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Chandigarh News: धारा 506 को जमानती बनाने की मांग, जवाब के लिए सरकार को आखिरी मौका

Sun, 07 Apr 2024 02:21 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 07 Apr 2024 02:21 AM IST
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Demand to legalize section 506
धारा 506 को जमानती बनाने की मांग, जवाब के लिए सरकार को आखिरी मौका
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-देशभर में इस धारा के जमानती होने लेकिन हरियाणा में गैर जमानती होने की है दलील

-पुलिस व राजनीतिज्ञ इस धारा का कर सकते हैं गलत इस्तेमाल, इसलिए बदलना जरूरी

अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। जान से मारने की धमकी देने से जुड़ी धारा 506 को जमानती अपराध बनाने की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका दिया है। कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि अगली सुनवाई पर जवाब दाखिल नहीं किया गया तो सरकार पर जुर्माना लगाया जाएगा। याचिका दाखिल करते हुए पंचकूला निवासी एडवोकेट अंशुल मंगला ने हाईकोर्ट को बताया गया कि आजादी से पहले 1932 में तत्कालीन भारत सरकार ने अधिसूचना जारी कर सीआरपीसी की धारा 506 को जमानती अपराध बताया था। इस अधिसूचना में राज्यों को छूट दी गई थी कि वे चाहे तो इसे गैर जमानती अपराध के तौर पर अधिसूचित कर सकते हैं। याची ने बताया कि यह अपराध हरियाणा में गैर जमानती रखा गया है। याचिका में हाईकोर्ट से अपील की गई है कि जन हित में इस धारा को जमानती अपराध की श्रेणी में रखा जाए ताकि पुलिस व राजनीतिज्ञ इसका गलत इस्तेमाल न कर सकें। याची ने बताया कि देश भर में जमानती अपराध है लेकिन हरियाणा में यह गैर जमानती अपराध है। इसे पुलिस अक्सर अपने लिए हथियार के तौर पर इस्तेमाल करती है। ऐसे में हाईकोर्ट से अपील की गई कि इस मामले में दखल दिया जाए और हरियाणा में इसे जमानती अपराध के तौर पर अधिसूचित किया जाए। हाईकोर्ट ने इस पर हरियाणा सरकार को अगली सुनवाई पर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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