फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Difficult to start Amarnath Yatra from June 28

28 जून से अमरनाथ यात्रा मुश्किल

Thu, 26 Jun 2014 12:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 26 Jun 2014 12:01 PM IST
विज्ञापन
Difficult to start Amarnath Yatra from June 28

अमरनाथ यात्रा शुरू करने के संबंध में सोमवार 23 जून को फैसला होगा। इस बार यात्रा खासी मुश्किल होगी। दरअसल पहलगाम के रास्ते में बर्फबारी ने 26 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इसके चलते 28 जून से श्री अमरनाथ यात्रा शुरू होना मुश्किल है।

विज्ञापन


वहीं बालटाल के रास्ते से यात्रा निश्चित समय पर शुरू हो जाएगी। अभी से कई लंगर समितियों ने बर्फ पर ही लंगर लगाने के लिए टेंट लगाना शुरू कर दिया है। शेषनाग और पंचतरणी में यात्रियों के ठहरने के लिए भी जो प्रबंध किया गया है, वो भी बर्फ पर ही है। इस बार सबसे कठिन यात्रा होगी।
विज्ञापन


ऐसी बर्फ देख कर श्राइन बोर्ड के अधिकारी और श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन (एसएबीएलओ) के सदस्य भी हैरान हैं। बर्फबारी के कारण  मुश्किलों के मद्देनजर श्राइन बोर्ड सोमवार को यात्रा शुरू करने के संबंध में फैसला लेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रास्ते बर्फ से ढके, शेषनाग झील पूरी तरह जमी

Difficult to start Amarnath Yatra from June 28

एसएबीएलओ के प्रधान विजय कुमार ठाकुर ने बताया कि उन्होंने श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के साथ रविवार को बालटाल से पवित्र गुफा तक के रास्ते का निरीक्षण किया। बालटाल की तरफ से रास्ता सही है, यहां से 28 जून से यात्रा शुरू हो सकती है।

लेकिन पहलगाम से पवित्र गुफा तक बने रास्ते बर्फ से ढके हुए हैं। ठाकुर ने बताया कि वे पिछले 26 साल से यहां आ रहे हैं लेकिन इतनी बर्फ पहली बार देखी है।

श्राइन बोर्ड, जेएंडके सरकार के अलावा अन्य विभाग के मुलाजिम रास्ता बनाने में दिन-रात जुटे हुए हैं। फिर भी पहलगाम में मुश्किलें आ रही हैं। ठाकुर ने बताया कि शेषनाग झील भी पूरी तरह जम गई है। कई लंगर समितियां पंचतरणी और शेषनाग में बर्फ पर ही टेंट लगा रही हैं।

2014 में सिर्फ दो लाख श्रद्धालुओं का पंजीकरण

Difficult to start Amarnath Yatra from June 28

श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान इस बार पहलगाम और बालटाल के अलावा अन्य जगहों पर लगभग 123 लंगर लगेंगे। एसएबीएलओ के प्रधान विजय कुमार ठाकुर ने बताया कि इस बार भी जम्मू-कश्मीर सरकार ने लंगर समितियों को सब्सिडी पर राशन देने की घोषणा नहीं की है।

ठाकुर ने बताया कि 2014 में सिर्फ दो लाख श्रद्धालुओं का पंजीकरण हुआ है जबकि 2012 में साढ़े छह लाख लोगों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे।

2013 में पंजीकरण के सख्त नियम के चलते साढ़े तीन लाख लोगों ने पवित्र गुफा के दर्शन किए हैं लेकिन 2014 की यात्रा के लिए जेएंडके सरकार ने ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था बंद कर दी। इसलिए अभी तक सिर्फ दो लाख लोगों का पंजीकरण हुआ है। इस हिसाब से पिछला रिकॉर्ड टूटना बहुत मुश्किल है।

चंदनवाड़ी से ट्रैक तैयार होने का दावा

Difficult to start Amarnath Yatra from June 28

अनंतनाग के जिला विकास आयुक्त सौगात विश्वास ने चंदनवाड़ी से ट्रैक तैयार होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि यहां से पवित्र गुफा तक के ट्रैक को चलने लायक तो बना दिया गया है लेकिन उस पर जमी बर्फ के पिघलने से अभी फिसलन है। उम्मीद है कि यात्रा शुरू होने तक बर्फ साफ हो जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed