Chandigarh: शुरू हुआ भगवान भोले का प्रिय माह, श्रावण मास के पहले दिन हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजे शिवालय
गुरुवार को सभी मंदिर सुबह पांच बजे खुल गए थे। शाम में भगवान शिव का श्रृंगार होगा। सेक्टर 30 के शिव शक्ति मंदिर में श्रृंगार दर्शन से पहले मानसिक पूजा होगी।
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भगवान शिव का प्रिय मास सावन गुरुवार से शुरू हो गया है। शिव भक्त सुबह से ही अपने आराध्य भोलेनाथ का अभिषेक करने के लिए शिवालयों में परिवार सहित पहुंचे। लोगों ने हर-हर महादेव के जयकारों के साथ भगवान का जलाभिषेक किया। मंदिर कमेटियों ने इसकी तैयारी पहले से ही कर ली थी। चंडीगढ़ के सेक्टर 21 के प्राचीन शिव मंदिर, सेक्टर 30 के शिव शक्ति मंदिर, सेक्टर 20 के लक्ष्मी नारायण मंदिर, सेक्टर 40 के प्राचीन शिव मंदिर, सेक्टर 24 के शिवालयम पुरी, सेक्टर 30 के श्री महाकाली मंदिर, सेक्टर 40 के हनुमंत धाम स्थित शिवालयों सहित सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और पूजा अर्चना की।
गुरुवार को सभी मंदिर सुबह पांच बजे खुल गए थे। शाम में भगवान शिव का श्रृंगार होगा। सेक्टर 30 के शिव शक्ति मंदिर में श्रृंगार दर्शन से पहले मानसिक पूजा होगी। मंदिरों में हर सोमवार को खीर और मालपुए का लंगर लगाया जाएगा। देवालय पूजक परिषद के संरक्षक और सेक्टर 28 के खेड़ा शिव मंदिर के प्रमुख पुजारी आचार्य ईश्वर चंद्र शास्त्री और देवालय पूजक परिषद के अध्यक्ष डॉक्टर लाल बहादुर दुबे ने बताया कि सनातन हिंदू धर्म में सभी महीने, नक्षत्र आदि पूज्य हैं और सभी महीनों व अतिथियों आदि के अधिष्ठात्री देवता भी होते हैं। इसी परंपरा में श्रावण मास संवत का पांचवा महीना पड़ता है। श्रावण मास के अधिष्ठात्री देवता भगवान महादेव महादेव हैं। इसलिए श्रावण में भगवान शिव जी की पूजा सभी श्रद्धालु बड़े ही श्रद्धा भाव से करते हैं।
सावन में होंगे चार सोमवार व्रत
उन्होंने कहा कि इस पवित्र महीने में शिव पुराण की कथा सुनना भी अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है। उन्होंने कहा कि जो शिव कथा सुनते हैं भगवान गौरी शंकर उस श्रोता के हृदय में आकर विराजमान हो जाते हैं।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष सावन महीने में चार सोमवार, दो प्रदोष व एक मासिक शिवरात्रि के व्रत होंगे। पवित्र श्रावण मास 12 अगस्त पूर्णिमा को समाप्त होगा। इस महीने का पहला सोमवार 18 जुलाई, दूसरा सोमवार 25 जुलाई, तीसरा सोमवार 1 अगस्त, आखिरी चौथा सोमवार 8 अगस्त को होगा।
ऐसे करें पूजा
शिवलिंग पर गंगाजल, दूध ,दही शहद, घी, शक्कर, पंचामृत से अभिषेक करें। शुद्ध स्नान कराकर वस्त्र धारण करवाएं एवं यज्ञोपवीत पहनाएं। चंदन, अक्षत, पुष्प, बेलपत्र, भांग, धतूरा दूर्वा, धूप,दीप, प्रसाद, पान पत्र, फल आदि भगवान को अर्पित करें। ओम् नमः शिवाय मंत्र का जप करें और भगवान की आरती उतारें। श्रावण सोमवार का व्रत, श्रावण शिवरात्रि का व्रत एवं प्रदोष व्रत करना भी बहुत श्रेष्ठ माना गया है। उन्होंने बताया कि शिवरात्रि 26 जुलाई मंगलवार को है।