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बरसात के साथ ही बढ़ने लगे डेंगू के मरीज, स्वास्थ्य विभाग आंकड़े छिपाने में लगा
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चंडीगढ़। बरसात के साथ ही शहर में डेंगू के मामले बढ़ने लगे हैं। सरकारी के साथ ही निजी अस्पतालों में डेंगू के मरीजों का इलाज चल रहा है लेकिन स्वास्थ्य विभाग मरीजों के आंकड़े छिपाने में लगा हुआ है। मलेरिया विभाग में मच्छरों से बचाव व जागरुकता के नाम पर फाइलों में अभियान चलाने का दौर जारी है। एक तरफ विभाग पिछले वर्षों की तुलना में ज्यादा कार्रवाई करने का दम भर रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। ऐसे में विभाग की ओर से डेंगू के मरीजों की संख्या जारी करने में की जा रही आनाकानी स्थिति की गंभीरता को और ज्यादा बढ़ा रहा है।
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सुमन सिंह का कहना है कि उनके स्तर पर बचाव के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग लगातार बचाव व राहत कार्य बढ़ाने का दावा कर रहा है, लेकिन मौजूदा स्थिति उसके उलट है। तीन वर्षों से डेंगू के केस में लगातार दो से तीन गुना इजाफा दर्ज किया जा रहा है।
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निदेशक स्वास्थ्य का बयान भी खूब है
शहर में मलेरिया और डेंगू के मामलों को लेकर जब निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुमन सिंह से मरीजों के आंकड़े पर बात की गई तो उन्होंने बताने से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना है कि वे बचाव के लिए की जा रही कार्रवाई और मरीजों का आंकड़ा जारी नहीं कर सकती, क्योंकि प्रशासन का निर्देश नहीं मिला है। प्रशासन जब आंकड़ा जारी करने की अनुमति देगा तभी वे इस संदर्भ में कुछ भी बता पाएंगी।
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निजी अस्पतालों में लगातार बढ़ रहे मरीज
स्वास्थ्य विभाग डेंगू के आंकड़ों को छिपाने की फिराक में लगा हुआ है। दूसरी तरफ शहर के निजी अस्पतालों में इसके मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। आईएमए ने शहर में डेंगू के बढ़ते मामलों पर गंभीरता दिखाते हुए लोगों से बचाव के मानकों का पालन करने की अपील की है। आईएमए सचिव डॉ. विवेक मल्होत्रा का कहना है कि बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मरीजों के वायरल के साथ ही डेंगू के लक्षण भी सामने आ रहे हैं इसलिए बचाव के लिए अपने आसपास पानी एकत्र न होने दें।
इनसेट
लगातार कई गुना ज्यादा कार्रवाई का दावा पर स्थिति गंभीर
साल नोटिस कारण बताओ चालान
2020 5365 247 106
2021 7594 326 434
नोट- स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में 2020 की तुलना में 2021 में नोटिस, कारण बताओ और चालान की क्रमश: 41, 32 और 309 प्रतिशत ज्यादा कार्रवाई हुई थी।
इनसेट
पिछले साल फाइलों में खूब चला था अभियान (2021 में)
चालान- 434
नोटिस- 7594
कारण बताओ नोटिस- 326
घरों का दौरा- 5,78,833
कूलर की जांच- 1,43,127
कंटेनर की जांच- 8,56,812
ओवरहेड टैंक की जांच- 3,80,105
फ्रिज के ट्रे की जांच- 12763
टायर की जांच- 38694
इनसेट
कार्रवाई इतनी तो फिर डेंगू पर काबू क्यों नहीं
साल डेंगू के मरीज
2017 1951
2018 301
2019 286
2020 265
2021 696
कोट
बरसात के दौरान डेंगू-मलेरिया के मामलों में हर वर्ष वृद्धि होती है। बचाव के लिए मलेरिया विभाग अपने स्तर पर कार्रवाई कर रहा है। मरीजों के आंकड़े और विभाग की ओर से की जा रही कार्रवाई को गोपनीय रखने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है।
-यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव
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स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सुमन सिंह का कहना है कि उनके स्तर पर बचाव के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग लगातार बचाव व राहत कार्य बढ़ाने का दावा कर रहा है, लेकिन मौजूदा स्थिति उसके उलट है। तीन वर्षों से डेंगू के केस में लगातार दो से तीन गुना इजाफा दर्ज किया जा रहा है।
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निदेशक स्वास्थ्य का बयान भी खूब है
शहर में मलेरिया और डेंगू के मामलों को लेकर जब निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुमन सिंह से मरीजों के आंकड़े पर बात की गई तो उन्होंने बताने से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना है कि वे बचाव के लिए की जा रही कार्रवाई और मरीजों का आंकड़ा जारी नहीं कर सकती, क्योंकि प्रशासन का निर्देश नहीं मिला है। प्रशासन जब आंकड़ा जारी करने की अनुमति देगा तभी वे इस संदर्भ में कुछ भी बता पाएंगी।
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निजी अस्पतालों में लगातार बढ़ रहे मरीज
स्वास्थ्य विभाग डेंगू के आंकड़ों को छिपाने की फिराक में लगा हुआ है। दूसरी तरफ शहर के निजी अस्पतालों में इसके मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। आईएमए ने शहर में डेंगू के बढ़ते मामलों पर गंभीरता दिखाते हुए लोगों से बचाव के मानकों का पालन करने की अपील की है। आईएमए सचिव डॉ. विवेक मल्होत्रा का कहना है कि बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मरीजों के वायरल के साथ ही डेंगू के लक्षण भी सामने आ रहे हैं इसलिए बचाव के लिए अपने आसपास पानी एकत्र न होने दें।
इनसेट
लगातार कई गुना ज्यादा कार्रवाई का दावा पर स्थिति गंभीर
साल नोटिस कारण बताओ चालान
2020 5365 247 106
2021 7594 326 434
नोट- स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में 2020 की तुलना में 2021 में नोटिस, कारण बताओ और चालान की क्रमश: 41, 32 और 309 प्रतिशत ज्यादा कार्रवाई हुई थी।
इनसेट
पिछले साल फाइलों में खूब चला था अभियान (2021 में)
चालान- 434
नोटिस- 7594
कारण बताओ नोटिस- 326
घरों का दौरा- 5,78,833
कूलर की जांच- 1,43,127
कंटेनर की जांच- 8,56,812
ओवरहेड टैंक की जांच- 3,80,105
फ्रिज के ट्रे की जांच- 12763
टायर की जांच- 38694
इनसेट
कार्रवाई इतनी तो फिर डेंगू पर काबू क्यों नहीं
साल डेंगू के मरीज
2017 1951
2018 301
2019 286
2020 265
2021 696
कोट
बरसात के दौरान डेंगू-मलेरिया के मामलों में हर वर्ष वृद्धि होती है। बचाव के लिए मलेरिया विभाग अपने स्तर पर कार्रवाई कर रहा है। मरीजों के आंकड़े और विभाग की ओर से की जा रही कार्रवाई को गोपनीय रखने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है।
-यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव