{"_id":"5ec6e9ba8ebc3e902b0f7c87","slug":"department-chairmen-will-have-to-immediately-reply-to-the-email-chandigarh-news-pkl375852453","type":"story","status":"publish","title_hn":"विभाग अध्यक्षों को तुरंत देना होगा ईमेल का जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विभाग अध्यक्षों को तुरंत देना होगा ईमेल का जवाब
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के सभी विभाग अध्यक्षों को पीयू प्रशासन की ओर से किए गए मेल का जवाब तुरंत देना होगा। यदि देरी की तो उसका स्पष्टीकरण देना होगा। अधिक देरी पर कार्रवाई भी हो सकती है। साथ ही फोन पर हमेशा बने रहना होगा। पीयू प्रशासन की ओर से यह निर्णय लिया गया है।
सूत्रों का कहना है कि लॉकडाउन के कारण लोग आपस में मिल नहीं सकते, इसलिए मेल ही एक जरिया है जिससे सूचनाएं आदान-प्रदान हो सकेंगी। पीयू में 70 से अधिक विभाग हैं। पीयू में इस समय कार्य विद्यार्थियों की परीक्षा कराने से लेकर रिजल्ट जारी करने तक का चल रहा है। इसके अलावा नया एकेडमिक कैलेंडर बनाकर उसका पालन करना, नए प्रवेश आदि बड़े कार्य हैं। इसी साल में सीनेट व सिंडिकेट चुनाव होंगे। तमाम बड़े कार्य पीयू के पास हैं। ऐसे में सभी को सक्रिय रहना होगा।
विभाग अध्यक्षों के पास भी बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में पीयू प्रशासन के अधिकारियों की ओर से उनसे जानकारियां मांगी जाएंगी। उसके लिए ईमेल ही एक माध्यम है। कई बार ईमेल का जवाब न मिल पाने के कारण पीयू प्रशासन आगामी योजना नहीं बना पाता या फिर योजना में बाधा आती है। सूत्रों का कहना है कि इसी कारण विभाग अध्यक्षों को ईमेल का जवाब हर हाल में तुरंत देना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सूत्रों का कहना है कि लॉकडाउन के कारण लोग आपस में मिल नहीं सकते, इसलिए मेल ही एक जरिया है जिससे सूचनाएं आदान-प्रदान हो सकेंगी। पीयू में 70 से अधिक विभाग हैं। पीयू में इस समय कार्य विद्यार्थियों की परीक्षा कराने से लेकर रिजल्ट जारी करने तक का चल रहा है। इसके अलावा नया एकेडमिक कैलेंडर बनाकर उसका पालन करना, नए प्रवेश आदि बड़े कार्य हैं। इसी साल में सीनेट व सिंडिकेट चुनाव होंगे। तमाम बड़े कार्य पीयू के पास हैं। ऐसे में सभी को सक्रिय रहना होगा।
विज्ञापन
विभाग अध्यक्षों के पास भी बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में पीयू प्रशासन के अधिकारियों की ओर से उनसे जानकारियां मांगी जाएंगी। उसके लिए ईमेल ही एक माध्यम है। कई बार ईमेल का जवाब न मिल पाने के कारण पीयू प्रशासन आगामी योजना नहीं बना पाता या फिर योजना में बाधा आती है। सूत्रों का कहना है कि इसी कारण विभाग अध्यक्षों को ईमेल का जवाब हर हाल में तुरंत देना होगा।
विज्ञापन