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आधार कार्ड बनवाने गए दिव्यांग, वो चल भी नहीं सकते, फिर भी घंटों तक किया परेशान
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Fri, 12 Aug 2016 02:29 AM IST
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divyang in queue
- फोटो : amar ujala
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संपर्क सेंटर मनीमाजरा में वीरवार सुबह दो दिव्यांग बच्चों को लोगों की जबरदस्ती के चलते लाइन में खड़ा रखा गया। दोनों बच्चे अपने पिता के साथ आधार कार्ड बनाने के लिए गए थे। इनमें साढ़े पांच साल का दिव्यांग बच्चा नुसरत अली खान और एक 12 साल की बच्ची थी। नुसरत के पिता अजल मोहम्मद ने बताया कि नुसरत न ही चल सकता और वह दिमागी तौर पर भी ठीक नहीं है।
अजल ने बताया कि संपर्क सेंटर में आधार कार्ड में एक ही काउंटर है। वीरवार सुबह जब वह नुसरत का आधार कार्ड बनाने गए तो 25-27 लोग लाइन में आधार कार्ड बनाने के लिए खडे़ थे। उन्होंने आगे काउंटर पर जाकर आधार बनाने की कोशिश तो सभी लोग चिल्लाने लगे। सबने कहा कि लाइन में आओ। अजल ने बताया कि उसने बच्चे की स्थिति कार्ड बनाने व और लोगों को बताई लेकिन किसी ने नहीं सुनी।
बच्चे की दशा देखाकर भी लोगों में इंसानियत नहीं जागी। इस को व्यवहार लोगों का देखाकर उसने मीड़िया से सहयोग मांगा। इसी दौरान संपर्क सेंटर में आए समाजसेवी रामेश्वर गिरि ने मौके पर लोगों को खूब खरी खोटी सुनाते हुए बच्चों को आगे ले जाकर उनके आधार कार्ड बनाने में मदद की। जिसके बाद दोनों बच्चे परिजनों की थोड़ी राहत मिली। वहीं संपर्क सेंटर के कर्मचारी का कहना कि लोग के विरोध के चलते वे भी बेबस हो गए थे।
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अजल ने बताया कि संपर्क सेंटर में आधार कार्ड में एक ही काउंटर है। वीरवार सुबह जब वह नुसरत का आधार कार्ड बनाने गए तो 25-27 लोग लाइन में आधार कार्ड बनाने के लिए खडे़ थे। उन्होंने आगे काउंटर पर जाकर आधार बनाने की कोशिश तो सभी लोग चिल्लाने लगे। सबने कहा कि लाइन में आओ। अजल ने बताया कि उसने बच्चे की स्थिति कार्ड बनाने व और लोगों को बताई लेकिन किसी ने नहीं सुनी।
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बच्चे की दशा देखाकर भी लोगों में इंसानियत नहीं जागी। इस को व्यवहार लोगों का देखाकर उसने मीड़िया से सहयोग मांगा। इसी दौरान संपर्क सेंटर में आए समाजसेवी रामेश्वर गिरि ने मौके पर लोगों को खूब खरी खोटी सुनाते हुए बच्चों को आगे ले जाकर उनके आधार कार्ड बनाने में मदद की। जिसके बाद दोनों बच्चे परिजनों की थोड़ी राहत मिली। वहीं संपर्क सेंटर के कर्मचारी का कहना कि लोग के विरोध के चलते वे भी बेबस हो गए थे।
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