हरियाणा कैबिनेट का फैसला: अब प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले सैनिकों के आश्रितों को मिलेगी नौकरी
हरियाणा कैबिनेट ने पद्म पुरस्कार विजेताओं के लिए 'हरियाणा गौरव सम्मान योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत पद्म पुरस्कार विजेताओं को 10,000 रुपये की मासिक सम्मान राशि मिलेगी। पुरस्कार विजेताओं को जीवनपर्यंत सम्मान राशि मिलती रहेगी।
विस्तार
हरियाणा सरकार ने राष्ट्र की सेवा में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले सैनिकों के परिवारों का मनोबल बनाए रखने के उद्देश्य से युद्ध में हताहत सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के लिए अनुकंपा नियुक्ति नीति 2023 में संशोधन किया है। यह नीति भविष्य में युद्ध में हताहत होने वाले सैनिकों के परिवारिक सदस्यों पर लागू होगी। संशोधित नीति के अनुसार किसी भी ऑपरेशन, आईईडी विस्फोट, आतंकवादी या उग्रवादी हमले, सीमा झड़पों, कार्डियक अरेस्ट, हवाई दुर्घटना और प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले सैनिकों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जाएगी।
इससे पहले नौकरियां केवल उन सैनिकों के आश्रितों को प्रदान की जाती थीं जो सीमा पर झड़पों, आतंकवादी हमलों या दंगों में जान गंवाते थे और जिन्हें रक्षा मंत्रालय या गृह मंत्रालय बलिदानी घोषित करता था। वहीं, संशोधित नीति के तहत अगर पति या पत्नी नियुक्ति नहीं चाहते हैं तो विवाहित या अविवाहित बच्चों में से एक को लाभ दिया जा सकता है। इसमें कानूनी रूप से गोद लिए गए बच्चे भी शामिल होंगे, बशर्ते मृत या युद्ध में हताहत सैनिक ने जीवित अवस्था में ही बच्चा गोद लिया हो। अगर युद्ध में हताहत व्यक्ति अविवाहित था तो उसके माता-पिता की सहमति से ही अविवाहित या विवाहित भाई या अविवाहित बहन या जिसके लिए माता-पिता और अन्य अविवाहित बहन और भाई सहमति देंगे, उसे नीति का लाभ दिया जाएगा।
हरियाणा के पद्म पुरस्कार विजेताओं को मिलेगी 10 हजार मासिक पेंशन
हरियाणा कैबिनेट ने पद्म पुरस्कार विजेताओं के लिए 'हरियाणा गौरव सम्मान योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत पद्म पुरस्कार विजेताओं को 10,000 रुपये की मासिक सम्मान राशि मिलेगी। पुरस्कार विजेताओं को जीवनपर्यंत सम्मान राशि मिलती रहेगी।
सूक्ष्म व लघु उद्योगों को मिलेगा बोर्डिंग शुल्क
कैबिनेट की बैठक में हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति (एचईईपी)-2020 के तहत अधिसूचित "बाजार विकास सहायता (एमडीए) योजना के संशोधन को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को अंतर्राष्ट्रीय मेलों में भाग लेने के लिए 50,000 रुपये और राष्ट्रीय मेलों के लिए 25,000 रुपये तक का बोर्डिंग शुल्क प्रदान किया जाएगा।
बैठक में एमएसएमई के कार्यक्रम (पदमा) नीति की अधिसूचना में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई। संशोधन के उपरांत प्रत्येक ब्लॉक के लिए न्यूनतम 25 एकड़ क्षेत्र को कवर करने वाला एक नया एमएसएमई औद्योगिक क्लस्टर विकसित किया जाएगा, जो पहले 100 एकड़ का था। प्रत्येक क्लस्टर में 20 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) का गठन किया जा सकेगा।