जब जूता पहने ही अंबेडकर को श्रद्धांजलि देने लगे भाजपा सांसद
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डा. भीमराव अंबेडकर के महा परिनिर्वाण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई जब मुख्य अतिथि सोनीपत के सांसद जूते पहन कर श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे तो विशिष्ट अतिथि और आयोजकों ने उनको जूता उतारने के लिए टोक दिया।
इस पर सांसद ने यह कहकर बचना चाहा कि जूता उतारने के लिए फीता खोलना पड़ेगा। लेकिन, आयोजकों के अड़ जाने पर सांसद ने जूते उतारने के बाद ही श्रद्धांजलि अर्पित की और मामला शांत हो गया।
भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के महा परिनिर्वाण दिवस पर रविवार को हरियाणा के जींद में डीआरडीए के सभागार में श्रद्धांजलि समारोह था। इसमें सोनीपत के सांसद रमेश कौशिक मुख्य अतिथि तथा दलित महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोर सिंह पहलवान विशिष्ट अतिथि थे।
सोनीपत से भाजपा सांसद हैं रमेश कौशिक
सांसद रमेश कौशिक दोपहर करीब ढाई बजे समारोह में पहुंचे। आयोजकों ने सांसद को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए बुलाया तो कौशिक जूते उतारे बिना डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र के समक्ष श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए पहुंच गए।
इस पर दलित महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोर सिंह पहलवान ने सांसद को यह कहकर टोक दिया कि जूते पहनकर कभी भी श्रद्धांजलि नहीं दी जाती।
सांसद ने पलट कर जवाब दिया कि जूतों के फीते बंधे हुए हैं और जूते उतारने के लिए उन्हें फीते खोलने पड़ेंगे, लेकिन आयोजक जूते उतारने पर अड़े रहे। इसके बाद सांसद ने जूते उतार कर डॉ. अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की।
रमेश कौशिक, सांसद सोनीपत ने बताया कि समारोह में ऐसी कोई बात नहीं हुई, मैं तो जूते उतार कर ही श्रद्धांजलि देने के लिए गया था।