कुरियर से शपथ पत्र भेजकर पत्नी को दिया तलाक, एक रात की कीमत लगाई साढ़े तीन सौ
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हरियाणा के यमुनानगर में एक महिला को उसके पति ने कुरियर से शपथपत्र भेजकर तीन तलाक दिया है। इतना ही नहीं उसने क्षतिपूर्ति यानी हक मेहर के रूप में 5100 रुपये का चेक भी साथ भेजा है। पीड़ित महिला बैंक में ऑफिसर और उसका पति दूसरे बैंक में क्लर्क है। महिला का आरोप है कि उसके पति का अपनी रिश्तेदारी में ही किसी लड़की के साथ अफेयर है। उससे निकाह करने के लिए ही उसने उसे तलाक लिखा शपथपत्र भेजा है। जबकि आरोपी ने शपथपत्र में उलटा महिला के चाल चलन पर अंगुली उठाते हुए तलाक की वजह बताया है। पीड़िता ने इस तलाक को मानने से इनकार करते हुए सीएम विंडो के साथ-साथ न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।
एक कॉलोनी निवासी महिला ने बताया कि 6 नवंबर 2016 में उसका निकाह भिवानी निवासी युवक के साथ हुआ था। निकाह के कुछ दिन बाद ही उसका पति और ससुराल वाले दहेज के लिए तंग करने लगे। उसे जबरन मायके में भेज दिया। फिर रिश्तेदारों के समझौते पर वह वापस ससुराल चली गई, लेकिन उस पर प्रताड़ना जारी रही। कई दिन बीतने के बाद आरोपी ने फिर उसे यमुनानगर भेज दिया। जिस पर उसने पुलिस में आरोपी के खिलाफ दहेज प्रताड़ना की शिकायत दी।
इसी बीच 28 जुलाई 2017 को लिखा तलाक का शपथपत्र उसे कुरियर से मिला। इसमें उसके हक मेहर की रकम का चेक और शपथपत्र निकला। महिला की शिकायत पर पुलिस ने 19 फरवरी 2018 को दहेज प्रताड़ना की एफआईआर दर्ज की। इस शपथपत्र में उससे तीन तलाक देने की बात लिखी हुई थी।
ये लिखा है शपथपत्र में
अब मैं दुखी होकर अपने होशो हवास में मैं तलाक देता हूं। मैं तलाक देता हूं। मैं तलाक देता हूं। यह तलाक मैं समाज के कुछ प्रमुख लोगों की हाजरी में दे रहा हूं। मैंने निकाह के समय पर जो मेहर की राशि 5100 रुपये मुकर्रर हुई थी। उसको अदा कर दिया है।
नहीं होने देगी दूसरा निकाह, लड़ूंगी कानूनी लड़ाई
पीड़ित महिला ने इस निकाह के बाद एक बच्ची को जन्म दिया। जब महिला अपने मायके आ गई तो उसके पति ने उसके घर के समान को भी एक ट्रक में लोड कर यमुनानगर भेज दिया। अब वह इस बेटी को लेकर कहां जाए। इस बारे में जब उसने अपने पति से बात करनी चाही तो उसने इस बेटी को भी अपनाने से साफ मना कर दिया। महिला का आरोप है कि उसके पति का अपनी ही रिश्तेदारी में एक लड़की से चक्कर है और वह उसी से निकाह करना चाहता है। लेकिन वह ऐसा नहीं होने देगी। इसके लिए वह अब कानूनी लड़ाई लड़ेगी।
कोर्ट जा सकती है पीड़िता
दूसरा पक्ष
पति का कहना है कि उसने अपनी शादी को बचाने और घर बसाने के लिए बहुत प्रयास किया, लेकिन पत्नी ने कोई सहयोग नहीं दिया। इसके चलते तलाक की नौबत आई। वह खुद उससे प्रताड़ित है, इसलिए तलाक दिया था। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले ही तलाक दे दिया था। इसलिए यह इस लागू नहीं होता। वह एक नीची जाति से है और वह उच्च बिरादरी से है। वह उसके घर पर सामंजस्य नहीं कर पाई। क्योंकि वह गरीब है।