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लोकल रूट पर बस चलाने का विवाद बढ़ा: पीजीआई तक दौड़ रही हरियाणा की बस, चंडीगढ़ ने केंद्र से लगाई गुहार
Thu, 29 Aug 2024 10:55 AM IST
निवेदिता वर्मा
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 29 Aug 2024 10:55 AM IST
सार
पीजीआई के लिए बस चलाना पंचकूला/कालका के लिए सिर्फ जनता को सुविधा देना ही नहीं, बल्कि एक राजनीतिक मकसद को पूरा करना भी है। हरियाणा के तमाम नेता पिछले काफी समय से लोगों को यह आश्वासन दे रहे हैं कि हरियाणा की बसें पीजीआई तक जाएंगी। अब उसी वादे को पूरा करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया जा रहा है।
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चंडीगढ़ में खड़ी हरियाणा रोडवेज की बस।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लोकल रूट पर बस चलाने को लेकर चंडीगढ़ और हरियाणा के बीच का विवाद अब केंद्र सरकार तक पहुंच गया है।
20 अगस्त को प्रशासक के सलाहकार राजीव वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद भी हरियाणा ने बस का संचालन नहीं रोका है। रोजाना सुबह और शाम पीजीआई तक पंचकूला की बस आ रही है। बैठक के बाद प्रशासन ने पत्र लिखकर मना किया तो हरियाणा ने धमकी दे दी कि अगर उनकी बस का चंडीगढ़ में चालान हुआ तो वह भी कार्रवाई करेंगे।
मामले को सुलझाने के लिए सलाहकार राजीव वर्मा की अध्यक्षता में 20 अगस्त को बैठक हुई थी। इसमें हरियाणा के कई अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद प्रशासन ने लिखित में हरियाणा को कहा कि चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट पॉलिसी के अनुसार, लोकल रूट पर बस चलाने का काम चंडीगढ़ को सौंपा गया है। ऐसे में पंचकूला/कालका से चलाई जा रही बस को तुरंत रोका जाए।
जवाब में हरियाणा ने कई नियम गिना दिए और चंडीगढ़ परिवहन विभाग को धमकी भी दे डाली। कहा कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) की गाइडलाइंस के अनुसार, इलेक्ट्रिक बसों को परमिट की जरूरत नहीं होती। कहा कि चंडीगढ़ और हरियाणा में रेसिप्रोकल एग्रीमेंट नहीं हुआ है, ऐसे में हरियाणा में चलने वाली सीटीयू की बसें अवैध हैं। हरियाणा ने यह भी कहा कि अगर किसी कानूनी पेंच को लेकर समस्या है तो मोर्थ को भेजा जा सकता है लेकिन तब तक लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसलिए पीजीआई को जाने वाली बस चलती रहेगी।
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इसके बाद कहा है कि चंडीगढ़ में अगर उनकी बस पर कार्रवाई की गई तो वह भी नियमों के अनुसार सीटीयू की बसों पर कार्रवाई करेंगे। हरियाणा से यह जवाब मिलने के बाद प्रशासन में खलबली मच गई। चंडीगढ़ के अधिकारियों ने फैसला किया है कि इस मामले को मोर्थ में भेजा जाएगा ताकि विवाद को सुलझाया जा सके।
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20 अगस्त को प्रशासक के सलाहकार राजीव वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद भी हरियाणा ने बस का संचालन नहीं रोका है। रोजाना सुबह और शाम पीजीआई तक पंचकूला की बस आ रही है। बैठक के बाद प्रशासन ने पत्र लिखकर मना किया तो हरियाणा ने धमकी दे दी कि अगर उनकी बस का चंडीगढ़ में चालान हुआ तो वह भी कार्रवाई करेंगे।
मामले को सुलझाने के लिए सलाहकार राजीव वर्मा की अध्यक्षता में 20 अगस्त को बैठक हुई थी। इसमें हरियाणा के कई अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद प्रशासन ने लिखित में हरियाणा को कहा कि चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट पॉलिसी के अनुसार, लोकल रूट पर बस चलाने का काम चंडीगढ़ को सौंपा गया है। ऐसे में पंचकूला/कालका से चलाई जा रही बस को तुरंत रोका जाए।
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जवाब में हरियाणा ने कई नियम गिना दिए और चंडीगढ़ परिवहन विभाग को धमकी भी दे डाली। कहा कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) की गाइडलाइंस के अनुसार, इलेक्ट्रिक बसों को परमिट की जरूरत नहीं होती। कहा कि चंडीगढ़ और हरियाणा में रेसिप्रोकल एग्रीमेंट नहीं हुआ है, ऐसे में हरियाणा में चलने वाली सीटीयू की बसें अवैध हैं। हरियाणा ने यह भी कहा कि अगर किसी कानूनी पेंच को लेकर समस्या है तो मोर्थ को भेजा जा सकता है लेकिन तब तक लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसलिए पीजीआई को जाने वाली बस चलती रहेगी।
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इसके बाद कहा है कि चंडीगढ़ में अगर उनकी बस पर कार्रवाई की गई तो वह भी नियमों के अनुसार सीटीयू की बसों पर कार्रवाई करेंगे। हरियाणा से यह जवाब मिलने के बाद प्रशासन में खलबली मच गई। चंडीगढ़ के अधिकारियों ने फैसला किया है कि इस मामले को मोर्थ में भेजा जाएगा ताकि विवाद को सुलझाया जा सके।
हरियाणा ने सीटीयू की यूनियन के खिलाफ पुलिस को दी शिकायत
हरियाणा की तरफ से पीजीआई के लिए चलाई जा रही बस को लेकर पहले चंडीगढ़ और पंचकूला के बीच सड़क पर लड़ाई हुई और अब कागजों में हो रही है। 11 और 12 अगस्त को सीटीयू यूनियन के पदाधिकारियों ने पंचकूला/कालका से आई बस को रोका था, इसके खिलाफ हरियाणा सिटी बस सर्विस लिमिटेड की तरफ से चंडीगढ़ एसएसपी को शिकायत दी गई है और कार्रवाई की मांग की है। हरियाणा रोडवेज एक अधिकारी ने भी कुछ दिन पहले कहा था कि सीटीयू यूनियन द्वारा अवैध रूप से बसों को रोका गया।10 अगस्त से पंचकूला से शुरू की बस
10 अगस्त से चंडीगढ़-हरियाणा में विवाद शुरू हुआ था, जब सीटीयू यूनियन के सदस्यों को पता चला कि पंचकूला ने पीजीआई के लिए लोकल बस सेवा शुरु की है। 11 अगस्त को सेक्टर-16 के रोज गार्डन के पास सीटीयू की यूनियन ने बस को रोक दिया और एसटीए ने चालान काटने के साथ बस को जब्त कर लिया। इसके बाद से चंडीगढ़-पंचकूला में ठन गई। पंचकूला आरटीओ ने 14 अगस्त को सीटीयू की 11 बसों को जब्त कर लिया था और पंचकूला के डिपो में खड़ी कर दी थी। यह छह दिन बाद चंडीगढ़ लौटी हैं। पंचकूला का कहना है कि वह लोगों की मांग पर इस बस को चला रहे हैं।क्या कहते हैं अधिकारी
ट्रांसपोर्ट पॉलिसी में स्पष्ट है कि लोकल रूट पर सेवाएं देने का काम चंडीगढ़ को ही सौंपा गया है। हरियाणा को इस संबंध में लिखित में जानकारी दी जा चुकी है लेकिन वह किसी और तरह से पॉलिसी की कानूनी व्याख्या कर रहे हैं इसलिए हम मामले को केंद्र को भेज रहे हैं ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। जानकारी मिली है कि उनकी तरफ से पीजीआई के लिए बस अभी भी चलाई जा रही है। इस पर एक बैठक करेंगे। - विनय प्रताप सिंह, परिवहन सचिव, यूटी प्रशासनहम यूटी प्रशासन के रूख का इंतजार कर रहे हैं कि वह क्या फैसला करते हैं। इसके बाद हम आगे की रणनीति तय करेंगे लेकिन एक बात स्पष्ट है कि चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट पॉलिसी के अनुसार पंचकूला से पीजीआई को आ रही बस अवैध है। यूनियन की तरफ से इसका विरोध जारी रहेगा। - सतिंदर सिंह, महासचिव, चंडीगढ़ गवर्नमेंट ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन