डेंगू बेकाबू, चंडीगढ़ में छात्रा और युवक की मौत
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ट्राइसिटी में डेंगू का कहर देखिए। इसके कारण अब एक छात्रा और युवक की मौत हो गई। लगातार मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। मरने वालों में एक मरीज चंडीगढ़ का रहने वाला है, जबकि दूसरा मोरनी का। दोनों की मौत पीजीआई में हुई है। टाइसिटी में अब तक डेंगू से छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कंफर्म मरीजों की संख्या करीब 200 तक पहुंच गई है।
पीजीआई से मिली जानकारी के मुताबिक चंडीगढ़ सेक्टर 19 बी निवासी रिसाल सिंह ने मंगलवार को पीजीआई में दम तोड़ दियौ। रिसाल सिंह को मंगलवार को ही डेंगू कंफर्म हुआ था। 30 वर्षीय रिसाल सिंह को कई दिन से बुखार था। बाद में उसे पीजीआई में दाखिल कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
दूसरी तरफ पंचकूला के मोरनी ब्लाक की रहने वाली छात्रा सुमन ने भी मंगलवार को दम तोड़ दिया। सुमन को पंचकूला के सिविल हास्पिटल से पीजीआई में रेफर किया गया था। पीजीआई की ओर से बताया गया है कि सुमन का लंग्स पूरी तरह से डैमेज हो गया था। उसके प्लेटलेट्स लगातार गिर रहे थे। प्लेटलेट्स काफी नीचे आ गए थे। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
पंचकूला में तीन और मरीजों में डेंगू कन्फर्म
पंचकूला के सामान्य अस्पताल में अब तक डेंगू के कुल 18 मरीज हो चुके हैं। मंगलवार को तीन और मरीजों में डेंगू की पुष्टि की गई है। सोमवार तक डेंगू के कुल 15 मरीज थे जबकि तीन और मरीजों में डेंगू कन्फर्म होने के बाद यह संख्या 18 पहुंच गई है। सेक्टर-6 स्थित सामान्य अस्पताल के सीएमओ डाक्टर वीके बंसल ने बताया कि मंगलवार को तीन और मरीजों में डेंगू कन्फर्म हुआ है।
तीनों मरीज स्थानीय निवासी हैं। इसमें एक सकेतड़ी, दूसरा सेक्टर-20 और तीसरा मरीज सेक्टर-17 का रहने वाला है। इनका इलाज शुरू कर दिया गया है। डा. बंसल ने बताया कि इन मरीजों का रुटीन टेस्ट किया गया जिसमें डेंगू कन्फर्म हुआ। उन्होंने बताया कि अस्पताल में डेंगू से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
डॉ. वीके बंसल ने बताया कि डेंगू के प्रकोप के कारण बुखार से पीड़ित हर मरीज का टेस्ट किया जा रहा है जिससे डेंगू से बचाव किया जा सके। मरीजों की जांच के लिए इमरजेंसी में चौबीस घंटे एक डाक्टर की ड्यूटी खासतौर से बुखार के मरीजों की जांच के लिए लगा दी गई है। साथ ही यहां आईसोलेशन वार्ड बनाया गया है। जिसमें पेशेंट को एडमिट किया जा रहा है।