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Chandigarh News: ऑपरेशन सिंदूर में घातक बना था देसी खरगा
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चंडीगढ़। तैयारी अभी जारी है...अबकी बार तैयारी पहले से भारी है... दुश्मनों के खिलाफ जवानों में जोश भरती पांच मिनट की ऑपरेशन सिंदूर डाक्यूमेंट्री का यह डॉयलॉग जैसे ही लेफ्टीनेंट कर्नल अर्देशिर बुर्जोरी तारापोरे (पीवीसी) थिएटर में गूंजा वैसे ही तालियों की गड़गड़ाहट से थिएटर गूंज उठा।
एक ओर मिलिट्री लिट्रेचर फेस्टिवल में ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित पांच मिनट की इस डाक्यूमेंट्री ने जोश भर डाला। जिसमें दिखाया गया कि सेना ने कैसे ऑपरेशन सिंदूर के अंतर्गत आतंकवादियों के होश ठिकाने लगाए। इस थिएटर से चंद दूरी पर रखे देसी ड्रोन खरगा 2.0 (कामीकाजे हारली मैनवर असॉल्ट रेकी गाईडेड एरो सिस्टम) के माध्यम से फौजियों ने बताया कि किस प्रकार से ऑपरेशन सिंदूर में रेकी की गई।
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सेना के एक प्रवक्ता के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर के दौरान खरगा और खरगा 2.0 के माध्यम से मानीटरिंग की गई थी। खरगा 2.0 बैटरी से संचालित है और 15 किलोमीटर की रेंज तक निगहबानी करता है। इसका प्रयोग आत्मघाती ड्रोन के तौर पर भी किया जाता है। इसमें डेढ़ किलो विस्फोटक रखा जा सकता है जो कि अपने तीस मीटर की रेंज में जबरदस्त विस्फोट कर सकता है। सेना के एक प्रवक्ता के अनुसार इसके माध्यम से रेकी करवाई जा सकती है, इसमें एचडी कैमरा है जो कि वीडियो और फोटो दोनों ही ले सकता है।
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