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खुला दरबारः जिला रोजगार अधिकारी और बिजली निगम के क्लर्क को मुख्यमंत्री ने किया निलंबित
Thu, 25 Jun 2020 02:02 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 25 Jun 2020 02:02 PM IST
सार
- जनसुनवाई में अनुपस्थित मिलने पर राजेश सांगवान को किया गया निलंबित
- उपभोक्ता के बिजली बिल माइनस में भेजने के मामले में दो क्लर्क भी सस्पेंड
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जनता दरबार में गुरुवार को सीएम मनोहर लाल एक्शन मोड में दिखे। जन सुनवाई के दौरान अनुपस्थित मिले जिला रोजगार अधिकारी को उन्होंने सस्पेंड करने के निर्देश दिए। वहीं उपभोक्ता के बिजली बिल दो बार माइनस में भेजे जाने के मामले में सीएम ने विभाग के दो क्लर्कों को सस्पेंड कर दिया है।
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सीएम के जनता दरबार में निर्धारित सौ शिकायतों की सुनवाई की गई। जन सुनवाई को एक घंटा सात मिनट बीतने के बाद टोकन नंबर-27 पर गीता का नाम पुकारा गया। उसने सीएम से रोजगार दिलवाने की मांग की। इस पर सीएम ने सक्षम पर नाम दर्ज करवाने की बात कही। शिकायतकर्ता ने कहा कि रोजगार विभाग उसका सक्षम में सीधे नाम दर्ज नहीं कर रहा है। इस पर सीएम ने जिला रोजगार अधिकारी को बुलाया।
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इसके बाद डीसी ने भी जिला रोजगार अधिकारी को आवाज दी। कई बार मंच से बुलाने के बाद भी जब जिला रोजगार कार्यालय से कोई भी अधिकारी और कर्मचारी नहीं आया तो सीएम ने जिला रोजगार अधिकारी राजेश सांगवान को सस्पेंड करने के निर्देश जारी किए। साथ ही कहा कि अनुपस्थिति का सही तथ्य पेश करने के बाद ही बहाली पर विचार किया जाएगा।
बिजली बिल गलत होने पर संबंधित क्लर्क पर कार्रवाई के दिए निर्देश
सुनवाई के करीब पौने दो घंटे बीतने के बाद टोकन नंबर 46 पर पहुंचे शिकायतकर्ता अजय कुमार ने बताया कि उनका बिजली का बिल दो बार माइनस में आया है। सीएम ने निगम के अधिकारियों से इस पर जवाब मांगा तो बताया गया कि ऐसा गलती से हुआ है। सीएम बोले-गलती एक बार होती है। दूसरी बार तो लापरवाही कही जाएगी। पूछने पर कार्यकारी अभियंता ने बताया कि दो क्लर्कों की ओर से बिजली बिल तैयार किया जाता है। इस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत संज्ञान लिया और दोनों को सस्पेंड करने के निर्देश दिए।