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चंडीगढ़ : जीएमसीएच-32 को नॉन कोविड अस्पताल में तब्दील करने की वकालत पर विवाद

Sun, 08 Nov 2020 04:32 PM IST
ajay kumar वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 08 Nov 2020 04:32 PM IST
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Dispute over advocacy to convert GMCH-32 into non-covid hospital
जीएमसीएच-32 - फोटो : अमर उजाला

गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच-32) के डॉक्टरों के व्हाट्सएप ग्रुप में एक सीनियर डॉक्टर ने एक ऐसा मैसेज पोस्ट कर दिया, जिस पर विवाद खड़ा हो गया है। इस मैसेज के जरिए डॉक्टर ने जीएमसीएच को नॉन-कोविड में बदलने की मांग करते हुए इसकी पुरजोर वकालत की है। 

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हैरत की बात यह है कि ग्रुप में शामिल कुछ अन्य डॉक्टर भी इस मैसेज का समर्थन कर रहे हैं। अपनी इस मांग का आधार इस सीनियर डॉक्टर ने मेडिकल छात्रों की पढ़ाई को बनाया है। हालांकि जीएमसीएच के कई डॉक्टर ऐसे भी हैं, जो इस पोस्ट का समर्थन नहीं कर रहे।
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इन डॉक्टरों का कहना है कि यह निर्णय सरकार और प्रशासन के स्तर का है। लिहाजा डॉक्टरों को ऐसे विवादों की वजह बनने की बजाय महामारी के इस दौर में कोरोना वॉरियर्स की तरह अपने कर्त्तव्य का निर्वहन करना चाहिए।
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बताते चलें कि जीएमसीएच-32 को चंडीगढ़ में कोविड अस्पताल घोषित किया गया है। इसके चलते कोरोना के कई मरीज यहां उपचाराधीन हैं। हालांकि सेक्टर-32 में मौजूद यह अस्पताल एक सरकारी मेडिकल कॉलेज भी है।

मगर चंडीगढ़ में जिस तरह से संक्रमण का फैलाव हुआ उसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन को इसे कोविड अस्पताल घोषित करना पड़ा ताकि यहां संक्रमितों को बेहतर उपचार मिल सके। मगर डॉक्टरों के ग्रुप में पोस्ट हुए मैसेज और उसके समर्थन के बाद यह बात भी सामने आ गई है कि कुछ डॉक्टर जीएमसीएच को कोविड अस्पताल बनाए जाने के फैसले से नाखुश हैं।

मैसेज में लिखा- डॉक्टरों का प्रशिक्षण भी हो रहा प्रभावित
डॉक्टरों के ग्रुप में सीनियर डॉक्टर ने जो मैसेज पोस्ट किया है, उसमें लिखा गया है कि कोविड के कारण जीएमसीएच-32 में मेडिकल छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। खासतौर पर सीखने का माध्यम प्रायोगिक शिक्षा होती है।

मेडिकल कॉलेज को कोविड अस्पतालों में बदलने के कारण यह शिक्षा प्रभावित हो रही है। ऐसे दिल्ली के दो मेडिकल कॉलेजों के छात्रों ने भी मांग की है कि कम से कम मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों को नॉन-कोविड में बदला जाए। नॉन कोविड ट्रीटमेंट बंद होने से रेजीडेंट डॉक्टरों की ट्रेनिंग भी प्रभावित हो रही है।

कोविड अस्पताल बनाना सरकार का निर्णय
मेडिकल कॉलेज को कोविड अस्पताल बनाए जाने का निर्णय सरकार का है। आगे भी सरकार जो आदेश जारी करेगी, उसका पालन किया जाएगा। जहां तक डॉक्टरों के ग्रुप में इस तरह के मैसेज चलाए जाने की बात है तो उन्हें इस संदर्भ में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है। -डॉ. रवि गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक, जीएमसीएच।
 
अपनी फिक्र छोड़ महामारी को हराने की सोचें
यह वैश्विक महामारी का दौर है। ऐसे में कोरोना वॉरियर्स कहे जाने वाले हम डॉक्टरों को अपने लाभ-हानि के बारे में सोचे बिना इस महामारी को हराने के बारे में सोचना होगा तभी जीत संभव हो पाएगी। डॉक्टरों को पूरी शिद्दत के साथ संक्रमित मरीजों के इलाज में जुटना होगा। - डॉ. एसबी बेदी, सलाहकार, वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन 

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