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गंदे पानी से इस तरह बचेंगे सुखना व एन चो
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चंडीगढ़। कंस्ट्रक्शन एंड डेमोलिशन (सीएंडडी) वेस्ट रिसाइकल प्लांट से निकलने वाले गंदे पानी को साफ करने के लिए नगर निगम दो करोड़ की लागत से दूषित जल उपचार संयंत्र (एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) लगाने जा रहा है। प्लांट के लगने से सुखना चो व एन चो में गिर रहा गंदा पानी काफी हद तक शुद्ध होकर निकलेगा। यह प्रस्ताव 25 फरवरी को होने वाली सदन की बैठक में आएगा।
निगम आयुक्त केके यादव ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सब कमेटी ने जांच में पाया था कि औद्योगिक क्षेत्र फेज एक स्थित निगम के सीएंडडी वेस्ट प्लांट से जो पानी निकलता है, उसमें चिकनी मिट्टी (सिल्ट) की मात्रा काफी ज्यादा होती है। यह पानी सुखना और एन चो में गिराया जाता है। इससे चो का पानी गंदा हो जाता है। निगम को इसके लिए मशीनरी लगवा कर पानी को शुद्ध करना चाहिए। सब कमेटी के निर्देश पर निगम के बीएंडआर विभाग ने दूषित जल उपचार संयंत्र लगाने की योजना बनाई। इसके लगने से पानी की गंदगी काफी हद तक साफ हो जाएगी। जो सुखना और एन चो को गंदा नहीं करेगा। प्लांट पर खर्च होने वाली राशि ज्यादा होने के कारण इसे सदन के सामने रखा जा रहा है। सदन की मंजूरी मिलने के बाद प्लांट के निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
27 को होगी वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक
26 से 28 फरवरी तक रोज फेस्टिवल है। इस दौरान सदन की बैठक संभव नहीं है, इसलिए नगर निगम ने 25 फरवरी को सदन की बैठक रखी है। वहीं, वित्त एवं अनुबंध कमेटी (एफएंडसीसी) की बैठक के लिए 2 से 3 घंटे ही लगते हैं, इसलिए इसे 27 फरवरी को रखा गया है।
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पांच एसटीपी के अपग्रेडेशन का भी दिया था निर्देश
जस्टिस प्रीतमपाल के नेतृत्व में बनी सब कमेटी ने शहर के पांचों सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया था। उस दौरान इन प्लांट को जल्द से जल्द अपग्रेड करने को कहा था। कमेटी के सदस्यों ने कहा था कि इससे सुखना व एन चो में गंदा पानी जा रहा है। निगम के अधिकारियों ने बताया था कि पहले निविदा रद्द होने और उसके बाद कोरोना महामारी के कारण काम में रुकावट आ गई थी। इसे जल्द अपग्रेड करने का प्रयास किया जा रहा है।
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निगम आयुक्त केके यादव ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सब कमेटी ने जांच में पाया था कि औद्योगिक क्षेत्र फेज एक स्थित निगम के सीएंडडी वेस्ट प्लांट से जो पानी निकलता है, उसमें चिकनी मिट्टी (सिल्ट) की मात्रा काफी ज्यादा होती है। यह पानी सुखना और एन चो में गिराया जाता है। इससे चो का पानी गंदा हो जाता है। निगम को इसके लिए मशीनरी लगवा कर पानी को शुद्ध करना चाहिए। सब कमेटी के निर्देश पर निगम के बीएंडआर विभाग ने दूषित जल उपचार संयंत्र लगाने की योजना बनाई। इसके लगने से पानी की गंदगी काफी हद तक साफ हो जाएगी। जो सुखना और एन चो को गंदा नहीं करेगा। प्लांट पर खर्च होने वाली राशि ज्यादा होने के कारण इसे सदन के सामने रखा जा रहा है। सदन की मंजूरी मिलने के बाद प्लांट के निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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27 को होगी वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक
26 से 28 फरवरी तक रोज फेस्टिवल है। इस दौरान सदन की बैठक संभव नहीं है, इसलिए नगर निगम ने 25 फरवरी को सदन की बैठक रखी है। वहीं, वित्त एवं अनुबंध कमेटी (एफएंडसीसी) की बैठक के लिए 2 से 3 घंटे ही लगते हैं, इसलिए इसे 27 फरवरी को रखा गया है।
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पांच एसटीपी के अपग्रेडेशन का भी दिया था निर्देश
जस्टिस प्रीतमपाल के नेतृत्व में बनी सब कमेटी ने शहर के पांचों सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया था। उस दौरान इन प्लांट को जल्द से जल्द अपग्रेड करने को कहा था। कमेटी के सदस्यों ने कहा था कि इससे सुखना व एन चो में गंदा पानी जा रहा है। निगम के अधिकारियों ने बताया था कि पहले निविदा रद्द होने और उसके बाद कोरोना महामारी के कारण काम में रुकावट आ गई थी। इसे जल्द अपग्रेड करने का प्रयास किया जा रहा है।