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Hindi News ›   Chandigarh ›   Directors General of Haryana Education Department appeared in High Court on giving false information

Haryana: अदालत में झूठ मामले में हाईकोर्ट में पेश हुए 2015 से अब तक के शिक्षा महानिदेशक, मांगी माफी

Thu, 09 Nov 2023 09:47 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 09 Nov 2023 09:47 AM IST
सार

2013 में सरकार ने कुछ शिक्षकों को पदोन्नत कर हेड मास्टर बना दिया था और इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि नए नियम आने के बाद पुराने नियमों के आधार पर पदोन्नति नहीं दी जा सकती। हरियाणा सरकार ने 2016 में अवमानना याचिका में जानकारी दी थी कि याचिकाकर्ताओं को पदोन्नत कर हेड मास्टर बना दिया है।

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Directors General of Haryana Education Department appeared in High Court on giving false information
Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh - फोटो : File Photo

विस्तार

झूठी व गलत जानकारी देने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद एमएल कौशिक व उनके बाद हरियाणा के शिक्षा विभाग में महानिदेशक रहे सभी अधिकारी आदेश के अनुरूप हाईकोर्ट में पेश हुए। आदेश का पालन न होने पर सभी ने हाईकोर्ट में माफी मांगी और विश्वास दिलाया कि आदेश का पालन कर रिपोर्ट अगली सुनवाई पर दाखिल कर दी जएगी। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने उन्हें पेशी से छूट दे दी। 

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याचिका दाखिल करते हुए अंजू कुमारी शर्मा व अन्य ने एडवोकेट दीपक सोनक के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि 2013 में सरकार ने कुछ शिक्षकों को पदोन्नत कर हेड मास्टर बना दिया था और इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि नए नियम आने के बाद पुराने नियमों के आधार पर पदोन्नति नहीं दी जा सकती। ऐसे में पदोन्नति के आदेश रद्द करते हुए याचिकाकर्ताओं को पदोन्नत करने पर विचार का आदेश दिया था। आदेश का पालन न होने पर अवमानना याचिका दाखिल की गई थी। 
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हरियाणा सरकार ने 2016 में अवमानना याचिका में जानकारी दी थी कि याचिकाकर्ताओं को पदोन्नत कर हेड मास्टर बना दिया गया है। इस जानकारी के आधार पर हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका का निपटारा कर दिया था लेकिन आज तक उन्हें पदोन्नत नहीं किया गया है। पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा था कि सात साल बीत जाने के बाद भी याचिकाकर्ताओं को पदोन्नत नहीं किया गया। 


सरकार के रवैये पर हाईकोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि इस प्रकार का रवैया किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने कहा कि झूठी जानकारी तत्कालीन शिक्षा विभाग के महा निदेशक एमएल कौशिक के समय में दी गई थी और ऐसे में प्रथम दृष्टया वे अवमानना के दोषी हैं लेकिन उनके बाद यह पद संभालने वाले भी अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते। ऐसे में अब 2015 से अब तक शिक्षा निदेशक के पद पर जिन अधिकारियों ने भी काम किया है, उन सभी को हाईकोर्ट ने तलब कर लिया था। हाईकोर्ट ने कहा कि आदेश का पालन न होने के लिए यह सभी जिम्मेदार हैं और उन्हें खुद आकर बताना होगा कि उनके खिलाफ न्यायालय की अवमानना के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए। 

कोर्ट के आदेश के अनुसार मंगलवार को सभी आईएएस अधिकारी पेश हुए थे लेकिन केस पर सुनवाई नहीं हो सकी थी। ऐसे में बुधवार को फिर से सभी को बुलाया गया था। बुधवार को सभी ने माफी मांगी और अदालत को दी गई अंडरटेकिंग का पालन करने का विश्वास दिलाया।

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