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Haryana: जिम्मेदारी तय होने पर भी नहीं पकड़े जा रहे अपराधी, नाराज अनिल विज ने सभी एसएसपी से मांगा स्पष्टीकरण

Fri, 05 Aug 2022 03:22 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 05 Aug 2022 03:22 PM IST
सार

हरियाणा के अधिकतर जिलों में हालात खराब ही हैं। गुरुग्राम, सोनीपत और यमुनानगर में स्थिति बेहद कमजोर है। सीसीटीएनएस के आंकड़ों पर नजर डाले तो चरखी दादरी, कैथल जीआरपी और रेवाड़ी में पेंडिंग मामलों की संख्या न के बराबर है।

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Despite fixing the responsibility of senior officers, criminals are not being caught in Haryana
अनिल विज - फोटो : एएनआई

विस्तार

वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होने के बावजूद हरियाणा में अपराधी पकड़े नहीं जा रहे हैं। पुलिस की इस कार्यप्रणाली से खफा गृह मंत्री अनिल विज ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है। क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) की कार्यप्रणाली ठीक नहीं है। वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के बावजूद भी काम ठीक नहीं हो पा रहा है। ऐसा तब है जब गृह मंत्री खुद ही लंबित मामलों की मानिटरिंग करते हैं। उन्होंने डीजीपी को भी इस संदर्भ में आदेश दे रखे हैं। 

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हरियाणा के अधिकतर जिलों में हालात खराब ही हैं। गुरुग्राम, सोनीपत और यमुनानगर में स्थिति बेहद कमजोर है। सीसीटीएनएस के आंकड़ों पर नजर डाले तो चरखी दादरी, कैथल जीआरपी और रेवाड़ी में पेंडिंग मामलों की संख्या न के बराबर है। पुलिस थानों में दर्ज हुए मुकदमों का निस्तारण नहीं हो पा रह है। कुरुक्षेत्र, हिसार, भिवानी, हांसी, झज्जर, जींद, अंबाला, फरीदाबाद फतेहाबाद, करनाल सिविल लाइन थाना, शाहाबाद, मेवात, पानीपत, पंचकूला, पलवल, रोहतक और सिरसा में काफी पेंडिंग केस पाए गए हैं।
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गृह मंत्री ने लंबित मामलों की संख्या को देखते हुए पहले ही अफसरों की जिम्मेदारी तय कर दी थी। एसएचओ से लेकर एडीजीपी स्तर तक के अधिकारी का काम तय था। पिछले दिनों विज ने प्रदेश भर के लंबित केसों की पड़ताल की तो सिर्फ तीन जिले छोडक़र अन्य स्थानों पर लंबित केसों की संख्या ज्यादा नजर आई। इसके बाद उन्होंने सभी जिलों के एसपी को पत्र भेजकर उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। अब अधिकारियों को जवाब देते नहीं बन रहा है।
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