूब मांग लेकिन कम है स्टॉक, अब चीनी झालरों से जगमगाएंगी दिवाली

Sun, 18 Oct 2020 12:19 PM IST
ajay kumar आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 18 Oct 2020 12:19 PM IST
सार

  • बाजार में अब तक नहीं पहुंची देसी लड़ियां, सप्लाई में कमी बड़ी बाधा
  • चीनी लड़ियां जनवरी-फरवरी में ही आयात होकर दिल्ली में आ गई थीं

विज्ञापन
Diwali 2020: Chinese jhalar available at markets of Chandigarh for Diwali
फाइल फोटो

विस्तार

चीन से तकरार के बाद माना जा रहा था कि इस बार दीपावली में चीनी लड़ियों की जगह घर-घर देसी लड़ियां जगमगाएंगी लेकिन फिलहाल ऐसा नजर नहीं आ रहा। हर बार की तरह इस बार भी चीनी लड़ियां शहर के बाजार में पहुंच चुकी हैं और बिकने को तैयार हैं, जबकि देसी लड़ियों का इंतजार किया जा रहा है। बाजार के जानकारों का कहना है कि देसी लड़ियों की मांग है लेकिन उसके मुताबिक पूर्ति नहीं है। 

विज्ञापन


जिन व्यापारियों ने जून-जुलाई में आर्डर कर दिया था, सिर्फ उन्हीं के पास देसी लड़ियां पहुंची हैं। चंडीगढ़ सेक्टर-18 इलेक्ट्रॉनिक सामान का थोक व रिटेल का बड़ा बाजार है। यहां पर सिर्फ एक दो कारोबारियों को छोड़कर सभी के पास चीनी लड़ियां ही हैं।
विज्ञापन


कारोबारियों का कहना है कि पिछले चार साल से शोर मचा हुआ है कि दिवाली पर देसी लड़ियां लेकर आएंगे लेकिन हर बार दावे फुस्स हो जाते हैं। सच्चाई तो यह है कि चीनी लड़ियों का अब तक कोई विकल्प नहीं आया है। देसी लड़ियां इतनी महंगी होती हैं कि उसका दाम सुनते ही लोग चीनी लड़ियों की ओर मुड़ जाते हैं। कारोबारी तो सामान बेचने के लिए बैठा है, उसे जो सामान मिलेगा, वही बेचेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

साल की शुरुआत में हो गया था आर्डर 

सेक्टर-18 के कारोबारी राजेश मिलाप ने बताया कि चीनी लड़ियों की सप्लाई पहले जैसी है। चंडीगढ़ में माल दिल्ली से आता है। दिल्ली में बड़े-बड़े आयातक हैं, जिन्होंने साल की शुरुआत में चीन में माल का आर्डर दे दिया था। उनके पास काफी मात्रा में माल पहुंच चुका है। जिन आयतकों ने फरवरी के बाद माल का आर्डर दिया था, उनका सामान पहुंचने में थोड़ी दिक्कत आ सकती है वरना दिवाली के हिसाब से सामान पूरा है। कुछ वैराइटी कम है, वो इसीलिए क्योंकि बाद में माल आया नहीं। आयातक के पास माल खूब है।

इसलिए देसी लड़ियां नहीं मिल पाएंगी
व्यापारियों ने बताया कि देसी लड़ियां दिल्ली में बनती हैं लेकिन इस समय मजदूरों की कमी है। पलायन के बाद मजदूर आया तो है लेकिन उतनी संख्या में वापसी नहीं हुई है। इस वजह से पर्याप्त मात्रा में देसी लड़ियां तैयार नहीं हो पा रहीं। दूसरा अहम कारण यह भी है कि देसी लड़ियों को बनाने में लागत काफी ज्यादा आती है, इसलिए कारोबारी इस पर हाथ डालने से बचते हैं। उन्हें डर रहता है कि चीन के सस्ते सामान के सामने क्या उनका माल बिक पाएगा। खुदरा में चीनी लड़ियां 25 रुपये से लेकर हजार रुपये में उपलब्ध हैं, जबकि देसी लड़ी की न्यूनतम कीमत ही 250 रुपये है।

क्या कहते हैं कारोबारी

देसी लड़ियों की भी खूब है मांग
चीनी लड़ियां आ चुकी हैं और आ भी रही हैं। इन पर सरकार की ओर से बीआईएस मार्का की मुहर लगी है। एक तथ्य यह भी है कि भारतीय लड़ियों की डिमांड खूब है लेकिन उस मांग को पूरा नहीं कर पा रहे। आर्डर देने के बाद 15 दिन बाद माल आ रहा है। हमने देसी लड़ियों का आर्डर जून-जुलाई में ही कर दिया था इसलिए मेरे पास इंडियन लड़ियों का अच्छा स्टॉक है। जिन्होंने पहले से तैयारी नहीं की थी, उनके पास देसी लड़ियां नहीं मिलेंगी। - सौरभ गुप्ता, यूनिवर्सल इलेक्ट्रिक कंपनी सेक्टर -18

बाजार में नहीं हैं देसी लड़ियां
देसी लड़ियां अभी बाजार में पहुंच नहीं पाई हैं। एक दो दुकान में हों तो कहा नहीं जा सकता है। चीन का माल काफी दिन पहले बाजार में आ गया था। इसलिए उसकी तो कोई कमी नहीं है। ठोस बात यह है कि चीनी लड़ियों का विकल्प अभी भारतीय बाजार में उपलब्ध नहीं है। यदि है तो वह इतना महंगा है कि कुछ ही लोग उसे खरीद पाते हैं। देसी लड़ियों का बाजार तभी रफ्तार पकड़ेगा जब सस्ते के साथ उसकी सप्लाई पूरी होगी। - राजेश मदान, मिलाप सेल्स कारपोरेशन सेक्टर-18

चीनी माल भी इस बार कम है
बाजार में चीनी माल तो है लेकिन इस बार 30-40 फीसदी कम। एक यह भी सच्चाई है कि दिल्ली के आयातकों के पास चीन का माल पहले ही पहुंच चुका था इसलिए ज्यादा कमी नहीं है। कई लोगों के पास स्टॉक पहुंच चुका है। देसी की डिमांड तो है लेकिन बाजार में माल नहीं है। अंतिम समय में लोग चीन की लड़ियों को ही भाव देते हैं। - संजय पुरी, प्रधान सेक्टर -18 मार्केट

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed