फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Despite Efforts of Milkha Singh, there is No Synthetic Track in Chandigarh

अलविदा मिल्खा: चंडीगढ़ में सिंथेटिक ट्रैक बनवाने के लिए खूब दौड़े उड़न सिख, मगर बनवा नहीं पाए

Sat, 19 Jun 2021 11:24 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 19 Jun 2021 11:24 PM IST
सार

चंडीगढ़ खेल विभाग की ओर से कुछ साल पहले सिंथेटिक ट्रैक बनाने की योजना बनाई गई थी। लेकिन फिलहाल अभी तक इसकी केवल ड्राइंग ही बनाई गई है। 

विज्ञापन
Despite Efforts of Milkha Singh, there is No Synthetic Track in Chandigarh
मिल्खा सिंह - फोटो : social media

विस्तार

एथलेटिक्स में भारत को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर लाने वाले फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह के अपने ही शहर में एक भी सिंथेटिक ट्रैक नहीं है। उनकी पत्नी निर्मल मिल्खा सिंह जब यूटी खेल विभाग के निदेशक के पद पर थीं तो उन्होंने कई बार कोशिश की, लेकिन फंड की कमी के चलते बात बनी नहीं। मिल्खा सिंह ने भी कई बार यूटी के खेल विभाग और चंडीगढ़ प्रशासन से गुहार लगाई लेकिन सब बेनतीजा रहा। आज भी शहर में एथलीट बिना सिंथेटिक ट्रैक के अभ्यास में जुटे हैं। 

विज्ञापन


कुछ साल पहले जब पीटी ऊषा चंडीगढ़ पहुंची थीं तो वे भी इस बात को लेकर काफी हैरान थीं कि चंडीगढ़ जैसी माडर्न सिटी में  सिंथेटिक ट्रैक नहीं है। चंडीगढ़ खेल विभाग की ओर से कुछ साल पहले सिंथेटिक ट्रैक बनाने की योजना बनाई गई थी। लेकिन फिलहाल अभी तक इसकी केवल ड्राइंग ही बनाई गई है। 
विज्ञापन



भारत में इन जगहों पर है सिंथेटिक ट्रैक
भारत के कई राज्यों में सिंथेटिक ट्रैक बिछे हैं। वहां के एथलीट इस ट्रैक के जरिए मेडल बटोरने में लगे हैं। बिरसा मुंडा एथलेटिक स्टेडियम (रांची), जीएमसी बालयोगी एथलेटिक स्टेडियम (हैदराबाद, तेलंगाना), अंगुल स्टेडियम (ओडिशा), इंदिरा गांधी एथलेटिक स्टेडियम (सरूसजाई, गुवाहाटी, असम), इंदिरा गांधी स्टेडियम (अलवर, राजस्थान) के अलावा कई राज्य हैं, जो सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक का प्रयोग कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

दृष्टिहीन बच्चों से बहुत प्यार करते थे मिल्खा सिंह, हर साल करवाते थे ब्लाइंड वॉक

उड़न सिख मिल्खा सिंह दृष्टिहीन बच्चों से बहुत प्यार करते थे। वह हर साल ब्लाइंड वॉक करवाते थे ताकि उनकी पीड़ा को महसूस किया जा सके। यह ब्लाइंड वॉक सेक्टर 17 में आयोजित की जाती थी। इसमें लोग एक किलोमीटर तक आंखों पर पट्टी बांधकर चलते थे। 2019 में जब यह कार्यक्रम आयोजित किया गया तो मिल्खा सिंह अपनी पत्नी के साथ मुख्य अतिथि बने थे। उन्होंने कहा था कि आंखों को जलाने के बजाय उन्हें दान कर देना चाहिए ताकि हमारी मौत के बाद किसी दृष्टिहीन को भी प्रकृति देखने और महसूस करने का अवसर मिल सके। मिल्खा सिंह की बात से प्रभावित होकर काफी लोगों ने पीजीआई में अपनी आंखें दान करने के लिए फार्म भरे थे। 

महिलाओं को आगे रखने के पक्षधर थे मिल्खा सिंह
उनके मित्र स्वदेश तलवार ने बताया कि उनके जाने से मैं खुद को बहुत अकेला महसूस कर रहा हूं। मेरे दिल में वह हमेशा जिंदा रहेंगे। तलवार ने बताया कि वह जब आखिरी बार ब्लाइंड वॉक में शामिल हुए तो उन्होंने मेरी पत्नी के बारे में पूछा और उन्हें स्टेज पर बुलाकर बहुत प्यार से बात की। उनका मानना था कि महिलाओं को हमेशा आगे रहना चाहिए। इसीलिए वह हर जगह अपनी पत्नी को साथ लेकर जाते थे। निर्मल कौर ने काफी गरीब लड़कियों के विवाह में भी सहयोग किया।

पीयू ने फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह को दिया था खेल रत्न पुरस्कार

पंजाब विश्वविद्यालय ने फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह को वर्ष 2018 में खेल रत्न का पुरस्कार दिया। वर्ष 2014 में पीयू के वीसी प्रो. एके ग्रोवर ने चार नए पुरस्कारों की शुरुआत की, जिसमें ज्ञान रत्न, साहित्य रत्न, कला रत्न व खेल रत्न शामिल थे। पहला खेल रत्न पुरस्कार हॉकी के महान खिलाड़ी बलबीर सिंह सीनियर को दिया गया और दूसरी बार मिल्खा सिंह का चयन किया गया। पुरस्कार दीक्षांत समारोह में दिया जाना था। इससे पहले मिल्खा सिंह ने यह जाना कि उन्हें पुरस्कार के लिए क्यों चुना गया है, जब पीयू ने उनके सवाल का संतोषजनक जवाब दिया तभी उन्होंने पुरस्कार स्वीकार किया। पुरस्कार उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की ओर से दिया गया था। पूर्व वीसी प्रो. एके ग्रोवर का कहना है कि वह एक शानदार व्यक्ति थे। खिलाड़ियों के अलावा अन्य लोगों से भी मिलते थे तो एक सकारात्मक विचार सबके बीच छोड़ देते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed