यूं ही नहीं सड़कों पर उतर रहे पंजाब के किसान: 23 फसलों पर एमएसपी की घोषणा, दायरे में सिर्फ गेहूं और धान ही
मोहाली में आंदोलनरत किसानों की 13 मांगों में मूंग की फसल को एमएसपी के दायरे में लाने के लिए नोटिफिकेशन जारी किए जाने की मांग की जा रही है। हालांकि नई सरकार द्वारा एलान के बाद मूंग की फसल का क्षेत्रफल पिछले वर्षों की अपेक्षा दोगुना हो गया है।
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पंजाब के किसान यूं ही नहीं अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसकी कुछ बड़ी वजह हैं। उनमें एक वजह फसलों पर दी जाने वाली एमएसपी भी है। अभी तक की सरकारों द्वारा सूबे में 23 फसलों पर एमएसपी दिए जाने की घोषणा की जा चुकी है, लेकिन इसके दायरे में सिर्फ गेहूं और धान ही आते हैं।
इस बार भी शुरू हुए आंदोलन में एमएसपी एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। पंजाब में गिरते भूजल स्तर को बचाने के लिए पंजाब सरकार की ओर से धान की सीधी बिजाई को लेकर मुहिम शुरू की गई है। इसको बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा धान की बिजाई करने के लिए 1500 रुपये एकड़ दिए जाने की घोषणा की जा चुकी है। इस दौरान उन्होंने हाल ही में मूंग की फसल को भी एमएसपी के दायरे में लाने का एलान किया है। पुरानी सरकारों के कटु अनुभव को देखते हुए पंजाब के 23 किसान संगठन मूंग पर मुख्यमंत्री मान द्वारा एमएसपी के दायरे में लाने के एलान पर भी संशय जता रहे हैं।
मोहाली में आंदोलनरत किसानों की 13 मांगों में मूंग की फसल को एमएसपी के दायरे में लाने के लिए नोटिफिकेशन जारी किए जाने की मांग की जा रही है। हालांकि नई सरकार द्वारा एलान के बाद मूंग की फसल का क्षेत्रफल पिछले वर्षों की अपेक्षा दोगुना हो गया है।
इन फसलों पर एमएसपी की हो चुकी है घोषणा
वर्तमान में 23 प्रमुख फसलों पर एमएसपी की घोषणा की जा चुकी है। इनमें गेहूं, चावल, जौ, ज्वार, बाजरा, मक्का और रागी के साथ ही पांच तरह की दालों और 8 किस्म के तेल बीज, कच्चा कपास व जूट, गन्ना और वीएफसी तंबाकू शामिल हैं। देश के लगभग 9.0 करोड़ टन अनाज भंडारण में भी एमएसपी को बड़ा कारण माना जाता है।
इससे पहले की सरकारों द्वारा कई फसलों को लेकर एमएसपी की घोषणा की जा चुकी है, लेकिन यह घोषणाएं धरातल पर नहीं उतर पाईं हैं। नई सरकार द्वारा भी मूंग को लेकर एमएसपी के दायरे में लाने की घोषणा की गई है, लेकिन अभी तक सरकार ने इसका नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है। मजबूरी में किसानों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। - बलबीर सिंह राजेवाल, अध्यक्ष, भाकियू