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बाउंसर मीत की हत्या करने वाले गैंगस्टर मनि टोपी से देसी कट्टा और तीन कारतूस बरामद
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चंडीगढ़। ऑपरेशन सेल ने बाउंसर मीत की हत्या करने वाले गैंगस्टर जीरकपुर निवासी अमनदीप सिंह उर्फ मनि टोपी (34) से देसी कट्टा और तीन कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने अदालत से आरोपी का चार दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया। पूछताछ में मनि ने बताया कि उसने हल्लोमाजरा के पास जंगल में गड्ढा खोदकर देसी कट्टा और तीन कारतूस छिपाए हैं। इसके बाद पुलिस मनि को साथ लेकर जंगल गई और उस जगह से देसी कट्टा और तीन कारतूस बरामद कर किए।
चंडीगढ़ पुलिस ने 16 मार्च को गैंगस्टरों के गुर्गे के खिलाफ क्लब संचालक, आढ़तियों और ठेकेदारों से रंगदारी मांगने के मामले में ऑपन एफआईआर दर्ज की थी। अमनदीप का नाम भी इस ऑपन एफआईआर में था। ऑपरेशन सेल लगातार अमनदीप को गिरफ्तार करने के लिए उसके घर और अन्य जगहों पर छापेमारी कर रही थी लेकिन वह हाथ नहीं आया। मनी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत में अग्रिम जमानत याचिका लगाई लेकिन खारिज हो गई। इसके बाद उसने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत लगाई। हाईकोर्ट में सुनवाई की दो तीन तारीख पड़ गई। इसके बाद उसने जिला अदालत में सरेंडर कर दिया। ऑपरेशन सेल ने मनि को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया। बाउंसर मीत की गोलियां मारकर हत्या करने के मामले में उसे पंचकूला पुलिस भी गिरफ्तार कर चुकी है।
गगन ने भी मनी से लिए थे हथियार, पूछताछ में किया था खुलासा
ऑपरेशन सेल ने अप्रैल में गगनदीप उर्फ गगन को पिस्टल और पांच कारतूूस के साथ नयागांव स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में गगन ने खुलासा किया था कि जीरकपुर निवासी अमनदीप सिंह उर्फ मनी उर्फ टोपी ने उसे दो पिस्टल दी थी। इनमें से एक पिस्टल उसने जीरकपुर के ही सतनाम सिंह को दी। इसके बाद ऑपरेशन सेल ने सतनाम सिंह को सेक्टर-28 से गिरफ्तार कर लिया। उससे .32 बोर की पिस्टल और मैग्जीन बरामद की है।
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2017 में सकेतड़ी मंदिर के सामने की थी बाउंसर मीत की हत्या
8 मई 2017 को बाउंसर मनीमाजरा निवासी अमित शर्मा उर्फ मीत अपनी मां के साथ सकेतड़ी स्थित मंदिर गया था, तभी छत बनूड़ निवासी लाडी, जीरकपुर निवासी अमनदीप उर्फ मनि टोपी और नयागांव निवासी मनीष ने उसकी गाड़ी की हवा निकाल दी। इसके बाद जब मीत मंदिर से बाहर आया तो आरोपियों ने गोलियां मारकर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में एक आरोपी गुरी फरार है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि मीत की हत्या उन्होंने गगनदीप के कहने पर की थी। इस मामले में पुलिस ने हथियार देने, पहुंचाने और साथ देने वाले कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सतनाम सिंह की भी इस मामले में गिरफ्तारी हुई थी।
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चंडीगढ़ पुलिस ने 16 मार्च को गैंगस्टरों के गुर्गे के खिलाफ क्लब संचालक, आढ़तियों और ठेकेदारों से रंगदारी मांगने के मामले में ऑपन एफआईआर दर्ज की थी। अमनदीप का नाम भी इस ऑपन एफआईआर में था। ऑपरेशन सेल लगातार अमनदीप को गिरफ्तार करने के लिए उसके घर और अन्य जगहों पर छापेमारी कर रही थी लेकिन वह हाथ नहीं आया। मनी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत में अग्रिम जमानत याचिका लगाई लेकिन खारिज हो गई। इसके बाद उसने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत लगाई। हाईकोर्ट में सुनवाई की दो तीन तारीख पड़ गई। इसके बाद उसने जिला अदालत में सरेंडर कर दिया। ऑपरेशन सेल ने मनि को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया। बाउंसर मीत की गोलियां मारकर हत्या करने के मामले में उसे पंचकूला पुलिस भी गिरफ्तार कर चुकी है।
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गगन ने भी मनी से लिए थे हथियार, पूछताछ में किया था खुलासा
ऑपरेशन सेल ने अप्रैल में गगनदीप उर्फ गगन को पिस्टल और पांच कारतूूस के साथ नयागांव स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में गगन ने खुलासा किया था कि जीरकपुर निवासी अमनदीप सिंह उर्फ मनी उर्फ टोपी ने उसे दो पिस्टल दी थी। इनमें से एक पिस्टल उसने जीरकपुर के ही सतनाम सिंह को दी। इसके बाद ऑपरेशन सेल ने सतनाम सिंह को सेक्टर-28 से गिरफ्तार कर लिया। उससे .32 बोर की पिस्टल और मैग्जीन बरामद की है।
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2017 में सकेतड़ी मंदिर के सामने की थी बाउंसर मीत की हत्या
8 मई 2017 को बाउंसर मनीमाजरा निवासी अमित शर्मा उर्फ मीत अपनी मां के साथ सकेतड़ी स्थित मंदिर गया था, तभी छत बनूड़ निवासी लाडी, जीरकपुर निवासी अमनदीप उर्फ मनि टोपी और नयागांव निवासी मनीष ने उसकी गाड़ी की हवा निकाल दी। इसके बाद जब मीत मंदिर से बाहर आया तो आरोपियों ने गोलियां मारकर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में एक आरोपी गुरी फरार है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि मीत की हत्या उन्होंने गगनदीप के कहने पर की थी। इस मामले में पुलिस ने हथियार देने, पहुंचाने और साथ देने वाले कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सतनाम सिंह की भी इस मामले में गिरफ्तारी हुई थी।