फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Deputy cm Dushyant Chautala written for action against ACS Anand Mohan Sharan

Haryana: नजरअंदाज करने पर भड़के डिप्टी सीएम, अतिरिक्त मुख्य सचिव पर सख्त कार्रवाई के आदेश

Fri, 07 Jul 2023 08:38 AM IST
निवेदिता वर्मा सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 07 Jul 2023 08:38 AM IST
सार

मानेसर के गांव कासन, ढाणी प्रेमनगर (कासन), सहारदन, नैनवाल, कुकडोला समेत अन्य गांवों की 1810 एकड़ जमीन को सरकार ने अधिगृहित किया है। सरकार ने किसानों को 51.30 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया, जबकि किसानों की मांग है कि यहां मार्केट रेट प्रति एकड़ करोड़ों रुपये है। यही विवाद है।

विज्ञापन
Deputy cm Dushyant Chautala written for action against ACS Anand Mohan Sharan
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) आनंद मोहन शरण के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्य सचिव संजीव कौशल को पत्र लिखा है। पत्र में सख्त कार्रवाई और तबादले की सिफारिश की गई है।

विज्ञापन


अतिरिक्त मुख्य सचिव ने मानेसर भूमि अधिग्रहण मुआवजे के मामले में उप मुख्यमंत्री को नजरअंदाज किया है। इधर, दुष्यंत चौटाला के पत्र लिखते ही मुख्यमंत्री कार्यालय भी हरकत में आ गया है। मानेसर भूमि अधिग्रहण मुआवजे का विवाद निपटाने के लिए चार दिन के भीतर दूसरी बार कैबिनेट की बैठक बुला ली गई है। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: Haryana: ई-टेंडरिंग वाले विकास कार्यों में नहीं पंचायतों की रूचि, ढाई माह में महज 882 प्रस्ताव पहुंचे
विज्ञापन
विज्ञापन


सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट में इस मामले को दोबारा रखा जाएगा। इस पर कैबिनेट में चर्चा के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा कि किसानों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर मुआवजा राशि दी जाए या फिर वर्तमान में जमीन के मार्केट रेट के आधार पर।

सरकार के आदेश पर ही एजेंडा लाया गया था। मुख्य सचिव को पत्र लिखने के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है और न ही मैं इस पर कोई टिप्पणी करना चाहता हूं। -आनंद मोहन शरण, अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग।

कैबिनेट में बिना जानकारी दिए रख दिया एजेंडा
चार जुलाई को हुई बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने एक एजेंडा रखा था। यह एजेंडा मानेसर में कई गांवों की अधिगृहित भूमि के मुआवजे को लेकर था। पेंच यहां फंस गया कि उद्योग एवं वाणिज्य विभाग भी दुष्यंत चौटाला के पास है और मुआवजा देने के लिए राजस्व विभाग की जिम्मेदारी भी उनके ही पास है। 


सूत्रों के मुताबिक बैठक में जब दुष्यंत ने अपने विभाग का एजेंडा देखा तो वह हैरान हो गए। उन्होंने एतराज जताया और मामले को लंबित रखवा दिया। इसके बाद नाराज डिप्टी सीएम ने कार्रवाई के लिए पत्र लिख दिया।

ये है विवाद : आंदोलनकारी मिल चुके हैं सीएम मनोहर से
मानेसर के गांव कासन, ढाणी प्रेमनगर (कासन), सहारदन, नैनवाल, कुकडोला समेत अन्य गांवों की 1810 एकड़ जमीन को सरकार ने अधिगृहित किया है। सरकार ने किसानों को 51.30 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया, जबकि किसानों की मांग है कि यहां मार्केट रेट प्रति एकड़ करोड़ों रुपये है, इसलिए मार्केट रेट के आधार पर मुआवजा तय किया जाए। बीच में मामला अदालत में चले जाने के चलते लटक गया था। जमीन बचाओ संघर्ष समिति इसको लेकर आंदोलन कर रही है और मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी मुलाकात कर चुकी है। सीएम ने आश्वासन दिया था कि किसानों को उचित राशि दी जाएगी। इस मामले पर अब फैसला लिया जाना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed