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Chandigarh News: तीन विधायकों की सदस्यता रद्द कराने को लेकर रार, कांग्रेस-जजपा स्पीकर पर लगाए आरोप
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स्पीकर से मिले दुष्यंत चौटाला, कांग्रेस भी मुलाकात की तैयारी में
जोगीराम सिहाग और रामनिवास सुरजाखेड़ा को अयोग्य ठहराने की मांग
भाजपा ज्वाइन कर चुकी किरण चौधरी के खिलाफ कांग्रेस लामबंद
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के तीन विधायकों की सदस्यता रद्द कराने को लेकर रार बढ़ती जा रही है। पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने जजपा के दो विधायकों जोगीराम सिहाग और रामनिवास सुरजाखेड़ा पर कार्रवाई को लेकर शुक्रवार को विधानसभा ज्ञानचंद गुप्ता से मुलाकात की। वहीं, कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जा चुकी किरण चौधरी की सदस्यता रद्द कराने को लेकर कांंग्रेस लामंबद हो गई है। कांग्रेस विधायक दल के उप नेता आफताब अहमद और बीबी बतरा ने तो यहां तक कह दिया है कि स्पीकर संविधान के शेड्यूल-10 और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी उल्लंघन कर रहे हैं। वे इस मामले मे स्पीकर से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
जजपा के दोनों विधायकों पर दल-बदल कानून के तहत आरोप लगाए गए हैं और इनके खिलाफ जजपा के कार्यालय सचिव रणधीर सिंह ने याचिका दायर की हुई है। दोनों ने जजपा विधायक होते हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए प्रचार किया था। दूसरी ओर, तोशाम विधायक किरण चौधरी ने 18 जून को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। 19 जून को उन्होंने भाजपा की सदस्यता हासिल की। दल-बदल कानून के तहत विधानसभा का कोई भी सदस्य अगर किसी दूसरे दल में शामिल होता है तो उसे विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देना होता है। लेकिन किरण चौधरी ने इस्तीफा नहीं दिया। विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के उपनेता आफताब अहमद और चीफ व्हिप बीबी बतरा ने 19 जून को स्पीकर को नोटिस देकर किरण को विधानसभा से अयोग्य घोषित करने की मांग की।
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याचिका रद्द कर स्पीकर ने किया संविधान का उल्लंघन : आफताब
स्पीकर ने कांग्रेस के नोटिस को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि याचिका दायर नहीं की है। हालांकि इसके बाद कांग्रेस ने याचिका भी दायर कर दी, लेकिन विगत दिवस स्पीकर ने इसे भी रद्द कर दिया। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में बीबी बतरा व आफताब अहमद ने कहा कि स्पीकर ने कांग्रेस की याचिका रद्द करके संविधान का उल्लंघन किया है। उनके फैसले को गैर-कानूनी बताते हुए उन्होंने कहा कि दल-बदल कानून के तहत याचिका दायर करने की भी जरूरत नहीं है। नियमानुसार स्पीकर के नोटिस में यह बात आने के बाद उन्हें फैसला करना चाहिए। स्पीकर पर भाजपा के लिए काम करने के आरोप लगाते हुए दोनों विधायकों ने कहा कि नालागढ़ की अदालत से कालका विधायक प्रदीप चौधरी को एक मामले में तीन साल की सजा सुनाई तो स्पीकर ने खुद संज्ञान लेते हुए दो दिन में प्रदीप चौधरी की सदस्यता रद्द कर दी। लेकिन अब दल-बदल कानून के मामले में कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। दोनों विधायकों ने एक बार फिर स्पीकर को शिकायत दी है। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के फैसले की कॉपी भी लगाई है।
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-- -- -- -- -सप्ताहभर में सुनाया जाए फैसला : दुष्यंत चौटाला
दुष्यंत चौटाला ने स्पीकर से आग्रह किया कि जजपा विधायकों पर कार्रवाई के मामले में सप्ताहभर में सुनवाई करके फैसला किया जाए। दुष्यंत का कहना है कि पूर्व स्पीकर कंवरपाल गुर्जर ने अपने कार्यकाल में इनेलो विधायकों की सदस्यता रद्द करने में जरा भी देरी नहीं की थी। अब जजपा के विधायक भाजपा की बोली बोल रहे हैं, इसलिए स्पीकर फैसला करने में देरी कर रहे हैं। पूर्व डिप्टी सीएम का कहना है कि जजपा में रहते भाजपा का प्रचार करना दल-बदल कानून के दायरे में आता है, इसलिए दोनों विधायकों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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जोगीराम सिहाग और रामनिवास सुरजाखेड़ा को अयोग्य ठहराने की मांग
भाजपा ज्वाइन कर चुकी किरण चौधरी के खिलाफ कांग्रेस लामबंद
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के तीन विधायकों की सदस्यता रद्द कराने को लेकर रार बढ़ती जा रही है। पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने जजपा के दो विधायकों जोगीराम सिहाग और रामनिवास सुरजाखेड़ा पर कार्रवाई को लेकर शुक्रवार को विधानसभा ज्ञानचंद गुप्ता से मुलाकात की। वहीं, कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जा चुकी किरण चौधरी की सदस्यता रद्द कराने को लेकर कांंग्रेस लामंबद हो गई है। कांग्रेस विधायक दल के उप नेता आफताब अहमद और बीबी बतरा ने तो यहां तक कह दिया है कि स्पीकर संविधान के शेड्यूल-10 और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी उल्लंघन कर रहे हैं। वे इस मामले मे स्पीकर से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
जजपा के दोनों विधायकों पर दल-बदल कानून के तहत आरोप लगाए गए हैं और इनके खिलाफ जजपा के कार्यालय सचिव रणधीर सिंह ने याचिका दायर की हुई है। दोनों ने जजपा विधायक होते हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए प्रचार किया था। दूसरी ओर, तोशाम विधायक किरण चौधरी ने 18 जून को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। 19 जून को उन्होंने भाजपा की सदस्यता हासिल की। दल-बदल कानून के तहत विधानसभा का कोई भी सदस्य अगर किसी दूसरे दल में शामिल होता है तो उसे विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देना होता है। लेकिन किरण चौधरी ने इस्तीफा नहीं दिया। विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के उपनेता आफताब अहमद और चीफ व्हिप बीबी बतरा ने 19 जून को स्पीकर को नोटिस देकर किरण को विधानसभा से अयोग्य घोषित करने की मांग की।
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याचिका रद्द कर स्पीकर ने किया संविधान का उल्लंघन : आफताब
स्पीकर ने कांग्रेस के नोटिस को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि याचिका दायर नहीं की है। हालांकि इसके बाद कांग्रेस ने याचिका भी दायर कर दी, लेकिन विगत दिवस स्पीकर ने इसे भी रद्द कर दिया। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में बीबी बतरा व आफताब अहमद ने कहा कि स्पीकर ने कांग्रेस की याचिका रद्द करके संविधान का उल्लंघन किया है। उनके फैसले को गैर-कानूनी बताते हुए उन्होंने कहा कि दल-बदल कानून के तहत याचिका दायर करने की भी जरूरत नहीं है। नियमानुसार स्पीकर के नोटिस में यह बात आने के बाद उन्हें फैसला करना चाहिए। स्पीकर पर भाजपा के लिए काम करने के आरोप लगाते हुए दोनों विधायकों ने कहा कि नालागढ़ की अदालत से कालका विधायक प्रदीप चौधरी को एक मामले में तीन साल की सजा सुनाई तो स्पीकर ने खुद संज्ञान लेते हुए दो दिन में प्रदीप चौधरी की सदस्यता रद्द कर दी। लेकिन अब दल-बदल कानून के मामले में कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। दोनों विधायकों ने एक बार फिर स्पीकर को शिकायत दी है। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के फैसले की कॉपी भी लगाई है।
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दुष्यंत चौटाला ने स्पीकर से आग्रह किया कि जजपा विधायकों पर कार्रवाई के मामले में सप्ताहभर में सुनवाई करके फैसला किया जाए। दुष्यंत का कहना है कि पूर्व स्पीकर कंवरपाल गुर्जर ने अपने कार्यकाल में इनेलो विधायकों की सदस्यता रद्द करने में जरा भी देरी नहीं की थी। अब जजपा के विधायक भाजपा की बोली बोल रहे हैं, इसलिए स्पीकर फैसला करने में देरी कर रहे हैं। पूर्व डिप्टी सीएम का कहना है कि जजपा में रहते भाजपा का प्रचार करना दल-बदल कानून के दायरे में आता है, इसलिए दोनों विधायकों पर कार्रवाई होनी चाहिए।