{"_id":"682a450b41dcc9f9210c0a09","slug":"discussion-on-years-old-problems-and-pending-demands-of-teachers-chandigarh-news-c-16-pkl1043-713016-2025-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: शिक्षकों की वर्षों पुरानी समस्याओं और लंबित मांगों पर की चर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: शिक्षकों की वर्षों पुरानी समस्याओं और लंबित मांगों पर की चर्चा
Mon, 19 May 2025 02:07 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Updated Mon, 19 May 2025 02:07 AM IST
विज्ञापन
चंडीगढ़। जॉइंट एक्शन कमेटी ऑफ टीचर्स, यूटी चंडीगढ़ की कोर कमेटी ने अध्यक्ष रणबीर सिंह राणा के नेतृत्व में राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू से उनके निवास स्थान पर एक बैठक की। बैठक में चंडीगढ़ के गेस्ट, कॉन्ट्रैक्ट व एसएसए तथा नियमित शिक्षकों की वर्षों पुरानी समस्याओं और लंबित मांगों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान सांसद को एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन में मुख्य रूप से वर्ष 2000 व 2008 से कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत गेस्ट/कॉन्ट्रैक्ट शिक्षकों की सेवाओं को नियमित करने हेतु नीतिगत निर्णय की मांग की गई।
शिक्षकों ने बताया कि उनकी नियुक्तियां शिक्षा विभाग व चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पारदर्शी तरीके से की गई हैं और सभी शिक्षक एनसीटीई व भर्ती नियमों के अनुसार योग्य हैं उनकी नियुक्ति भी नियमित शिक्षकों के भांति ही हुई है। वह सभी शिक्षक नियमित स्वीकृत पदों पर बिना किसी ब्रेक के वर्षों से कार्य कर रहे हैं और नियमित शिक्षकों की तरह ही सभी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
कर्मचारियों को स्थायित्व और समान अधिकार मिलना चाहिए, इसी निर्णय के आधार पर कई राज्य सरकारें अपने कर्मचारियों को नियमित कर रहे हैं। राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने शिक्षकों की समस्याएं सहानुभूति पूर्वक सुनते हुए आश्वासन दिया कि वे स्वयं इन मुद्दों को केंद्र सरकार और चंडीगढ़ के प्रशासक के समक्ष उठाकर इनका समाधान करवाने का प्रयास करेंगे।
विज्ञापन
गेस्ट, कॉन्ट्रैक्ट व एसएसए शिक्षकों को नियमित किया जाए
कमेटी ने सांसद के समक्ष यह मांग रखी कि गेस्ट, कॉन्ट्रैक्ट व एसएसए शिक्षकों की सेवाओं को हरियाणा और पंजाब की तर्ज पर नियमित किया जाए। उन्हें मेडिकल लीव, चाइल्ड केयर लीव, इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं भी नियमित शिक्षकों की तरह दी जाएं। नियमित शिक्षकों को केंद्र सरकार की एमएसीपी योजना के तहत 10, 20 और 30 वर्षों की सेवा पर पदोन्नति का लाभ मिले। गेस्ट/कॉन्ट्रैक्ट शिक्षकों के लंबित डीए पत्र व एरियर शीघ्र जारी किए जाएं। वर्ष 2015 में नियुक्त शिक्षकों को वेतन निर्धारण, वार्षिक वेतनवृद्धि और 6वें व 7वें वेतन आयोग के सभी लाभ प्रदान किए जाएं। साथ ही, सभी शिक्षकों व प्रधानाचार्यों को सीजीएचएस स्वास्थ्य कार्ड दिए जाएं और नियमित शिक्षकों के लिए आकस्मिक अवकाश की संख्या भी बढ़ाई जाए।
विज्ञापन
शिक्षकों ने बताया कि उनकी नियुक्तियां शिक्षा विभाग व चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पारदर्शी तरीके से की गई हैं और सभी शिक्षक एनसीटीई व भर्ती नियमों के अनुसार योग्य हैं उनकी नियुक्ति भी नियमित शिक्षकों के भांति ही हुई है। वह सभी शिक्षक नियमित स्वीकृत पदों पर बिना किसी ब्रेक के वर्षों से कार्य कर रहे हैं और नियमित शिक्षकों की तरह ही सभी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
विज्ञापन
कर्मचारियों को स्थायित्व और समान अधिकार मिलना चाहिए, इसी निर्णय के आधार पर कई राज्य सरकारें अपने कर्मचारियों को नियमित कर रहे हैं। राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने शिक्षकों की समस्याएं सहानुभूति पूर्वक सुनते हुए आश्वासन दिया कि वे स्वयं इन मुद्दों को केंद्र सरकार और चंडीगढ़ के प्रशासक के समक्ष उठाकर इनका समाधान करवाने का प्रयास करेंगे।
विज्ञापन
गेस्ट, कॉन्ट्रैक्ट व एसएसए शिक्षकों को नियमित किया जाए
कमेटी ने सांसद के समक्ष यह मांग रखी कि गेस्ट, कॉन्ट्रैक्ट व एसएसए शिक्षकों की सेवाओं को हरियाणा और पंजाब की तर्ज पर नियमित किया जाए। उन्हें मेडिकल लीव, चाइल्ड केयर लीव, इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं भी नियमित शिक्षकों की तरह दी जाएं। नियमित शिक्षकों को केंद्र सरकार की एमएसीपी योजना के तहत 10, 20 और 30 वर्षों की सेवा पर पदोन्नति का लाभ मिले। गेस्ट/कॉन्ट्रैक्ट शिक्षकों के लंबित डीए पत्र व एरियर शीघ्र जारी किए जाएं। वर्ष 2015 में नियुक्त शिक्षकों को वेतन निर्धारण, वार्षिक वेतनवृद्धि और 6वें व 7वें वेतन आयोग के सभी लाभ प्रदान किए जाएं। साथ ही, सभी शिक्षकों व प्रधानाचार्यों को सीजीएचएस स्वास्थ्य कार्ड दिए जाएं और नियमित शिक्षकों के लिए आकस्मिक अवकाश की संख्या भी बढ़ाई जाए।