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Chandigarh News: शिक्षा निदेशालय ने आठ जिलों से मांगे मिड-डे मील इंचार्जों के नाम

Sun, 21 Jul 2024 10:49 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jul 2024 10:49 PM IST
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Directorate of Education seeks names of mid-day meal incharges from eight districts
-चार लाख फर्जी दाखिला मामला : सीबीआई ने शिकंजा कसा तो निदेशालय हरकत में आया
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-सीबीआई दर्ज कर चुकी है अलग अलग सात एफआईआर, जांच शुरू


अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। राज्य के सरकारी स्कूलों में हुए 4 लाख फर्जी विद्यार्थियों के दाखिले और करोड़ों रुपये घोटाले के मामले में सीबीआई द्वारा सात एफआईआर दर्ज करने के बाद अब सीबीआई ने शिक्षा विभाग पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसका असर है कि मामले पर चुप्पी साधे हुआ हरियाणा शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। शिक्षा निदेशालय ने आठ जिलों के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों से 2014 से लेकर 18 तक बीच मिड डे मील इंचार्जों के नाम मांगें हैं। इनमें अंबाला, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, जींद, पंचकूला और यमुनानगर जिले शामिल हैं। मिड डे मील इंचार्जों की संख्या हजारों में है। उस समय मिड डे मील के इंचार्ज रहे मास्टरों और हेडमास्टरों को जांच में शामिल किया जाएगा। घोटाले में शामिल अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई भी तय है। आशंका है कि अकेले मिड डे मील के नाम पर इन चार सालों में 170 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। इसके अलावा, अब अन्य योजनाओं के लाभ लेने के मामले भी इंचार्जों के नामों का रिकार्ड मांगा जाना है।

प्रोफार्मा के तहत देना होगा मास्टरों और मुखिया का नाम
निदेशालय ने जारी पत्र के साथ साथ एक प्रोफामा भी जारी किया है। इसी को फील्ड के अधिकारियों को भरकर वापस मुख्यालय को भेजना होगा। प्रोफार्मा में जिला, स्कूल कोड, स्कूल का नाम, साल 2014-15., 2015-16, 2016-17, 2017-18 के तहत मिड के मिल के इंचार्ज रहे मास्टर या मुखिया जो भी मिड डे मिल का तत्कालीन समय में हेड था, उसका नाम लिखकर भेजना होगा।
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फर्जी विद्यार्थियों के नाम पर करोड़ों के घोटाले को दिया अंजाम
करोड़ों रुपये के इस घोटाले में मिड डे मील में फर्जीवाड़ा, छात्रवृत्ति में फर्जीवाड़े समेत किताबों के साथ साथ अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का आरोप है। दरअसल, जिन विद्यार्थियों के नाम पर स्कूल में राशन मंगवाया गया व अन्य वित्तीय मदद ली गई, वे विद्यार्थी स्कूल में थे ही नहीं। केवल खानापूर्ति के लिए स्कूलों में विद्यार्थियों नाम लिख दिए गए। विजिलेंस ने इस मामले की जांच तो तो स्कूलों में विद्यार्थी गैर हाजिर मिले और न ही उसका पता, आधार कार्ड आदि कुछ मिला। हाईकोर्ट ने इस मामले की सीबीआई से जांच के आदेश दिए थे। इसी माह सीबीआई चंडीगढ़ ने विजिलेंस की रिपोर्ट के आधार पर अलग अलग सात एफआईआर दर्ज की हैं।
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