{"_id":"6ad7eeb0a2684e7182068eb3","slug":"nutrition-funds-amounting-to-approximately-70-crore-remain-unpaid-to-12000-schools-for-past-six-months-mid-day-2026-10-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापरवाही: छह माह से 12 हजार स्कूलों की करीब 70 करोड़ रुपये की पोषण राशि बकाया, उधारी से चल रहा मिड-डे मील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापरवाही: छह माह से 12 हजार स्कूलों की करीब 70 करोड़ रुपये की पोषण राशि बकाया, उधारी से चल रहा मिड-डे मील
Wed, 21 Oct 2026 04:14 AM IST
Digvijay Singh
कुलदीप शुक्ला, अमर उजाला, चंडीगढ़
कुलदीप शुक्ला, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Digvijay Singh
Updated Wed, 21 Oct 2026 04:14 AM IST
सार
रसोइयों को छह हजार रुपये मासिक मानदेय राज्य सरकार और एक हजार रुपये केंद्र सरकार की ओर से मिलता है। स्कूलों को सब्जी, गैस, दूध, दही और गुड़ जैसी चीजें भी खरीदनी पड़ती हैं। भुगतान अटकने से स्कूलों के लिए रोजाना भोजन तैयार करना मुश्किल हो रहा है।
विज्ञापन
उधारी से चल रहा मिड-डे मील
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरियाणा के करीब 12 हजार प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में बच्चों के मिड-डे मील की केंद्र के हिस्से की राशि अप्रैल से सितंबर तक अटकी हुई है। छह माह से भुगतान नहीं होने के कारण कई स्कूलों में शिक्षक अपनी जेब से खर्च कर रहे हैं जबकि कुछ जगह उधार लेकर व्यवस्था चलानी पड़ रही है। करीब 70 करोड़ रुपये की राशि बकाया है। नई भुगतान व्यवस्था के तहत स्पर्श पोर्टल सिस्टम लागू होने के चलते राशि फंसी हुई है। योजना के तहत खाद्य सामग्री समेत अन्य खर्चों पर हर माह करीब 10 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। दाल, मसाले, तेल, सोया चूरा और आटा जैसी सामग्री एग्रो की ओर से उपलब्ध कराई जाती है।
विज्ञापन
रसोइयों को छह हजार रुपये मासिक मानदेय राज्य सरकार और एक हजार रुपये केंद्र सरकार की ओर से मिलता है। स्कूलों को सब्जी, गैस, दूध, दही और गुड़ जैसी चीजें भी खरीदनी पड़ती हैं। भुगतान अटकने से स्कूलों के लिए रोजाना भोजन तैयार करना मुश्किल हो रहा है। यमुनानगर की राजकीय प्राथमिक पाठशाला काबुलपुर के इंचार्ज शिक्षक प्रदीप कुमार ने बताया, वह अपनी जेब से मिड डे मील का खर्च कर रहे हैं। काबुलपुर के राजकीय प्राथमिक स्कूल रायपुर के हेड टीचर कुलवंत सिंह व कैथल के जीपीएस भानूपुरा के इंचार्ज बलवान के अनुसार उनके स्कूलों में गैस सिलिंडर, दूध-दही और गुड़ जैसी जरूरी चीजें उधार लेकर मंगवानी पड़ रही हैं।
विज्ञापन
नई व्यवस्था के तहत अप्रैल से केंद्र के हिस्से की राशि नहीं आई है। दरअसल अब स्पर्श पोर्टल के जरिये पंचकूला में एक ही साइबर ट्रेजरी है वहां पर बिल जमा करने के बाद अब केंद्रीय टीम को सत्यापन के लिए जाएगा। उम्मीद है कि यह राशि एक सप्ताह के अंदर जारी हो जाएगी। जहां से शिक्षक उधार ले रहे होंगे, उस वेंडर के खाते में भी बकाया राशि जाएगी। वरिंदर गोदारा, जनरल मैनेजर, मिड-डे मील, हरियाणा
विज्ञापन