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Punjab News: रिश्वत मामले में डीआईजी इंदरबीर की मुश्किलें बढ़ीं, फॉरेंसिक जांच में मिले अहम सबूत

Thu, 29 Jun 2023 11:16 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Thu, 29 Jun 2023 11:16 PM IST
सार

फरीदकोट के डीएसपी लखबीर सिंह संधू को जब विजिलेंस के अधिकारी प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आए और आरोपी डीआईजी इंदरबीर सिंह के सामने बैठाया तो डीएसपी ने तत्काल कहा कि सर मैंने आपको सब इंस्पेक्टर बलजिंदर सिंह के मामले में 23 लाख रुपये दिए थे।

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DIG Inderbir difficulties increased in bribery case
इंदरबीर सिंह। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

नशा तस्कर को छोड़ने के लिए 10 लाख रुपये लेने और सब इंस्पेक्टर बलजिंदर सिंह से 23 लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में पंजाब के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) इंदरबीर सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। फॉरेंसिक जांच में उनके खिलाफ कई सबूत मिले हैं। इस मामले में गिरफ्तार किए जा चुके फरीदकोट के डीएसपी लखबीर सिंह संधू को जब विजिलेंस के अधिकारी प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आए और आरोपी डीआईजी इंदरबीर सिंह के सामने बैठाया तो डीएसपी ने तत्काल कहा कि सर मैंने आपको सब इंस्पेक्टर बलजिंदर सिंह के मामले में 23 लाख रुपये दिए थे।

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हालांकि, डीआईजी इंदरबीर सिंह ने एसआईटी को कहा कि डीएसपी लखबीर सिंह संधू झूठ बोल रहा है लेकिन एसआईटी ने जांच के दौरान काफी सबूत एकत्रित कर लिए, जिससे साफ हो गया कि डीआईजी इंदरबीर सिंह भ्रष्टाचार केस में शामिल थे। यह मामला सब-इंस्पेक्टर बलजिंदर सिंह बाजवा ने दर्ज करवाया था कि उसको धमकाकर डीएसपी लखबीर संधू ने 23 लाख रुपये की राशि वसूल की है। 
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डीएसपी लखबीर सिंह संधू सब इंस्पेक्टर बलजिंदर सिंह से तीन लाख रुपये की मांग कर रहा था। वह बार-बार कह रहा था कि तुमको मैंने डीआईजी से बचा दिया और उनको 25 लाख रुपये दिए हैं। मैंने दो लाख रुपये अपनी जेब से दिए हैं, तेरे को बचाने के लिए। इसलिए मुझे तीन लाख रुपये दो। सूत्रों के मुताबिक सब इंस्पेक्टर बलजिंदर सिंह ने जब 23 लाख रुपये डीएसपी लखबीर संधू को दिए तो उसमें से 10 लाख रुपये की राशि बैंक से निकलवाई थी। इतना ही नहीं, डीएसपी लखबीर ने नोटों की फोटो अपने आईफोन में खींच ली थी, जो फॉरेंसिक जांच के बाद सामने आ गई। 

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तारीख भी उसी दिन की थी, जिस दिन सब इंस्पेक्टर बलजिंदर सिंह ने बैंक से पैसा निकलवाया था। हालांकि, विजिलेंस के अलावा अधिकारी चुप्पी साधे हैं और कुछ भी बताने से साफ इन्कार कर रहे हैं लेकिन सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस ने कॉल डिटेल्स व टावर लोकेशन का मिलान किया है और सब इंस्पेक्टर बलजिंदर सिंह की कहानी विजिलेंस की तकनीकी जांच में हर कदम पर जुड़ती नजर आ रही थी।

10 दिसंबर 2021 को फिरोजपुर रेंज के डीआईजी के रीडर इंस्पेक्टर बरजिंदर सिंह ने फोन पर बताया कि 11 दिसंबर को डीआईजी के समक्ष पेशी है। सब इंस्पेक्टर बलजिंदर सिंह बाजवा, सीआईए स्टाफ के मुंशी रछपाल सिंह (एएसआई) को साथ लेकर फिरोजपुर के सीआईए स्टाफ कार्यालय पहुंचे थे। बलजिंदर सिंह के इस बयान की तकनीकी रूप से मोबाइल टॉवर लोकेशन व कॉल डिटेल्स से मिलाया गया तो उसकी बात सच थी।

सब इंस्पेक्टर को अवैध हिरासत में रखने का आरोप

सब-इंस्पेक्टर बलजिंदर सिंह बाजवा की अस्थायी ड्यूटी डीआईजी कार्यालय लगा दी। नशे का आदी होने का आरोप लगाकर 11 दिसंबर की रात को बाजवा को सीआईए स्टाफ में अवैध हिरासत में रखा गया। सब इंस्पेक्टर बाजवा को सीआईए में रखा गया, यह बात भी जांच में सामने आ चुकी है। 

सीआईए स्टाफ पट्टी के मुंशी एएसआई रछपाल सिंह ने बाजवा को बताया कि भिखीविंड में तैनात डीएसपी लखबीर सिंह संधू उनका करीबी रिश्तेदार है और डीएसपी की डीआईजी इंद्रबीर सिंह के साथ अच्छी बनती है। 12 दिसंबर को सुबह यह कहते बलजिंदर सिंह बाजवा को छोड़ दिया गया कि डीएसपी संधू मामला निपटा देंगे। इस पर 35 लाख में सौदा तय हुआ। डीएसपी संधू ने सब-इंस्पेक्टर बाजवा को बताया कि तुम्हारे बैंक अकाउंट पर भी डीआईजी की पूरी नजर है। 25 लाख में सौदा होने पर बाजवा को रिहा कर दिया गया।

रिहा होने के बाद निकलवाए 10 लाख

बलविंदर सिंह बाजवा रिहा होने के बाद बैंक गया, जहां से उसने 10 लाख रुपये की राशि निकलवाई। बैंक से भी लिखित स्टेटमेंट विजिलेंस के अधिकारियों को मिल गई है। बाजवा से अगर पैसे नहीं लिए तो सीआईए स्टाफ से निकलने के बाद बाजवा को ऐसी क्या मुसीबत आई कि उसने तत्काल 10 लाख रुपये बैंक से निकलवा लिए। बाकी पैसे एकत्रित कर बाजवा ने 23 लाख की राशि डीएसपी लखबीर सिंह संधू को सौंपी। 

बताए गए समय व तारीख को टावर लोकेशन व कॉल डिटेल्स से चेक किया गया तो विजिलेंस की जांच को बल मिलने लगा। विजिलेंस के तमाम अधिकारी बिल्कुल चुप्पी साधे हैं लेकिन सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस की टीम को इस मामले में काफी पुख्ता सबूत मिल चुके हैं।

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