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Chandigarh News: वकीलों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई वेबसाइट पर अपलोड करने की मांग
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-बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा को 15 दिन में निर्णय लेने का आदेश
-जनहित याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट के समक्ष उठाया गया था मुद्दा
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। वकीलों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई को वेबसाइट पर डाल कर सार्वजनिक करने की मांग वाली याचिका का पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने निपटारा कर दिया है। हाईकोर्ट ने याची की मांग पर बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा को 15 दिन में निर्णय लेने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए होशियारपुर निवासी सतबीर सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि बार काउंसिल वकीलों की लाइसेंसिंग अथॉरिटी होती है। वकीलों के आचरण को लेकर कोई भी कार्रवाई करने का अधिकार बार काउंसिल को ही होता है। वकीलों के खिलाफ आने वाली शिकायतों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होती है, लेकिन इसकी जानकारी आम आदमी को नहीं मिल पाती है। बार काउंसिल इसके आदेश वेबसाइट पर अपलोड नहीं करती है। याची ने इस बारे में बार काउंसिल को मांगपत्र भी दिया था लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। ऐसे में याची को अपनी इस मांग के लिए हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। हाईकोर्ट ने अब इस याचिका का निपटारा करते हुए याचिका और मांगपत्र 15 दिन के भीतर बार काउंसिल को सौंपने का आदेश दिया है। बार काउंसिल को भी 15 दिन के भीतर मांग पत्र का निपटारा करने का आदेश दिया है।
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-जनहित याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट के समक्ष उठाया गया था मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। वकीलों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई को वेबसाइट पर डाल कर सार्वजनिक करने की मांग वाली याचिका का पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने निपटारा कर दिया है। हाईकोर्ट ने याची की मांग पर बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा को 15 दिन में निर्णय लेने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए होशियारपुर निवासी सतबीर सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि बार काउंसिल वकीलों की लाइसेंसिंग अथॉरिटी होती है। वकीलों के आचरण को लेकर कोई भी कार्रवाई करने का अधिकार बार काउंसिल को ही होता है। वकीलों के खिलाफ आने वाली शिकायतों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होती है, लेकिन इसकी जानकारी आम आदमी को नहीं मिल पाती है। बार काउंसिल इसके आदेश वेबसाइट पर अपलोड नहीं करती है। याची ने इस बारे में बार काउंसिल को मांगपत्र भी दिया था लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। ऐसे में याची को अपनी इस मांग के लिए हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। हाईकोर्ट ने अब इस याचिका का निपटारा करते हुए याचिका और मांगपत्र 15 दिन के भीतर बार काउंसिल को सौंपने का आदेश दिया है। बार काउंसिल को भी 15 दिन के भीतर मांग पत्र का निपटारा करने का आदेश दिया है।
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