{"_id":"5d6440aa8ebc3e015e1b49ac","slug":"dgp-said-he-already-oath-all-organis-chandigarh-news-pkl34866494","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ के डीजीपी संजय बेनीवाल बोले- मैं अपने सभी अंग डोनेट करने की शपथ ले चुका हूं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ के डीजीपी संजय बेनीवाल बोले- मैं अपने सभी अंग डोनेट करने की शपथ ले चुका हूं
Tue, 27 Aug 2019 04:17 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Tue, 27 Aug 2019 04:17 PM IST
विज्ञापन
डीजीपी संजय बेनीवाल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आई डोनेशन के प्रति लोगों में पॉजिटिव संदेश बढ़ाने के उद्देश्य से नेत्रदान जागरूकता पखवाड़ा शुरू किया गया। इस मौके पर पीजीआई और लायंस क्लब के संयुक्त प्रयास से रॉक गार्डन से सुखना लेक तक एक वॉक का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन पीजीआई के डायेरक्टर प्रो. जगतराम व चंडीगढ़ पुलिस के डीजीपी संजय बेनीवाल ने किया।
डीजीपी ने कहा कि वे अपने सभी आर्गन डोनेट कर चुके हैं। अपने अंग डोनेट करने की शपथ के लिए लोगों को आगे आना होगा। प्रो. जगतराम ने कहा कि पीजीआई में करीब ढाई हजार पेशेंट रोशनी के इंतजार में बैठे हैं। जब तक आई डोनेशन नहीं होगी, तब तक मरीजों को रोशनी नहीं मिल सकती।
पीजीआई में हर साल 700-800 आई डोनेशन होती है, जो डिमांड के मुताबिक काफी कम है। इस गैप को सिर्फ आई डोनेशन से दूर किया जा सकता है। वॉक के दौरान धनास स्कूल के बच्चे पारंपरिक धुन बजा रहे थे, जो वॉक को आकर्षक बना रही थी। सुखना लेक पर लोगों ने अपनी राय भी रखी और जागरूकता शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने की बात कही।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीजीपी ने कहा कि वे अपने सभी आर्गन डोनेट कर चुके हैं। अपने अंग डोनेट करने की शपथ के लिए लोगों को आगे आना होगा। प्रो. जगतराम ने कहा कि पीजीआई में करीब ढाई हजार पेशेंट रोशनी के इंतजार में बैठे हैं। जब तक आई डोनेशन नहीं होगी, तब तक मरीजों को रोशनी नहीं मिल सकती।
विज्ञापन
पीजीआई में हर साल 700-800 आई डोनेशन होती है, जो डिमांड के मुताबिक काफी कम है। इस गैप को सिर्फ आई डोनेशन से दूर किया जा सकता है। वॉक के दौरान धनास स्कूल के बच्चे पारंपरिक धुन बजा रहे थे, जो वॉक को आकर्षक बना रही थी। सुखना लेक पर लोगों ने अपनी राय भी रखी और जागरूकता शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने की बात कही।
विज्ञापन